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संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकाली जा रही ‘किसान जागृति यात्रा’ शुक्रवार को अशोकनगर पहुंची। यात्रा के स्वागत में जिले भर के किसानों ने एक विशाल ट्रैक्टर-बाइक रैली निकाली, जिसने शहर में शक्ति प्रदर्शन का रूप ले लिया। यह रैली त्रिदेव मंदिर, विदिशा रोड से शुरू हुई। सेन चौराहा और नया बस स्टैंड होते हुए यह राजमाता चौराहे पर समाप्त हुई, जहां एक आमसभा का आयोजन किया गया। आमसभा में पंजाब के किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल, हरियाणा के अभिमन्यु कुहाड़ और राजस्थान के इंद्रजीत पन्नीवाला सहित कई किसान नेता शामिल हुए। इन नेताओं ने फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानूनी गारंटी की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक एमएसपी को कानूनी दर्जा नहीं मिलेगा, किसानों को उनकी उपज का उचित दाम नहीं मिलेगा और उनका शोषण जारी रहेगा। किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ ने सरकार की कृषि नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि गलत नीतियों के कारण किसान आत्महत्या करने को मजबूर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि किसानों के अधिकारों की लड़ाई है। जगजीत सिंह डल्लेवाल ने अमेरिका से आयातित जेनेटिकली मॉडिफाइड (GM) उत्पादों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जीएम सोया तेल के आयात से मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के सोयाबीन उत्पादकों को भारी नुकसान हो सकता है। इसका डेयरी उद्योग पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। रैली के समापन पर, किसान प्रतिनिधिमंडल ने अपर कलेक्टर डी.एन. सिंह को मुख्यमंत्री के नाम एक पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की प्रमुख मांगों में सभी फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, अमेरिका के साथ हुई कृषि व्यापार डील को रद्द करना, पराली प्रबंधन के लिए आधुनिक उपकरण और मुआवजा, गेहूं की खरीद 2700 रुपये प्रति क्विंटल सुनिश्चित करना तथा खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था में सुधार शामिल हैं। कार्यक्रम के अंत में, किसान नेताओं ने किसानों से 19 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाले प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया।












































