Monday, 21 Sep 2026 | 08:26 PM

Trending :

EXCLUSIVE

ट्रम्प ने लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका किया:इसके बीच अमेरिका-कनाडा का बॉर्डर; PM कार्नी बोले- जो नाम पहले था वही रहेगा

ट्रम्प ने लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका किया:यह अमेरिका और कनाडा का बॉर्डर; दोनों देशों की पांच बड़ी झीलों में शामिल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को लेक ओंटारियो का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने के आदेश पर साइन किए। आदेश के मुताबिक, 30 दिनों में यह प्रक्रिया पूरी होगी और इसके बाद अमेरिका के सरकारी नक्शों व रिकॉर्ड में नया नाम इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रम्प ने इस फैसले की तुलना मैक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर ‘अमेरिका की खाड़ी’ करने से की। उन्होंने मजाक में कहा कि अब अमेरिका के पास एक खाड़ी और एक झील है, शायद आगे अटलांटिक या प्रशांत महासागर का नाम बदलने के बारे में भी सोचना पड़े। वहीं, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने लेक ओंटारियो का नाम बदलने के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- हम जानते हैं अमेरिका नाम बदल रहा है, लेकिन कनाडाई भी जानते हैं कि हकीकत में इसका नाम लेक ओंटारियो ही है। पहले भी, अब भी और हमेशा। कनाडा इस झील को लेक ओंटारियो ही बुलाएगा। लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा के बीच स्थित पांच बड़ी झीलों में से एक है। इसके एक तरफ न्यूयॉर्क और दूसरी तरफ कनाडा का ओंटारियो प्रांत है। दोनों देशों की सीमा भी इसी झील से होकर गुजरती है। ट्रम्प ने कहा था- नाम बदलने पर विचार कर रहा ट्रम्प ने 25 अगस्त को पहली बार लेक ओंटारियो का नाम बदलने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अमेरिका का कनाडा के साथ ज्यादा कारोबार होने की उम्मीद नहीं है, इसलिए झील का नाम बदलने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके दो दिन बाद उन्होंने इस फैसले को आधिकारिक बनाने के लिए आदेश पर साइन कर दिए। ट्रम्प ने अपने आदेश में कहा कि लेक ओंटारियो अमेरिका की अर्थव्यवस्था और विरासत का अहम हिस्सा है। यह व्यापार, जहाजरानी, रक्षा, कृषि और ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि ग्रेट लेक्स के संरक्षण पर अमेरिका ने पिछले 10 साल में करीब 4 अरब डॉलर यानी 38 हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं। अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार को लेकर तनाव नाम बदलने का फैसला अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच आया है। हाल ही में अमेरिका ने कनाडा के करीब 20 अरब डॉलर यानी लगभग 1.7 लाख करोड़ रुपए के सामान पर 50% टैरिफ लगाने का फैसला किया है। इसके जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी सामान पर उतना ही टैरिफ लगाने का ऐलान किया। ट्रम्प ने कहा कि व्यापार के मामले में कनाडा से निपटना सबसे मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कनाडा अमेरिका के साथ ठीक व्यवहार नहीं करता और वह किसी भी हाल में यह स्वीकार नहीं कर सकते। लेक ओंटारियो के नाम पर पड़ा ओंटारियो प्रांत का नाम लेक ओंटारियो का नाम यूरोपीय लोगों के अमेरिका पहुंचने से भी पहले से चला आ रहा है। यह नाम ह्यूरॉन समुदाय की भाषा के एक शब्द से निकला है, जिसका अर्थ ‘चमकते पानी की झील’ बताया जाता है। बाद में कनाडा के ओंटारियो प्रांत का नाम भी इसी झील के नाम पर रखा गया। हालांकि, नाम बदलने को लेकर एक अहम बात है। दुनिया की अंतरराष्ट्रीय झीलों और जलक्षेत्रों के नाम तय करने वाली कोई एक वैश्विक संस्था नहीं है। अमेरिका अपने सरकारी दस्तावेजों और नक्शों में इसे ‘लेक अमेरिका’ कह सकता है, लेकिन कनाडा अपनी तरफ से पुराने नाम ‘लेक ओंटारियो’ का इस्तेमाल जारी रख सकता है। क्या अमेरिका अकेले नाम बदल सकता है? अमेरिकी सरकार अपने आधिकारिक दस्तावेजों, सरकारी नक्शों और रिकॉर्ड में किसी जगह के लिए नया नाम