Friday, 23 Oct 2026 | 02:25 AM

Trending :

EXCLUSIVE

सलमान खान की मातृभूमि को सरकार से NOC:CBFC की मंजूरी बाकी, भारत-चीन रिश्तों को ध्यान में रखकर फिल्म में हुए कई बदलाव, जानिए क्यों अटकी फिल्म

सलमान खान की मातृभूमि को सरकार से NOC:CBFC की मंजूरी बाकी, भारत-चीन रिश्तों को ध्यान में रखकर फिल्म में हुए कई बदलाव, जानिए क्यों अटकी फिल्म

सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ को सरकार से NOC मिल गई है। अब फिल्म को CBFC की मंजूरी का इंतजार है। भारत-चीन के बीच 2020 में हुए टकराव पर बनी इस फिल्म में कई बदलाव किए गए हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी देश के सम्मान को ठेस न पहुंचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (IB Ministry) को मेकर्स के दिए ‘मातृभूमि’ के नए वर्जन से कोई आपत्ति नहीं है।इसके बाद इस वॉर-ड्रामा फिल्म को NOC दे दी गई है। NOC मिलने के बाद फिल्म इस साल के आखिर में सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट अभी सामने नहीं आई है। हालांकि, सलमान खान और उनकी टीम इसे 13 नवंबर को रिलीज करने पर विचार कर रही है। उनका मानना है कि दिवाली के बाद का फेस्टिव माहौल फिल्म की रिलीज के लिए सही रहेगा। फिल्म की सेंसर प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। मेकर्स जल्द ही फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास जमा करेंगे। अगर CBFC से मंजूरी मिल जाती है और यह प्रक्रिया इसी महीने पूरी हो जाती है, तो सलमान और उनकी टीम फिल्म को 13 नवंबर को रिलीज कर सकती है। NOC के बाद CBFC सर्टिफिकेट जरूरी NOC और CBFC की मंजूरी अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। मंत्रालय से NOC मिलने के बाद फिल्म CBFC के पास भेजी जाती है। CBFC से सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार मानी जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 दिनों में फिल्म की स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। ओरिजिनल वर्जन में किए गए बदलाव फिल्म जिस घटना पर आधारित है, वह चीन से तनावपूर्ण रिश्तों के बीच घटी थी, हालांकि अब चीन के साथ सुधरे रिश्तों को देखते हुए सरकार ने फिल्म के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई थी। सरकार ने मेकर्स को उनमें बदलाव करने का सुझाव दिया। इसके बाद ‘मातृभूमि’ को ओरिजिनल वर्जन की तुलना में काफी बदला गया है। अब फिल्म में भारत और चीन के रिश्तों को सकारात्मक नजरिए से दिखाया जाएगा। डीटेल में जानिए क्यों बार-बार टल रही मातृभूमि, क्या है पूरा विवाद? फिल्म मातृभूमि लंबे समय से विवादों में है। फिल्म 2020 में हुई गलवान झड़प पर बनी है। पहले इसका टाइटल ही बैटल ऑफ गलवान रखा गया था। ‘बैटल ऑफ गलवान’ का ट्रेलर 27 दिसंबर को सलमान खान के जन्मदिन के मौके पर रिलीज हुआ था। ट्रेलर सामने आने के बाद चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सलमान खान की ड्रेस और हेयर स्टाइल को लेकर भी आलोचना हुई थी। चीनी एक्सपर्ट्स ने कहा था कि बॉलीवुड फिल्में मनोरंजन