इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह की 2 किलोमीटर से ज्यादा लंबी सुरंग को ब्लास्ट कर तबाह कर दिया। यह विस्फोट इतना तेज था कि इलाके में 4.1 तीव्रता का भूकंप आ गया। लेबनान की सरकारी न्यूज एजेंसी के मुताबिक, धमाक से आसपास के इलाकों में जमीन हिलने लगी। कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, “मिशन पूरा हुआ। हैप्पी न्यू ईयर!” इजराइली सेना के मुताबिक, सुरंग नेटवर्क में ईरान में बने दर्जनों रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन रखे थे। यहां मशीनगन, दर्जनों एंटी-टैंक मिसाइल और सैकड़ों बारूदी सुरंगें व विस्फोटक भी मिले। सेना ने बताया कि इस परिसर में हिजबुल्लाह की ‘बद्र’ यूनिट का कमांड सेंटर भी था। 2 दशक में तैयार किया गया था टनल नेटवर्क नेतन्याहू और इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इस टनल नेटवर्क आतंकी ढांचा बताया। उनके मुताबिक, इसे ईरान की फंडिंग और योजना से करीब दो दशक में तैयार किया गया था। इजराइल का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद अली अल-ताहेर पहाड़ी पर जमीन के ऊपर और नीचे दोनों जगह उसका ऑपरेशनल कंट्रोल हो गया है। इजराइल ने पिछले हफ्ते अली अल-ताहेर पहाड़ी पर कब्जा करने का दावा किया था। सेना के एक अधिकारी के मुताबिक, वहां हिजबुल्लाह के कुछ लड़ाके इलाके से निकल गए, जबकि कुछ को हवाई हमलों और तोपखाने की कार्रवाई में मार गिराया गया। लेबनान में इजराइली हमले फिर तेज हो रहे ईरान और अमेरिका के बीच जून में समझ बनने और उसके बाद लेबनान-इजराइल समझौते के बाद कुछ समय के लिए हिंसा कम हुई थी। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में दक्षिणी लेबनान में इजराइली हमले फिर तेज हुए हैं। AFP के मुताबिक, बातचीत के दौरान अमेरिका ने प्रस्ताव दिया था कि अली अल-ताहेर पहाड़ी का नियंत्रण लेबनानी सेना को दिया जाए, लेकिन हिजबुल्लाह ने इसे स्वीकार नहीं किया। लेबनानी अधिकारियों के मुताबिक, मार्च से अब तक इजराइली हमलों में 4,300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इजराइली सेना दक्षिणी लेबनान के एक हिस्से में बनाए गए तथाकथित सुरक्षा क्षेत्र में भी मौजूद है। खबर अपडेट हो रही है…















