इस्तेमाल करने का फैसला कर सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दूसरे देश भी उस नाम को स्वीकार करने के लिए बाध्य होंगे। लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा दोनों से जुड़ी है। इसलिए अगर अमेरिकी सरकार अपने दस्तावेजों में इसे ‘लेक अमेरिका’ कहना शुरू भी कर दे, तो कनाडा अपने सरकारी रिकॉर्ड में ‘लेक ओंटारियो’ नाम जारी रख सकता है। दूसरे देश और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी अमेरिकी नाम को अपने आप अपनाने के लिए बाध्य नहीं होंगी। यानी नाम बदलने से झील का मालिकाना हक नहीं बदल जाएगा। ‘लेक अमेरिका’ नाम इस्तेमाल करने से झील का कनाडाई हिस्सा अमेरिकी क्षेत्र नहीं बन जाएगा। ‘गल्फ ऑफ मेक्सिको’ का नाम बदल चुके हैं ट्रम्प ट्रम्प के लिए किसी जगह का नाम बदलना नया नहीं है। जनवरी 2025 में उन्होंने ‘गल्फ ऑफ मेक्सिको’ को अमेरिकी सरकारी इस्तेमाल के लिए ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ करने का आदेश दिया था। इसके बाद अमेरिकी एजेंसियों ने अपने रिकॉर्ड और नक्शों में नया नाम इस्तेमाल करना शुरू किया, लेकिन मेक्सिको ने इसे स्वीकार नहीं किया। तब मेक्सिको ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का हवाला देते हुए कहा था कि अमेरिका अपने अधिकार क्षेत्र के आधार पर पूरे गल्फ का नाम अकेले नहीं बदल सकता। हालांकि, लेक ओंटारियो और गल्फ ऑफ मेक्सिको की कानूनी स्थिति अलग है। गल्फ समुद्री क्षेत्र है, जबकि लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा के बीच साझा झील है। अमेरिका-कनाडा के बीच विवाद की 5 बड़ी वजहें 1. टैरिफ की नई लड़ाई सबसे बड़ा विवाद टैरिफ को लेकर है। अमेरिका ने कनाडा के करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर 50% तक अतिरिक्त शुल्क लगाया है। इसमें शराब, डेयरी, फर्नीचर, हॉकी उपकरण और कई दूसरे सामान शामिल हैं। बातचीत टूटने के बाद कनाडा ने भी डॉलर-फॉर-डॉलर जवाबी टैरिफ लगाने का फैसला किया है। 2. कनाडा को 51वां राज्य कहना ट्रम्प कई बार कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कह चुके हैं। ट्रम्प का कहना है कि अमेरिका व्यापार के मामले में कनाडा को अरबों डॉलर का फायदा पहुंचाता है। यदि कनाडा अमेरिका का हिस्सा बन जाता है, तो यह व्यापारिक असमानता और टैरिफ से जुड़े विवाद अपने आप खत्म हो जाएंगे। 3. ट्रूडो को कनाडा का गवर्नर कहना ट्रम्प ने कई बार कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को तंजिया लहजे में ‘गवर्नर’ कहकर संबोधित किया था। कनाडाई नेताओं और जनता ने इसे अपनी संप्रभुता का अपमान माना। 4. सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ और फेंटानिल तस्करी अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ती सीमा सुरक्षा चिंताएं भी बड़े विवाद का कारण बनी हैं। ट्रम्प प्रशासन का आरोप रहा है कि कनाडा की उत्तरी सीमा से अवैध प्रवासियों की घुसपैठ और खतरनाक नशीली दवाओं (विशेषकर फेंटानिल) की तस्करी अमेरिका में बढ़ रही है। अमेरिका ने कनाडा से अपनी सीमाओं पर सख्त निगरानी और सख्त आव्रजन नीतियां लागू करने की मांग की है। 5. डेयरी और कृषि विवाद अमेरिका लंबे समय से कनाडा की ‘सप्लाई मैनेजमेंट’ सिस्टम का विरोध करता रहा है, जो कनाडाई डेयरी और पोल्ट्री (मुर्गी पालन) मार्केट को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाती है। अमेरिका चाहता है कि कनाडा अपने डेयरी बाजार को अमेरिकी किसानों के लिए पूरी तरह खोले। ————————– यह खबर भी पढ़ें… कनाडाई PM बोले- अमेरिका और हमारे बीच जंग के हालात: ट्रम्प के टैरिफ को हमला बताया; US पर जवाबी टैरिफ लगाने का ऐलान किया कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के साथ बढ़ते ट्रेड विवाद को लेकर कहा है कि “हम जंग में हैं, क्योंकि हम पर हमला हुआ है।” उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ को कनाडा पर हमला बताया। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Valsad Asaram Visit | Supporters Block Media, Cover Faces