के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन वे इतिहास को बदल नहीं सकतीं। चीनी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने मिलिट्री एक्सपर्ट सॉन्ग झोंगपिंग के हवाले से लिखा था कि भारत में फिल्मों का इस्तेमाल देशभक्ति की भावना को बढ़ाने के लिए किया जाता है। हालांकि, उनके मुताबिक कोई भी फिल्म गलवान झड़प से जुड़े तथ्यों को नहीं बदल सकती। सॉन्ग ने दावा किया था कि पहले भारतीय सैनिकों ने सीमा पार की थी और इसके जवाब में चीनी सैनिकों ने चीनी सीमा की रक्षा की थी। आलोचना के बाद मेकर्स ने फिल्म के कुछ हिस्सों को दोबारा शूट करने का फैसला किया। करीब 40 दिनों तक री-शूट किया गया, ताकि कहानी के कुछ हिस्सों में बदलाव कर उसे ज्यादा प्रभावी बनाया जा सके। इसी वजह से फिल्म की तय रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई।आपत्ति उठाए जाने पर टाइटल बदलकर मातृभूमिः मे वॉर रेस्ट इन पीस कर दिया गया है। फिल्म के नाम और रिलीज में बदलाव को गलवान संघर्ष से जुड़े संवेदनशील भू-राजनीतिक मुद्दे से भी जोड़कर देखा गया। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म ‘मातृभूमि’ को सर्टिफिकेट देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। प्रोडक्शन हाउस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि फिल्म की सीबीएफसी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया रुकी होने की खबरें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। सर्टिफिकेट से जुड़े दावों के बीच सलमान खान फिल्म्स ने बयान जारी कर कहा कि फिल्म को अभी तक सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजा ही नहीं गया। इसलिए इस तरह की रिपोर्ट्स पर भरोसा न करें। सलमान खान फिल्म्स ने मीडिया और लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि की जानकारी न फैलाएं। फिल्म से जुड़े सभी आधिकारिक अपडेट केवल उनके ऑफिशियल प्लेटफॉर्म पर ही शेयर किए जाएंगे। फिल्म में सलमान खान मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनके अलावा ‘मातृभूमि’ में चित्रांगदा सिंह, अंकुर भाटिया, अभिलाष चौधरी और जेन शॉ समेत कई कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। सीबीएफसी कैसे काम करता है? सीबीएफसी यानी सेंसर बोर्ड के पास फिल्म के सर्टिफिकेशन के लिए अधिकतम 68 दिनों का समय होता है। पहले फिल्म के आवेदन की जांच की जाती है। इसमें एक हफ्ते का समय लगता है। इसके बाद फिल्म को जांच समिति के पास भेजा जाता है। उनके पास फिल्म की जांच के लिए 15 दिनों का समय होता है। जांच समिति फिल्म को सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के पास भेजती है। सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष फिल्म की जांच के लिए अधिकतम 10 दिनों का समय ले सकता है। इसके बाद 36 दिनों के भीतर सेंसर बोर्ड आवेदक को जरूरी कट्स के बारे में जानकारी और सर्टिफिकेट प्रदान करता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
फेस मास्क: गर्मियों में धूप, बालों से लेकर त्वचा और पिंपल्स तक की चिंता, तो आज ही अपनाएं ये फेस मास्क, 15 मिनट में इनसेंट ग्लोम

