Friday, 15 May 2026 | 04:37 PM

Trending :

EXCLUSIVE

आपके टूथपेस्ट के नीचे बना ये रंगीन निशान क्या बताता है? सच जानकर रह जाएंगे हैरान

authorimg

Last Updated:

क्या आपने कभी अपने टूथपेस्ट की ट्यूब के नीचे बने छोटे रंगीन बॉक्स पर ध्यान दिया है? सोशल मीडिया पर अक्सर दावा किया जाता है कि इन रंगों से पता चलता है कि टूथपेस्ट हर्बल है, केमिकल वाला है या मेडिकेटेड. यही वजह है कि कई लोग टूथपेस्ट खरीदते समय इन कलर कोड्स को देखकर ही फैसला लेने लगते हैं. लेकिन क्या सच में इन रंगों का टूथपेस्ट की क्वालिटी से कोई संबंध होता है? आइए जानते हैं इसका असली सच…

ख़बरें फटाफट

Zoom

टूथपेस्ट की ट्यूब के नीचे जो छोटा रंगीन बॉक्स दिखाई देता है.

सुबह की शुरुआत ज्यादातर लोगों की टूथपेस्ट और ब्रश से होती है, लेकिन क्या आपने कभी टूथपेस्ट की ट्यूब के नीचे बने छोटे रंगीन बॉक्स पर ध्यान दिया है? सोशल मीडिया पर लंबे समय से यह दावा किया जाता रहा है कि हरा रंग मतलब पूरी तरह हर्बल टूथपेस्ट, काला मतलब ज्यादा केमिकल वाला, लाल मतलब नेचुरल और केमिकल का मिश्रण और नीला मतलब मेडिकेटेड टूथपेस्ट होता है. यही वजह है कि कई लोग टूथपेस्ट खरीदते समय इन रंगों को देखकर फैसला लेने लगे हैं. हालांकि सच्चाई इससे काफी अलग है. इन रंगों का असली काम कुछ और ही होता है.

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, टूथपेस्ट की ट्यूब के नीचे जो छोटा रंगीन बॉक्स दिखाई देता है, उसे तकनीकी भाषा में “आई मार्क” कहा जाता है. इसका इस्तेमाल फैक्ट्री में मशीनों के लिए किया जाता है. जब टूथपेस्ट की ट्यूब तैयार होती है, तब मशीन इसी निशान को पहचानकर ट्यूब को सही जगह से काटती और सील करती है. यानी इसका टूथपेस्ट के अंदर मौजूद सामग्री या उसकी गुणवत्ता से कोई सीधा संबंध नहीं होता. कई बार अलग-अलग कंपनियां अपनी पैकेजिंग डिजाइन के हिसाब से अलग रंग इस्तेमाल करती हैं. इसलिए सिर्फ रंग देखकर यह तय करना कि टूथपेस्ट पूरी तरह हर्बल है या नहीं, सही तरीका नहीं माना जाता.

फिर टूथपेस्ट खरीदते समय किन बातों पर ध्यान दें?
अगर आप सही टूथपेस्ट चुनना चाहते हैं तो सबसे पहले उसके इंग्रीडिएंट्स पढ़ने चाहिए. एक्सपर्ट्स के अनुसार फ्लोराइड वाला टूथपेस्ट दांतों को कैविटी से बचाने में मदद कर सकता है. हालांकि छोटे बच्चों के लिए फ्लोराइड की मात्रा सीमित होना जरूरी माना जाता है. इसके अलावा कई व्हाइटनिंग टूथपेस्ट में ज्यादा एब्रैसिव तत्व होते हैं, जो लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर दांतों की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचा सकते हैं. जिन लोगों के दांत संवेदनशील होते हैं, उन्हें सेंसिटिविटी वाले टूथपेस्ट चुनने की सलाह दी जाती है.

हर्बल टूथपेस्ट क्या सच में बेहतर होते हैं?
आजकल मार्केट में नीम, लौंग, तुलसी और बबूल जैसे तत्वों वाले हर्बल टूथपेस्ट काफी लोकप्रिय हो रहे हैं. ये मसूड़ों और मुंह की सफाई के लिए अच्छे माने जाते हैं, लेकिन हर हर्बल टूथपेस्ट हर व्यक्ति के लिए सही हो, यह जरूरी नहीं. कुछ लोगों को ज्यादा तेज फ्लेवर या कुछ तत्वों से एलर्जी भी हो सकती है. इसलिए सिर्फ “हर्बल” लिखा देखकर कोई भी प्रोडक्ट चुन लेना सही नहीं माना जाता. दांतों की जरूरत और समस्या के हिसाब से टूथपेस्ट चुनना ज्यादा जरूरी होता है.

