Sunday, 31 May 2026 | 12:39 AM

Trending :

शिवकुमार को सीएलपी नेता चुने जाने के बाद कर्नाटक में ‘डीकेएस सरकार’ हकीकत के करीब पहुंची | शीर्ष बिंदु | भारत समाचार सुरक्षा उल्लंघन का एनाटॉमी: बंगाल के सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी का विवरण कैसे छीन लिया गया | भारत समाचार आशुतोष राणा के 'हमारे राम' शो के दौरान लगी आग:शॉर्ट सर्किट से कंट्रोल पैनल में भड़की लपटें, ऑडिटोरियम में अंधेरा; एक्टर और लोगों का रेस्क्यू सात्विक-चिराग सिंगापुर ओपन बैडमिंटन के फाइनल में पहुंचे:दुनिया की नंबर-1 जोड़ी को हराया; कोरिया के वर्ल्ड चैंपियंस को 21-19, 21-18 से हराया IPL फाइनल- टिकट बुंकिंग को लेकर फैंस ने शिकायत की:स्टेडियम के बाहर विराट की टी-शर्ट ज्यादा बिक रही; मैच से पहले मंदिर पहुंचे क्रुणाल IPL फाइनल- टिकट बुंकिंग को लेकर फैंस ने शिकायत की:स्टेडियम के बाहर विराट की टी-शर्ट ज्यादा बिक रही; मैच से पहले मंदिर पहुंचे क्रुणाल
EXCLUSIVE

जरूरत की खबर- ‘मच्छर अगरबत्तियों’ में खतरनाक केमिकल्स:खरीदने से पहले चेक करें ये 7 चीजें, नेचुरल तरीकों से मच्छर भगाने के 11 टिप्स

जरूरत की खबर- 'मच्छर अगरबत्तियों' में खतरनाक केमिकल्स:खरीदने से पहले चेक करें ये 7 चीजें, नेचुरल तरीकों से मच्छर भगाने के 11 टिप्स