March 30, 2026/
12:18 pm

चेहरे के लिए मास्क: गर्मी का मौसम अपने साथ तेज धूप, धूल-मिट्टी लेकर आता है, जिसका सीधा असर हमारी त्वचा...

हुमायूँ कबीर का पलटवार पर टीएमसी के दावे, एआई वीडियो को बताया; बीजेपी का भी आया रिएक्शन

April 10, 2026/
12:26 pm

पश्चिम बंगाल में डेमोक्रेट पार्टी के बीच कैथोलिक कांग्रेस ने आम जनता पार्टी के अध्यक्ष हुमायूं कबीर पर आरोप लगाया...

Explosions erupt following strikes at Tehran Oil Refinery in Tehran on March 7, 2026. (Image: AFP)

March 21, 2026/
10:47 am

आखरी अपडेट:मार्च 21, 2026, 10:47 IST वारिस पठान ने कहा कि वह धुरंधर 2 जैसी “निरर्थक, प्रचारात्मक फिल्में” देखने से...

डॉक्टरों पर लापरवाही से मरीज कोमा में गया:बालाघाट के सरदार पटेल अस्पताल में एनेस्थीसिया का ओवरडोज दिया; दो पर केस

April 30, 2026/
9:04 pm

बालाघाट पुलिस ने शहर के सरदार पटेल मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के दो डॉक्टरों डॉ. हितेश कावडे और डॉ. श्रृष्टि जैन...

Meghalaya Board MBOSE SSLC Result 2026 LIVE: Class 10 results at megresults.nic.in.

April 7, 2026/
12:09 pm

आखरी अपडेट:07 अप्रैल, 2026, 12:09 IST राजनीतिक विश्लेषक इस अभियान को दक्षिणी राज्यों में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कांग्रेस...

authorimg

February 26, 2026/
1:42 pm

Last Updated:February 26, 2026, 13:42 IST Truth About Antidepressants: एंजायटी और डिप्रेशन की अधिकतर दवाएं सुरक्षित होती हैं, लेकिन ये...

राजनीति

सलमान खान की मातृभूमि को सरकार से NOC:CBFC की मंजूरी बाकी, भारत-चीन रिश्तों को ध्यान में रखकर फिल्म में हुए कई बदलाव, जानिए क्यों अटकी फिल्म

सलमान खान की मातृभूमि को सरकार से NOC:CBFC की मंजूरी बाकी, भारत-चीन रिश्तों को ध्यान में रखकर फिल्म में हुए कई बदलाव, जानिए क्यों अटकी फिल्म