सिर्फ टूथपेस्ट नहीं, ब्रश करने का तरीका भी जरूरी
डेंटिस्ट्स का मानना है कि सिर्फ महंगा या सही टूथपेस्ट इस्तेमाल करना ही काफी नहीं होता. अगर ब्रश सही तरीके से नहीं किया जाए तो दांतों में प्लाक और कैविटी की समस्या हो सकती है. दिन में कम से कम दो बार ब्रश करना, जीभ साफ करना और समय-समय पर डेंटल चेकअप करवाना भी जरूरी माना जाता है.

सोशल मीडिया के हर दावे पर भरोसा न करें
इंटरनेट पर वायरल होने वाली हर जानकारी सच हो, यह जरूरी नहीं. टूथपेस्ट के कलर कोड वाला दावा भी उन्हीं मिथकों में से एक है, जिसे लोग बिना जांचे-परखे सही मान लेते हैं. इसलिए किसी भी हेल्थ या पर्सनल केयर प्रोडक्ट को खरीदने से पहले सही जानकारी लेना बेहद जरूरी है.

About the Author

authorimg

Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ask search icon

April 18, 2026/
3:39 pm

Last Updated:April 18, 2026, 15:39 IST महुआ एक ऐसा पारंपरिक औषधीय तत्व है, जिसे सदियों से भारतीय देसी चिकित्सा और...

तेलुगु एक्टर भरत कांत का सड़क हादसे में निधन:ट्रक से कार टकराई, करीबी दोस्त बिग बॉस फेम आशु रेड्डी ने की इमोशनल पोस्ट

May 11, 2026/
2:24 pm

तेलुगु एक्टर भरत कांत की हैदराबाद में एक सड़क हादसे में मौत हो गई। इस हादसे में सिनेमैटोग्राफर जी. साई...

मोदी ने जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन किया:नोएडा में बोले- युद्ध के संकट से देश को एकजुट होकर लड़ना है

March 28, 2026/
7:13 am

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को यूपी के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फेज-1 का उद्घाटन किया। 4 फेज...

TVK चीफ विजय आज फिर राज्यपाल से मिलेंगे:कल 113 विधायकों का समर्थन पत्र सौंपा था, बहुमत के लिए 118 जरूरी; शाह आज बंगाल जाएंगे

May 7, 2026/
10:30 am

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें जीतने वाली TVK सरकार गठन की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है।...

इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड 4 लेन सड़क का काम जल्द:626 करोड़ मुआवजा मंजूर; 20 गांवों के 662 परिवारों को मिलेगा लाभ

February 27, 2026/
12:21 am

इंदौर–उज्जैन ग्रीन फील्ड 4 लेन सड़क का काम जल्द प्रारंभ होने जा रहा है। आगामी सिंहस्थ को ध्यान में रखते...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

आपके टूथपेस्ट के नीचे बना ये रंगीन निशान क्या बताता है? सच जानकर रह जाएंगे हैरान

authorimg

Last Updated:

क्या आपने कभी अपने टूथपेस्ट की ट्यूब के नीचे बने छोटे रंगीन बॉक्स पर ध्यान दिया है? सोशल मीडिया पर अक्सर दावा किया जाता है कि इन रंगों से पता चलता है कि टूथपेस्ट हर्बल है, केमिकल वाला है या मेडिकेटेड. यही वजह है कि कई लोग टूथपेस्ट खरीदते समय इन कलर कोड्स को देखकर ही फैसला लेने लगते हैं. लेकिन क्या सच में इन रंगों का टूथपेस्ट की क्वालिटी से कोई संबंध होता है? आइए जानते हैं इसका असली सच…

ख़बरें फटाफट

Zoom

टूथपेस्ट की ट्यूब के नीचे जो छोटा रंगीन बॉक्स दिखाई देता है.

