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बेंगलुरु के HAL इलाके में एक गर्भवती बिल्ली की किडनैपिंग का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. अपार्टमेंट मालिक और सुरक्षाकर्मियों सहित 9 लोगों ने बिल्ली को प्लास्टिक में लपेटकर ऑटो से अज्ञात स्थान पर फिंकवा दिया. निवासियों का आरोप था कि वह दूध चुराती और वाहनों को नुकसान पहुंचाती थी. पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत FIR दर्ज की है. अब आरोपी बिल्ली को सुरक्षित एडॉप्शन सेंटर सौंपने पर सहमत हुए हैं.
पुलिस मामले की जांच कर रही है.
बेंगलुरु के पॉश इलाके HAL से एक ऐसी सनसनीखेज वारदात सामने आई है जिसने पशु प्रेमियों और कानून व्यवस्था को हिलाकर रख दिया है. एक गर्भवती बेजुबान बिल्ली जो वनश्री अपार्टमेंट्स की छतों और गलियारों में अपना सुरक्षित आशियाना तलाश रही थी, अचानक गायब हो गई. जब इस किडनैपिंग की परतें खुलीं तो पता चला कि यह किसी बाहरी अपराधी का काम नहीं बल्कि अपार्टमेंट के ही रसूखदार लोगों की सोची-समझी साजिश थी.
प्लास्टिक में लपेटा, टोकरी में डाला और ले गए
घटना की कहानी किसी थ्रिलर फिल्म जैसी है. अपार्टमेंट के कुछ निवासियों को बिल्ली का वहां रहना रास नहीं आ रहा था. आरोप है कि अपार्टमेंट मालिक, सिक्योरिटी मैनेजर और स्टाफ सहित कुल 9 लोगों ने मिलकर इस बेजुबान को हटाने का प्लान बनाया. FIR के अनुसार, गर्भवती बिल्ली को बेरहमी से एक प्लास्टिक कवर में लपेटा गया उसे एक टोकरी में बंद किया गया और गुपचुप तरीके से एक ऑटो-रिक्शा में लादकर अज्ञात स्थान पर फेंक दिया गया.
इस क्रूरता का पता तब चला जब पशु प्रेमी और अपार्टमेंट निवासी हरीश ने बिल्ली को न पाकर शोर मचाया. बेजुबान की जान को खतरा देख उन्होंने तुरंत HAL पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम’ के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है.
क्यों बनी बिल्ली ‘दुश्मन’?
जब पुलिस ने अपार्टमेंट के लोगों से पूछताछ की तो चौंकाने वाली वजहें सामने आईं. निवासियों का दावा था कि बिल्ली उनक वाहनों की सीटों को नुकसान पहुंचा रही थी. इतना ही नहीं, कुछ लोगों की शिकायत थी कि वह दूध की तलाश में अक्सर पड़ोस के घरों में घुस जाती थी. अपनी इन छोटी-छोटी परेशानियों के लिए उन्होंने एक गर्भवती जीव को मौत के मुंह में धकेलने जैसा कदम उठा लिया.
पुलिस की कार्रवाई
शुरुआत में बिल्ली का कोई सुराग नहीं मिल रहा था, जिससे उसकी हत्या की आशंका गहरा गई थी. हालांकि, पुलिस के बढ़ते दबाव के बाद अब मामला ‘बी रिपोर्ट’ (B-report) की ओर बढ़ा है. अपार्टमेंट के निवासियों ने अपनी गलती मानते हुए अब बिल्ली को वापस लाकर एक ‘एनिमल एडॉप्शन सेंटर’ को सौंपने पर सहमति जताई है ताकि उसकी सुरक्षा और आने वाले बच्चों की देखभाल सुनिश्चित हो सके.
मामले के मुख्य अपडेट:
· आरोपी: अपार्टमेंट मालिक और सुरक्षा कर्मचारियों सहित कुल 9 लोग.
· जुर्म: प्लास्टिक में लपेटकर अवैध रूप से बिल्ली को किडनैप और रिलोकेट करना.
· कानूनी धारा: पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (Prevention of Cruelty to Animals Act).
· ताजा स्थिति: निवासियों ने बिल्ली को सुरक्षित एडॉप्शन सेंटर भेजने का वादा किया है.
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पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें













