February 24, 2026/
5:12 pm

वलसाड32 मिनट पहले कॉपी लिंक समर्थकों ने मीडियाकर्मियों को कैमरों को ढंकने की कोशिश की। दुष्कर्म के केस में आजीवन...

Nehal Wadhera and Shreyas Iyer are building a partnership (Picture credit: AP)

April 4, 2026/
12:07 pm

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 12:07 IST तमिलनाडु चुनाव 2026: तमिलनाडु चुनाव के लिए दायर चुनावी हलफनामों के आधार पर, अभिनेता...

भोपाल में 1 महीने पहले बुकिंग, नहीं मिला गैस सिलेंडर:एजेंसी पर फूटा गुस्सा; खाद्य विभाग की टीम पहुंचा, तब मिलें सिलेंडर

April 24, 2026/
12:23 am

भोपाल के एयरपोर्ट रोड स्थित जानवी इंडेन गैस एजेंसी पर गुरुवार को फिर से हंगामा हो गया। रसोई गैस की...

ममता ने कहा- दिल्ली के जमींदारों को मुंहतोड़ जवाब दें:अमित शाह बोले- घुसपैठियों को वोटर लिस्ट से हटाया, अब देश से निकालेंगे

April 16, 2026/
6:08 am

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को बंगाली नव वर्ष के अवसर पर लोगों को ‘पोइला बोइशाख’ की...

'बंगाल की जनता टीएमसी के व्यवहार से विश्वास', बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन का सीएम ममता बनर्जी पर हमला

April 20, 2026/
9:57 pm

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित बीजेपी अध्यक्ष ने कहा, ममता सरकार को जनता...

Kerala Lottery Result Today: The first prize winner of Sthree Sakthi SS-513 will take home Rs 1 crore. (Image: Shutterstock)

March 31, 2026/
6:20 am

आखरी अपडेट:मार्च 31, 2026, 06:20 IST टीवीके प्रमुख विजय ने जनता और उनके काफिले दोनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था में...

Sameer Rizvi; DC vs MI IPL 2026 LIVE Score Update

April 4, 2026/
5:10 am

स्पोर्ट्स डेस्क35 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL में 19वें सीजन का पहला डबल हेडर आज खेला जाएगा। पहला मैच दिल्ली...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

ट्रम्प ने लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका किया:इसके बीच अमेरिका-कनाडा का बॉर्डर; PM कार्नी बोले- जो नाम पहले था वही रहेगा