सुबह की शुरुआत ज्यादातर लोगों की टूथपेस्ट और ब्रश से होती है, लेकिन क्या आपने कभी टूथपेस्ट की ट्यूब के नीचे बने छोटे रंगीन बॉक्स पर ध्यान दिया है? सोशल मीडिया पर लंबे समय से यह दावा किया जाता रहा है कि हरा रंग मतलब पूरी तरह हर्बल टूथपेस्ट, काला मतलब ज्यादा केमिकल वाला, लाल मतलब नेचुरल और केमिकल का मिश्रण और नीला मतलब मेडिकेटेड टूथपेस्ट होता है. यही वजह है कि कई लोग टूथपेस्ट खरीदते समय इन रंगों को देखकर फैसला लेने लगे हैं. हालांकि सच्चाई इससे काफी अलग है. इन रंगों का असली काम कुछ और ही होता है.

TOI की रिपोर्ट के अनुसार, टूथपेस्ट की ट्यूब के नीचे जो छोटा रंगीन बॉक्स दिखाई देता है, उसे तकनीकी भाषा में “आई मार्क” कहा जाता है. इसका इस्तेमाल फैक्ट्री में मशीनों के लिए किया जाता है. जब टूथपेस्ट की ट्यूब तैयार होती है, तब मशीन इसी निशान को पहचानकर ट्यूब को सही जगह से काटती और सील करती है. यानी इसका टूथपेस्ट के अंदर मौजूद सामग्री या उसकी गुणवत्ता से कोई सीधा संबंध नहीं होता. कई बार अलग-अलग कंपनियां अपनी पैकेजिंग डिजाइन के हिसाब से अलग रंग इस्तेमाल करती हैं. इसलिए सिर्फ रंग देखकर यह तय करना कि टूथपेस्ट पूरी तरह हर्बल है या नहीं, सही तरीका नहीं माना जाता.

फिर टूथपेस्ट खरीदते समय किन बातों पर ध्यान दें?
अगर आप सही टूथपेस्ट चुनना चाहते हैं तो सबसे पहले उसके इंग्रीडिएंट्स पढ़ने चाहिए. एक्सपर्ट्स के अनुसार फ्लोराइड वाला टूथपेस्ट दांतों को कैविटी से बचाने में मदद कर सकता है. हालांकि छोटे बच्चों के लिए फ्लोराइड की मात्रा सीमित होना जरूरी माना जाता है. इसके अलावा कई व्हाइटनिंग टूथपेस्ट में ज्यादा एब्रैसिव तत्व होते हैं, जो लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर दांतों की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचा सकते हैं. जिन लोगों के दांत संवेदनशील होते हैं, उन्हें सेंसिटिविटी वाले टूथपेस्ट चुनने की सलाह दी जाती है.

हर्बल टूथपेस्ट क्या सच में बेहतर होते हैं?
आजकल मार्केट में नीम, लौंग, तुलसी और बबूल जैसे तत्वों वाले हर्बल टूथपेस्ट काफी लोकप्रिय हो रहे हैं. ये मसूड़ों और मुंह की सफाई के लिए अच्छे माने जाते हैं, लेकिन हर हर्बल टूथपेस्ट हर व्यक्ति के लिए सही हो, यह जरूरी नहीं. कुछ लोगों को ज्यादा तेज फ्लेवर या कुछ तत्वों से एलर्जी भी हो सकती है. इसलिए सिर्फ “हर्बल” लिखा देखकर कोई भी प्रोडक्ट चुन लेना सही नहीं माना जाता. दांतों की जरूरत और समस्या के हिसाब से टूथपेस्ट चुनना ज्यादा जरूरी होता है.

सिर्फ टूथपेस्ट नहीं, ब्रश करने का तरीका भी जरूरी
डेंटिस्ट्स का मानना है कि सिर्फ महंगा या सही टूथपेस्ट इस्तेमाल करना ही काफी नहीं होता. अगर ब्रश सही तरीके से नहीं किया जाए तो दांतों में प्लाक और कैविटी की समस्या हो सकती है. दिन में कम से कम दो बार ब्रश करना, जीभ साफ करना और समय-समय पर डेंटल चेकअप करवाना भी जरूरी माना जाता है.

सोशल मीडिया के हर दावे पर भरोसा न करें
इंटरनेट पर वायरल होने वाली हर जानकारी सच हो, यह जरूरी नहीं. टूथपेस्ट के कलर कोड वाला दावा भी उन्हीं मिथकों में से एक है, जिसे लोग बिना जांचे-परखे सही मान लेते हैं. इसलिए किसी भी हेल्थ या पर्सनल केयर प्रोडक्ट को खरीदने से पहले सही जानकारी लेना बेहद जरूरी है.

About the Author

authorimg

Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.