बीते महीने महाराष्ट्र सरकार ने मच्छर भगाने वाली दो बड़ी अगरबत्ती कंपनियों को प्रतिबंधित कर दिया। हम अक्सर मच्छर अगरबत्ती या मच्छर भगाने वाले प्रोडक्ट्स जलाकर चैन की नींद सो जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनका धुआं हमारी सेहत पर भारी पड़ सकता है? महाराष्ट्र सरकार ने ‘मच्छर अगरबत्तियों’ की जांच में पाया कि इनमें डाइमेफ्लुथ्रिन (Dimefluthrin) जैसे खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल हो रहा है। ये सांस के जरिए शरीर में जाकर हमारे फेफड़ों और नर्वस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। सेंट्रल इंसेक्टिसाइड्स बोर्ड एंड रजिस्ट्रेशन कमेटी (CIBRC) की मंजूरी के बिना बाजार में बिकने वाले ऐसे प्रोडक्ट्स बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों के लिए किसी ‘साइलेंट किलर’ से कम नहीं हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बात मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों की। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. संदीप कटियार, सीनियर कंसल्टेंट, पल्मोनोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर सवाल- ‘मच्छर अगरबत्तियों’ पर बैन क्यों लगाया गया? जवाब- इसके पीछे कई कारण हैं- सवाल- इन अवैध ‘मच्छर अगरबत्तियों’ में कौन से केमिकल्स मिले थे? ये केमिकल्स कितने खतरनाक हैं? जवाब- इसका जवाब पॉइंटर्स में समझिए- सवाल- इन केमिकल्स का धुआं लंग्स और ओवरऑल सेहत को कैसे प्रभावित करता है? जवाब- मच्छर अगरबत्तियों के केमिकल्स का धुआं हमारी सेहत को इस तरह प्रभावित करता है- सवाल- इससे किन लोगों को ज्यादा जोखिम हो सकता है? जवाब- मच्छर अगरबत्ती के धुएं से कुछ लोगों को ज्यादा रिस्क होता है। इसे ग्राफिक में देखिए- इसे विस्तार से समझिए बच्चे- उनके लंग्स डेवलपिंग स्टेज में होते हैं, तो धुआं ज्यादा नुकसान करता है। बुजुर्ग- कमजोर इम्यूनिटी और पहले से मौजूद बीमारियों के कारण रिस्क ज्यादा होता है। अस्थमा या COPD मरीज- जिन्हें क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज और अस्थमा जैसी सांस संबंधी बीमारियां हैं, उनके लिए अगरबत्ती का धुआं ज्यादा नुकसानदायक है। एलर्जेटिक लोग- केमिकल्स से एलर्जिक रिएक्शन बढ़ सकता है। गर्भवती महिलाएं- धुआं प्रेग्नेंट महिला और गर्भस्थ शिशु, दोनों की सेहत को प्रभावित कर सकता है। हार्ट पेशेंट्स- प्रदूषित हवा हार्ट पर अतिरिक्त दबाव डालती है। इनडोर रहने वाले लोग- बंद कमरों में धुआं ज्यादा जमा होता है, जिससे एक्सपोजर बढ़ता है। सवाल- मच्छर भगाने वाले प्रोडक्ट्स खरीदते समय क्या-क्या चेक करना जरूरी है? जवाब- मच्छर भगाने वाले प्रोडक्ट्स खरीदते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए। इन्हें ग्राफिक में देखिए- अब ये सभी पॉइंट्स विस्तार से समझिए- CIBRC रजिस्ट्रेशन नंबर: केवल वही प्रोडक्ट लें, जिन्हें सरकार से स्वीकृति मिली हुई है। एक्टिव केमिकल्स: लेबल पर लिखे केमिकल्स (जैसे एल्थ्रिन आदि) की जानकारी देखें। निर्माता की जानकारी: कंपनी का नाम, पता और लाइसेंस नंबर स्पष्ट होना चाहिए। एक्सपायरी डेट: प्रोडक्ट की एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। इस्तेमाल के इंस्ट्रक्शन: सही और सुरक्षित इस्तेमाल के निर्देश पढ़ें। सेफ्टी इंस्ट्रक्शन: बच्चों और पालतू जानवरों के लिए सावधानियां देखें। सील और पैकेजिंग: नकली या खुले पैक न खरीदें। सवाल- इन प्रोडक्ट्स पर सेंट्रल इंसेक्टिसाइड्स बोर्ड एंड रजिस्ट्रेशन कमेटी (CIBRC) का रजिस्ट्रेशन नंबर चेक करना क्यों जरूरी है? जवाब- CIBRC नंबर उपभोक्ता सुरक्षा की गारंटी है। इसलिए इसे चेक करना जरूरी है- सवाल- अवैध या संदिग्ध प्रोडक्ट की शिकायत कहां कर सकते हैं? जवाब- इसकी शिकायत इन जगहों पर लिखित या ऑनलाइन कर सकते हैं – सवाल- नेचुरल तरीके से मच्छर भगाने के कुछ घरेलू नुस्खे बताएं? जवाब- केमिकल कॉइल्स और मॉस्किटो वेपोराइजर सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। ऐसे में मच्छरों से बचाव के लिए कुछ सुरक्षित और प्राकृतिक तरीके नीचे ग्राफिक में देखें- इन पॉइंट्स को विस्तार से समझिए- कपूर: कमरे की खिड़कियां बंद करके 20 मिनट के लिए कपूर जलाएं या खुले बर्तन में कपूर की टिकिया रखें। इसकी गंध मच्छरों को दूर भगाती है। नीम का तेल: नीम का तेल केमिकल वेपोराइजर से अधिक प्रभावी और सुरक्षित है। इसे नारियल तेल में मिलाकर शरीर पर लगाने से मच्छर नहीं काटते हैं। नींबू और लौंग: आधे कटे नींबू में लौंग गाड़कर कमरे के कोनों में रखें। इन दोनों की मिक्स स्मेल मच्छरों को नापसंद होती है। लहसुन का स्प्रे: लहसुन की कलियों को पानी में उबालकर स्प्रे बोतल में भर लें। इसे घर में छिड़कने से मच्छर नहीं आते हैं। पुदीना (मिंट) ऑयल: पुदीने के तेल का छिड़काव करें या इसके पौधे को कमरे में रखें। इसकी तेज गंध मच्छरों को भगाने में कारगर है। एसेंशियल ऑयल्स: लैवेंडर, टी-ट्री और सिट्रोनेला तेल को पानी में मिलाकर नेचुरल स्प्रे की तरह इस्तेमाल करें। नीलगिरी तेल: नीलगिरी के तेल में एंटी-मॉस्किटो गुण होते हैं। इसे डिफ्यूजर में या पानी में मिलाकर छिड़कें। तुलसी का पौधा: घर की बालकनी या आंगन में तुलसी लगाएं। इसके औषधीय गुण और सुगंध मच्छरों को रोकने में मदद करते हैं। लेमनग्रास: इसमें सिट्रोनेला (एसेंशियल ऑयल) होता है, जो मच्छर भगाने वाले प्रोडक्ट्स का मुख्य बेस है। इसे बालकनी या बगीचे में लगाने से मच्छर अंदर नहीं आते हैं। ………………
ये खबर भी पढ़िए
जरूरत की खबर- आंखों की रोशनी कैसे बढ़ाएं: रेगुलर करें ये 8 आई एक्सरसाइज, डाइट में शामिल करें ये हेल्दी चीजें, न करें 8 गलतियां
मौजूदा वक्त में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। ये चीजें जिंदगी में इस कदर हावी हो गई हैं कि हम अपनी नींद भी पूरी नहीं कर पाते हैं। इसका सीधा असर आंखों पर पड़ता है। नतीजतन आंखों की रोशनी कम हो रही है। आगे पढ़िए…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय फ्लोर टेस्ट लाइव, टीवीके आज बहुमत चाहता है