ट्रम्प ने लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका किया:यह अमेरिका और कनाडा का बॉर्डर; दोनों देशों की पांच बड़ी झीलों में शामिल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को लेक ओंटारियो का नाम बदलकर ‘लेक अमेरिका’ करने के आदेश पर साइन किए। आदेश के मुताबिक, 30 दिनों में यह प्रक्रिया पूरी होगी और इसके बाद अमेरिका के सरकारी नक्शों व रिकॉर्ड में नया नाम इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रम्प ने इस फैसले की तुलना मैक्सिको की खाड़ी का नाम बदलकर ‘अमेरिका की खाड़ी’ करने से की। उन्होंने मजाक में कहा कि अब अमेरिका के पास एक खाड़ी और एक झील है, शायद आगे अटलांटिक या प्रशांत महासागर का नाम बदलने के बारे में भी सोचना पड़े। वहीं, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने लेक ओंटारियो का नाम बदलने के फैसले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा- हम जानते हैं अमेरिका नाम बदल रहा है, लेकिन कनाडाई भी जानते हैं कि हकीकत में इसका नाम लेक ओंटारियो ही है। पहले भी, अब भी और हमेशा। कनाडा इस झील को लेक ओंटारियो ही बुलाएगा। लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा के बीच स्थित पांच बड़ी झीलों में से एक है। इसके एक तरफ न्यूयॉर्क और दूसरी तरफ कनाडा का ओंटारियो प्रांत है। दोनों देशों की सीमा भी इसी झील से होकर गुजरती है। ट्रम्प ने कहा था- नाम बदलने पर विचार कर रहा ट्रम्प ने 25 अगस्त को पहली बार लेक ओंटारियो का नाम बदलने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि अमेरिका का कनाडा के साथ ज्यादा कारोबार होने की उम्मीद नहीं है, इसलिए झील का नाम बदलने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके दो दिन बाद उन्होंने इस फैसले को आधिकारिक बनाने के लिए आदेश पर साइन कर दिए। ट्रम्प ने अपने आदेश में कहा कि लेक ओंटारियो अमेरिका की अर्थव्यवस्था और विरासत का अहम हिस्सा है। यह व्यापार, जहाजरानी, रक्षा, कृषि और ऊर्जा के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि ग्रेट लेक्स के संरक्षण पर अमेरिका ने पिछले 10 साल में करीब 4 अरब डॉलर यानी 38 हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं। अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार को लेकर तनाव नाम बदलने का फैसला अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच आया है। हाल ही में अमेरिका ने कनाडा के करीब 20 अरब डॉलर यानी लगभग 1.7 लाख करोड़ रुपए के सामान पर 50% टैरिफ लगाने का फैसला किया है। इसके जवाब में कनाडा ने भी अमेरिकी सामान पर उतना ही टैरिफ लगाने का ऐलान किया। ट्रम्प ने कहा कि व्यापार के मामले में कनाडा से निपटना सबसे मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कनाडा अमेरिका के साथ ठीक व्यवहार नहीं करता और वह किसी भी हाल में यह स्वीकार नहीं कर सकते। लेक ओंटारियो के नाम पर पड़ा ओंटारियो प्रांत का नाम लेक ओंटारियो का नाम यूरोपीय लोगों के अमेरिका पहुंचने से भी पहले से चला आ रहा है। यह नाम ह्यूरॉन समुदाय की भाषा के एक शब्द से निकला है, जिसका अर्थ ‘चमकते पानी की झील’ बताया जाता है। बाद में कनाडा के ओंटारियो प्रांत का नाम भी इसी झील के नाम पर रखा गया। हालांकि, नाम बदलने को लेकर एक अहम बात है। दुनिया की अंतरराष्ट्रीय झीलों और जलक्षेत्रों के नाम तय करने वाली कोई एक वैश्विक संस्था नहीं है। अमेरिका अपने सरकारी दस्तावेजों और नक्शों में इसे ‘लेक अमेरिका’ कह सकता है, लेकिन कनाडा अपनी तरफ से पुराने नाम ‘लेक ओंटारियो’ का इस्तेमाल जारी रख सकता है। क्या अमेरिका अकेले नाम बदल सकता है? अमेरिकी सरकार अपने आधिकारिक दस्तावेजों, सरकारी नक्शों और रिकॉर्ड में किसी जगह के लिए नया नाम इस्तेमाल करने का फैसला कर सकती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि