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अमेरिका में बच्ची से रेप केस में स्नैपचैट पर मुकदमा:क्विक एड जैसे फीचर्स ने रेपिस्ट को बच्ची तक पहुंचाया, भारत में एप के 25 करोड़ एक्टिव मंथली यूजर

अमेरिका में बच्ची से रेप केस में स्नैपचैट पर मुकदमा:क्विक एड जैसे फीचर्स ने रेपिस्ट को बच्ची तक पहुंचाया, भारत में एप के 25 करोड़ एक्टिव मंथली यूजर

सोशल मीडिया एप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप पर अमेरिका के मिसौरी में मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म 12 साल की बच्ची के बलात्कार के लिए जिम्मेदार है। आरोप लगाया गया है कि स्नैपचैट के क्विक एड और स्नैप मैप जैसे फीचर्स के जरिए हमलावर गैब्रियल जोएल वैलेंटीन-रियोस ने जेएफ नाम की लड़की को शिकार बनाया। एप की मदद से वह उससे जुड़ पाया और उसे बहला-फुसला सका। कथित तौर पर स्नैपचैट के क्विक एड फीचर ने 25 साल के वैलेंटीन-रियोस को जेएफ और उसी इलाके की अन्य नाबालिग लड़कियों से जुड़ने का सुझाव दिया। शिकायत के अनुसार, एप ने वैलेंटीन-रियोस को मिलनसार दिखने वाले लड़के के रूप में दर्शाया था। स्नैपचैट नाबालिगों को यह चेतावनी देने में विफल रहा कि ये यूजर्स अजनबी हो सकते हैं या उनसे जुड़ना खतरनाक हो सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के खिलाफ हजारों मामले मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम), टिकटॉक (बाइटडांस), यूट्यूब (गूगल), और स्नैपचैट (स्नैप) सहित कई प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गंभीर मुकदमों का सामना कर रहे हैं। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य की अदालतों में सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ लत से संबंधित दावों वाले 3,300 से अधिक मुकदमे लंबित हैं। नाबालिगों के लिए उतना सुरक्षित नहीं है प्लेटफॉर्म अदालत में कहा गया है कि स्नैप के अधिकारियों को डार्क वेब पर एक पुस्तिका मिली, जिसमें स्नैपचैट के फीचर का इस्तेमाल करके युवा यूजर्स को निशाना बनाने के तरीके बताए गए हैं। हीट इनिशिएटिव नामक संगठन के एक सर्वे के मुताबिक नाबालिग यूजर्स में से आधे ने पिछले साल स्नैपचैट पर ‘असुरक्षित सामग्री या संदेश’ देखे। स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है भारत स्नैपचैट की 25 से अधिक देशों में 13 से 24 साल की आयु के 90% लोगों तक पहुंच है। भारत स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। याहू फाइनेंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में स्नैपचैट के 25 करोड़ से ज्यादा एक्टिव मंथली यूजर हैं। यह कंपनी के वैश्विक यूजर बेस का लगभग 36% है। देश में उसके यूजर की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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अमेरिका में बच्ची से रेप केस में स्नैपचैट पर मुकदमा:क्विक एड जैसे फीचर्स ने रेपिस्ट को बच्ची तक पहुंचाया, भारत में एप के 25 करोड़ एक्टिव मंथली यूजर

अमेरिका में बच्ची से रेप केस में स्नैपचैट पर मुकदमा:क्विक एड जैसे फीचर्स ने रेपिस्ट को बच्ची तक पहुंचाया, भारत में एप के 25 करोड़ एक्टिव मंथली यूजर

सोशल मीडिया एप स्नैपचैट की मूल कंपनी स्नैप पर अमेरिका के मिसौरी में मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि प्लेटफॉर्म 12 साल की बच्ची के बलात्कार के लिए जिम्मेदार है। आरोप लगाया गया है कि स्नैपचैट के क्विक एड और स्नैप मैप जैसे फीचर्स के जरिए हमलावर गैब्रियल जोएल वैलेंटीन-रियोस ने जेएफ नाम की लड़की को शिकार बनाया। एप की मदद से वह उससे जुड़ पाया और उसे बहला-फुसला सका। कथित तौर पर स्नैपचैट के क्विक एड फीचर ने 25 साल के वैलेंटीन-रियोस को जेएफ और उसी इलाके की अन्य नाबालिग लड़कियों से जुड़ने का सुझाव दिया। शिकायत के अनुसार, एप ने वैलेंटीन-रियोस को मिलनसार दिखने वाले लड़के के रूप में दर्शाया था। स्नैपचैट नाबालिगों को यह चेतावनी देने में विफल रहा कि ये यूजर्स अजनबी हो सकते हैं या उनसे जुड़ना खतरनाक हो सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के खिलाफ हजारों मामले मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम), टिकटॉक (बाइटडांस), यूट्यूब (गूगल), और स्नैपचैट (स्नैप) सहित कई प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म गंभीर मुकदमों का सामना कर रहे हैं। अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य की अदालतों में सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ लत से संबंधित दावों वाले 3,300 से अधिक मुकदमे लंबित हैं। नाबालिगों के लिए उतना सुरक्षित नहीं है प्लेटफॉर्म अदालत में कहा गया है कि स्नैप के अधिकारियों को डार्क वेब पर एक पुस्तिका मिली, जिसमें स्नैपचैट के फीचर का इस्तेमाल करके युवा यूजर्स को निशाना बनाने के तरीके बताए गए हैं। हीट इनिशिएटिव नामक संगठन के एक सर्वे के मुताबिक नाबालिग यूजर्स में से आधे ने पिछले साल स्नैपचैट पर ‘असुरक्षित सामग्री या संदेश’ देखे। स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है भारत स्नैपचैट की 25 से अधिक देशों में 13 से 24 साल की आयु के 90% लोगों तक पहुंच है। भारत स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है। याहू फाइनेंस की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में स्नैपचैट के 25 करोड़ से ज्यादा एक्टिव मंथली यूजर हैं। यह कंपनी के वैश्विक यूजर बेस का लगभग 36% है। देश में उसके यूजर की संख्या लगातार बढ़ रही है।

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