May 21, 2026/
1:06 pm

आखरी अपडेट:21 मई, 2026, 13:06 IST आने वाले दिनों में वीसीके और आईयूएमएल दोनों के सरकार में शामिल होने की...

AI फोटो में घुटनों पर बैठे दिखाने पर भड़कीं उर्वशी:बोलीं- यह टॉक्सिसिटी बंद करें; फोटो में फीमेल एक्टर्स के आगे झुकते दिखाया गया

May 27, 2026/
8:00 pm

बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला ने सोशल मीडिया पर अभिनेत्रियों के बीच होने वाली तुलना और फैन वॉर पर नाराजगी जताई...

रिलायंस की 49वीं AGM 19 जून को:₹6 डिविडेंड को मंजूरी मिल सकती है, बुधवार को कंपनी का शेयर ₹4 गिरकर 1,352 पर बंद हुआ

May 28, 2026/
12:44 pm

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) की 49वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) 19 जून 2026 को होगी। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को...

तस्वीर का विवरण

May 14, 2026/
3:51 pm

सामग्री: 1 कप ढीली मूंग दाल, 100 ग्राम पनीर, 1 प्याज, 1 छोटा चम्मच हरी मिर्च, हरा धनियां, 1 छोटा...

पन्ना में तेज हवाओं से उखड़ गए पेड़:पन्ना-अमानगंज मार्ग हुआ बंद, कई गांवों में बिजली गुल

April 30, 2026/
8:05 pm

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गुरुवार 30 अप्रैल की शाम को तेज आंधी और बेमौसम बारिश ने भारी तबाही...

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका के टेक्सास में तेल रिफाइनरी में भीषण आग, हीटर में विस्फोट से हादसा

March 24, 2026/
7:51 am

अमेरिका के टेक्सास राज्य के पोर्ट आर्थर शहर में स्थित वैलेरो ऑयल रिफाइनरी में सोमवार रात बड़ा धमाका हुआ, जिसके...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

जरूरत की खबर- ‘मच्छर अगरबत्तियों’ में खतरनाक केमिकल्स:खरीदने से पहले चेक करें ये 7 चीजें, नेचुरल तरीकों से मच्छर भगाने के 11 टिप्स