सलमान खान की फिल्म ‘मातृभूमि’ को सरकार से NOC मिल गई है। अब फिल्म को CBFC की मंजूरी का इंतजार है। भारत-चीन के बीच 2020 में हुए टकराव पर बनी इस फिल्म में कई बदलाव किए गए हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसी देश के सम्मान को ठेस न पहुंचे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूचना और प्रसारण मंत्रालय (IB Ministry) को मेकर्स के दिए ‘मातृभूमि’ के नए वर्जन से कोई आपत्ति नहीं है।इसके बाद इस वॉर-ड्रामा फिल्म को NOC दे दी गई है। NOC मिलने के बाद फिल्म इस साल के आखिर में सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है। फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट अभी सामने नहीं आई है। हालांकि, सलमान खान और उनकी टीम इसे 13 नवंबर को रिलीज करने पर विचार कर रही है। उनका मानना है कि दिवाली के बाद का फेस्टिव माहौल फिल्म की रिलीज के लिए सही रहेगा। फिल्म की सेंसर प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। मेकर्स जल्द ही फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास जमा करेंगे। अगर CBFC से मंजूरी मिल जाती है और यह प्रक्रिया इसी महीने पूरी हो जाती है, तो सलमान और उनकी टीम फिल्म को 13 नवंबर को रिलीज कर सकती है। NOC के बाद CBFC सर्टिफिकेट जरूरी NOC और CBFC की मंजूरी अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। मंत्रालय से NOC मिलने के बाद फिल्म CBFC के पास भेजी जाती है। CBFC से सर्टिफिकेट मिलने के बाद ही फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज के लिए पूरी तरह तैयार मानी जाती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 10 दिनों में फिल्म की स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। ओरिजिनल वर्जन में किए गए बदलाव फिल्म जिस घटना पर आधारित है, वह चीन से तनावपूर्ण रिश्तों के बीच घटी थी, हालांकि अब चीन के साथ सुधरे रिश्तों को देखते हुए सरकार ने फिल्म के कुछ हिस्सों पर आपत्ति जताई थी। सरकार ने मेकर्स को उनमें बदलाव करने का सुझाव दिया। इसके बाद ‘मातृभूमि’ को ओरिजिनल वर्जन की तुलना में काफी बदला गया है। अब फिल्म में भारत और चीन के रिश्तों को सकारात्मक नजरिए से दिखाया जाएगा। डीटेल में जानिए क्यों बार-बार टल रही मातृभूमि, क्या है पूरा विवाद? फिल्म मातृभूमि लंबे समय से विवादों में है। फिल्म 2020 में हुई गलवान झड़प पर बनी है। पहले इसका टाइटल ही बैटल ऑफ गलवान रखा गया था। ‘बैटल ऑफ गलवान’ का ट्रेलर 27 दिसंबर को सलमान खान के जन्मदिन के मौके पर रिलीज हुआ था। ट्रेलर सामने आने के बाद चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सलमान खान की ड्रेस और हेयर स्टाइल को लेकर भी आलोचना हुई थी। चीनी एक्सपर्ट्स ने कहा था कि बॉलीवुड फिल्में मनोरंजन के लिए बनाई जाती हैं, लेकिन वे इतिहास को बदल नहीं सकतीं। चीनी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने मिलिट्री एक्सपर्ट सॉन्ग झोंगपिंग के हवाले से लिखा था कि भारत में फिल्मों का इस्तेमाल देशभक्ति की भावना को बढ़ाने के लिए किया जाता है। हालांकि, उनके मुताबिक कोई भी फिल्म गलवान झड़प से जुड़े तथ्यों को नहीं बदल सकती। सॉन्ग ने दावा किया था कि पहले भारतीय सैनिकों ने सीमा पार की थी और इसके जवाब में चीनी सैनिकों ने चीनी सीमा की रक्षा की थी। आलोचना के बाद मेकर्स ने फिल्म के कुछ हिस्सों को दोबारा शूट करने का फैसला किया। करीब 40 दिनों तक री-शूट किया गया, ताकि कहानी के कुछ हिस्सों में बदलाव कर उसे ज्यादा प्रभावी बनाया जा सके। इसी वजह से फिल्म की तय रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई।आपत्ति उठाए जाने पर टाइटल बदलकर मातृभूमिः मे वॉर रेस्ट इन पीस कर दिया गया है। फिल्म के नाम और रिलीज में बदलाव को गलवान संघर्ष से जुड़े संवेदनशील भू-राजनीतिक मुद्दे से भी जोड़कर देखा गया। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया था कि सेंसर बोर्ड ने फिल्म ‘मातृभूमि’ को सर्टिफिकेट देने पर फिलहाल रोक लगा दी है। प्रोडक्शन हाउस ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि फिल्म की सीबीएफसी सर्टिफिकेशन प्रक्रिया रुकी होने की खबरें पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। सर्टिफिकेट से जुड़े दावों के बीच सलमान खान फिल्म्स ने बयान जारी कर कहा कि फिल्म को अभी तक सेंसर बोर्ड के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजा ही नहीं गया। इसलिए इस तरह की रिपोर्ट्स पर भरोसा न करें। सलमान खान फिल्म्स ने मीडिया और लोगों से अपील की कि बिना पुष्टि की जानकारी न फैलाएं। फिल्म से जुड़े सभी आधिकारिक अपडेट केवल उनके ऑफिशियल प्लेटफॉर्म पर ही शेयर किए जाएंगे। फिल्म में सलमान खान मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। उनके अलावा ‘मातृभूमि’ में चित्रांगदा सिंह, अंकुर भाटिया, अभिलाष चौधरी और जेन शॉ समेत कई कलाकार नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया ने किया है। सीबीएफसी कैसे काम करता है? सीबीएफसी यानी सेंसर बोर्ड के पास फिल्म के सर्टिफिकेशन के लिए अधिकतम 68 दिनों का समय होता है। पहले फिल्म के आवेदन की जांच की जाती है। इसमें एक हफ्ते का समय लगता है। इसके बाद फिल्म को जांच समिति के पास भेजा जाता है। उनके पास फिल्म की जांच के लिए 15 दिनों का समय होता है। जांच समिति फिल्म को सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष के पास भेजती है। सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष फिल्म की जांच के लिए अधिकतम 10 दिनों का समय ले सकता है। इसके बाद 36 दिनों के भीतर सेंसर बोर्ड आवेदक को जरूरी कट्स के बारे में जानकारी और सर्टिफिकेट प्रदान करता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.