दूसरे देश भी उस नाम को स्वीकार करने के लिए बाध्य होंगे। लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा दोनों से जुड़ी है। इसलिए अगर अमेरिकी सरकार अपने दस्तावेजों में इसे ‘लेक अमेरिका’ कहना शुरू भी कर दे, तो कनाडा अपने सरकारी रिकॉर्ड में ‘लेक ओंटारियो’ नाम जारी रख सकता है। दूसरे देश और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी अमेरिकी नाम को अपने आप अपनाने के लिए बाध्य नहीं होंगी। यानी नाम बदलने से झील का मालिकाना हक नहीं बदल जाएगा। ‘लेक अमेरिका’ नाम इस्तेमाल करने से झील का कनाडाई हिस्सा अमेरिकी क्षेत्र नहीं बन जाएगा। ‘गल्फ ऑफ मेक्सिको’ का नाम बदल चुके हैं ट्रम्प ट्रम्प के लिए किसी जगह का नाम बदलना नया नहीं है। जनवरी 2025 में उन्होंने ‘गल्फ ऑफ मेक्सिको’ को अमेरिकी सरकारी इस्तेमाल के लिए ‘गल्फ ऑफ अमेरिका’ करने का आदेश दिया था। इसके बाद अमेरिकी एजेंसियों ने अपने रिकॉर्ड और नक्शों में नया नाम इस्तेमाल करना शुरू किया, लेकिन मेक्सिको ने इसे स्वीकार नहीं किया। तब मेक्सिको ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून का हवाला देते हुए कहा था कि अमेरिका अपने अधिकार क्षेत्र के आधार पर पूरे गल्फ का नाम अकेले नहीं बदल सकता। हालांकि, लेक ओंटारियो और गल्फ ऑफ मेक्सिको की कानूनी स्थिति अलग है। गल्फ समुद्री क्षेत्र है, जबकि लेक ओंटारियो अमेरिका और कनाडा के बीच साझा झील है। अमेरिका-कनाडा के बीच विवाद की 5 बड़ी वजहें 1. टैरिफ की नई लड़ाई सबसे बड़ा विवाद टैरिफ को लेकर है। अमेरिका ने कनाडा के करीब 20 अरब डॉलर के सामान पर 50% तक अतिरिक्त शुल्क लगाया है। इसमें शराब, डेयरी, फर्नीचर, हॉकी उपकरण और कई दूसरे सामान शामिल हैं। बातचीत टूटने के बाद कनाडा ने भी डॉलर-फॉर-डॉलर जवाबी टैरिफ लगाने का फैसला किया है। 2. कनाडा को 51वां राज्य कहना ट्रम्प कई बार कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की बात कह चुके हैं। ट्रम्प का कहना है कि अमेरिका व्यापार के मामले में कनाडा को अरबों डॉलर का फायदा पहुंचाता है। यदि कनाडा अमेरिका का हिस्सा बन जाता है, तो यह व्यापारिक असमानता और टैरिफ से जुड़े विवाद अपने आप खत्म हो जाएंगे। 3. ट्रूडो को कनाडा का गवर्नर कहना ट्रम्प ने कई बार कनाडा के तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो को तंजिया लहजे में ‘गवर्नर’ कहकर संबोधित किया था। कनाडाई नेताओं और जनता ने इसे अपनी संप्रभुता का अपमान माना। 4. सीमा सुरक्षा, अवैध घुसपैठ और फेंटानिल तस्करी अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ती सीमा सुरक्षा चिंताएं भी बड़े विवाद का कारण बनी हैं। ट्रम्प प्रशासन का आरोप रहा है कि कनाडा की उत्तरी सीमा से अवैध प्रवासियों की घुसपैठ और खतरनाक नशीली दवाओं (विशेषकर फेंटानिल) की तस्करी अमेरिका में बढ़ रही है। अमेरिका ने कनाडा से अपनी सीमाओं पर सख्त निगरानी और सख्त आव्रजन नीतियां लागू करने की मांग की है। 5. डेयरी और कृषि विवाद अमेरिका लंबे समय से कनाडा की ‘सप्लाई मैनेजमेंट’ सिस्टम का विरोध करता रहा है, जो कनाडाई डेयरी और पोल्ट्री (मुर्गी पालन) मार्केट को विदेशी प्रतिस्पर्धा से बचाती है। अमेरिका चाहता है कि कनाडा अपने डेयरी बाजार को अमेरिकी किसानों के लिए पूरी तरह खोले। ————————– यह खबर भी पढ़ें… कनाडाई PM बोले- अमेरिका और हमारे बीच जंग के हालात: ट्रम्प के टैरिफ को हमला बताया; US पर जवाबी टैरिफ लगाने का ऐलान किया कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अमेरिका के साथ बढ़ते ट्रेड विवाद को लेकर कहा है कि “हम जंग में हैं, क्योंकि हम पर हमला हुआ है।” उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ को कनाडा पर हमला बताया। पूरी खबर पढ़ें…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.