जरूरत की खबर- 'मच्छर अगरबत्तियों' में खतरनाक केमिकल्स:खरीदने से पहले चेक करें ये 7 चीजें, नेचुरल तरीकों से मच्छर भगाने के 11 टिप्स

बीते महीने महाराष्ट्र सरकार ने मच्छर भगाने वाली दो बड़ी अगरबत्ती कंपनियों को प्रतिबंधित कर दिया। हम अक्सर मच्छर अगरबत्ती या मच्छर भगाने वाले प्रोडक्ट्स जलाकर चैन की नींद सो जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनका धुआं हमारी सेहत पर भारी पड़ सकता है? महाराष्ट्र सरकार ने ‘मच्छर अगरबत्तियों’ की जांच में पाया कि इनमें डाइमेफ्लुथ्रिन (Dimefluthrin) जैसे खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल हो रहा है। ये सांस के जरिए शरीर में जाकर हमारे फेफड़ों और नर्वस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। सेंट्रल इंसेक्टिसाइड्स बोर्ड एंड रजिस्ट्रेशन कमेटी (CIBRC) की मंजूरी के बिना बाजार में बिकने वाले ऐसे प्रोडक्ट्स बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों के लिए किसी ‘साइलेंट किलर’ से कम नहीं हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बात मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों की। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. संदीप कटियार, सीनियर कंसल्टेंट, पल्मोनोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर सवाल- ‘मच्छर अगरबत्तियों’ पर बैन क्यों लगाया गया? जवाब- इसके पीछे कई कारण हैं- सवाल- इन अवैध ‘मच्छर अगरबत्तियों’ में कौन से केमिकल्स मिले थे? ये केमिकल्स कितने खतरनाक हैं? जवाब- इसका जवाब पॉइंटर्स में समझिए- सवाल- इन केमिकल्स का धुआं लंग्स और ओवरऑल सेहत को कैसे प्रभावित करता है? जवाब- मच्छर अगरबत्तियों के केमिकल्स का धुआं हमारी सेहत को इस तरह प्रभावित करता है- सवाल- इससे किन लोगों को ज्यादा जोखिम हो सकता है? जवाब- मच्छर अगरबत्ती के धुएं से कुछ लोगों को ज्यादा रिस्क होता है। इसे ग्राफिक में देखिए- इसे विस्तार से समझिए बच्चे- उनके लंग्स डेवलपिंग स्टेज में होते हैं, तो धुआं ज्यादा नुकसान करता है। बुजुर्ग- कमजोर इम्यूनिटी और पहले से मौजूद बीमारियों के कारण रिस्क ज्यादा होता है। अस्थमा या COPD मरीज- जिन्हें क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज और अस्थमा जैसी सांस संबंधी बीमारियां हैं, उनके लिए अगरबत्ती का धुआं ज्यादा नुकसानदायक है। एलर्जेटिक लोग- केमिकल्स से एलर्जिक रिएक्शन बढ़ सकता है। गर्भवती महिलाएं- धुआं प्रेग्नेंट महिला और गर्भस्थ शिशु, दोनों की सेहत को प्रभावित कर सकता है। हार्ट पेशेंट्स- प्रदूषित हवा हार्ट पर अतिरिक्त दबाव डालती है। इनडोर रहने वाले लोग- बंद कमरों में धुआं ज्यादा जमा होता है, जिससे एक्सपोजर बढ़ता है। सवाल- मच्छर भगाने वाले प्रोडक्ट्स खरीदते समय क्या-क्या चेक करना जरूरी है? जवाब- मच्छर भगाने वाले प्रोडक्ट्स खरीदते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए। इन्हें ग्राफिक में देखिए- अब ये सभी पॉइंट्स विस्तार से समझिए- CIBRC रजिस्ट्रेशन नंबर: केवल वही प्रोडक्ट लें, जिन्हें सरकार से स्वीकृति मिली हुई है। एक्टिव केमिकल्स: लेबल पर लिखे केमिकल्स (जैसे एल्थ्रिन आदि) की जानकारी देखें। निर्माता की जानकारी: कंपनी का नाम, पता और लाइसेंस नंबर स्पष्ट होना चाहिए। एक्सपायरी डेट: प्रोडक्ट की एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। इस्तेमाल के इंस्ट्रक्शन: सही और सुरक्षित इस्तेमाल के निर्देश पढ़ें। सेफ्टी इंस्ट्रक्शन: बच्चों और पालतू जानवरों के लिए सावधानियां देखें। सील और पैकेजिंग: नकली या खुले पैक न खरीदें। सवाल- इन प्रोडक्ट्स पर सेंट्रल इंसेक्टिसाइड्स बोर्ड एंड रजिस्ट्रेशन कमेटी (CIBRC) का रजिस्ट्रेशन नंबर चेक करना क्यों जरूरी है? जवाब- CIBRC नंबर उपभोक्ता सुरक्षा की गारंटी है। इसलिए इसे चेक करना जरूरी है- सवाल- अवैध या संदिग्ध प्रोडक्ट की शिकायत कहां कर सकते हैं? जवाब- इसकी शिकायत इन जगहों पर लिखित या ऑनलाइन कर सकते हैं – सवाल- नेचुरल तरीके से मच्छर भगाने के कुछ घरेलू नुस्खे बताएं? जवाब- केमिकल कॉइल्स और मॉस्किटो वेपोराइजर सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। ऐसे में मच्छरों से बचाव के लिए कुछ सुरक्षित और प्राकृतिक तरीके नीचे ग्राफिक में देखें- इन पॉइंट्स को विस्तार से समझिए- कपूर: कमरे की खिड़कियां बंद करके 20 मिनट के लिए कपूर जलाएं या खुले बर्तन में कपूर की टिकिया रखें। इसकी गंध मच्छरों को दूर भगाती है। नीम का तेल: नीम का तेल केमिकल वेपोराइजर से अधिक प्रभावी और सुरक्षित है। इसे नारियल तेल में मिलाकर शरीर पर लगाने से मच्छर नहीं काटते हैं। नींबू और लौंग: आधे कटे नींबू में लौंग गाड़कर कमरे के कोनों में रखें। इन दोनों की मिक्स स्मेल मच्छरों को नापसंद होती है। लहसुन का स्प्रे: लहसुन की कलियों को पानी में उबालकर स्प्रे बोतल में भर लें। इसे घर में छिड़कने से मच्छर नहीं आते हैं। पुदीना (मिंट) ऑयल: पुदीने के तेल का छिड़काव करें या इसके पौधे को कमरे में रखें। इसकी तेज गंध मच्छरों को भगाने में कारगर है। एसेंशियल ऑयल्स: लैवेंडर, टी-ट्री और सिट्रोनेला तेल को पानी में मिलाकर नेचुरल स्प्रे की तरह इस्तेमाल करें। नीलगिरी तेल: नीलगिरी के तेल में एंटी-मॉस्किटो गुण होते हैं। इसे डिफ्यूजर में या पानी में मिलाकर छिड़कें। तुलसी का पौधा: घर की बालकनी या आंगन में तुलसी लगाएं। इसके औषधीय गुण और सुगंध मच्छरों को रोकने में मदद करते हैं। लेमनग्रास: इसमें सिट्रोनेला (एसेंशियल ऑयल) होता है, जो मच्छर भगाने वाले प्रोडक्ट्स का मुख्य बेस है। इसे बालकनी या बगीचे में लगाने से मच्छर अंदर नहीं आते हैं। ………………
ये खबर भी पढ़िए
जरूरत की खबर- आंखों की रोशनी कैसे बढ़ाएं: रेगुलर करें ये 8 आई एक्सरसाइज, डाइट में शामिल करें ये हेल्दी चीजें, न करें 8 गलतियां
मौजूदा वक्त में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। ये चीजें जिंदगी में इस कदर हावी हो गई हैं कि हम अपनी नींद भी पूरी नहीं कर पाते हैं। इसका सीधा असर आंखों पर पड़ता है। नतीजतन आंखों की रोशनी कम हो रही है। आगे पढ़िए…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.