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एंजियोप्लास्टी क्या होती है और कब पड़ती है इसकी जरूरत, अपोलो की कार्डियोलॉजिस्ट वनीता अरोरा से समझिए

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Heart Blockage Treatment: एंजियोप्लास्टी एक मॉडर्न मेडिकल प्रोसीजर है, जिसका उपयोग दिल की धमनियों में ब्लॉकेज को खोलने के लिए किया जाता है. अपोलो हॉस्पिटल की कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर वनीता अरोरा के मुताबिक एंजियोप्लास्टी हार्ट अटैक जैसी इमरजेंसी कंडीशंस में जान बचाने में मदद करती है. सही समय पर इलाज से दिल की बीमारियों से बचाव संभव है.

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डॉक्टर वनीता अरोरा के अनुसार हार्ट अटैक की कंडीशन में एंजियोप्लास्टी जान बचा सकती है.

All About Angioplasty: वर्तमान समय में लोगों की लाइफस्टाइल और खानपान बिगड़ गया है. इसका असर हार्ट हेल्थ पर भी बुरी तरह पड़ रहा है. आजकल दिल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और इनमें सबसे कॉमन समस्या हार्ट की धमनियों में ब्लॉकेज होना है. जब दिल तक खून पहुंचाने वाली नसों में रुकावट आ जाती है, तो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर आमतौर पर जिस प्रोसीजर की सलाह देते हैं, उसे एंजियोप्लास्टी कहा जाता है. यह एक आधुनिक और असरदार ट्रीटमेंट टेक्निक है, जिससे बिना बड़ी सर्जरी के हार्ट की ब्लॉकेज को खोला जा सकता है.

नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल की सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वनीता अरोरा ने News18 को बताया कि एंजियोप्लास्टी एक मेडिकल प्रोसीजर है, जिसमें दिल की सिकुड़ी हुई या बंद हो चुकी धमनियों को खोलने के लिए एक पतली ट्यूब का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे कैथेटर कहा जाता है. इस ट्यूब के सिरे पर एक छोटा सा गुब्बारा लगा होता है, जिसे ब्लॉकेज वाली जगह पर ले जाकर फुलाया जाता है. इससे धमनियां चौड़ी हो जाती हैं और ब्लड फ्लो सामान्य हो जाता है. कई मामलों में डॉक्टर स्टेंट भी डालते हैं, जिससे धमनियां फिर से संकरी न हों. यह स्टेंट एक बेहद छोटा जालीदार पाइप जैसा होता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

अब सवाल यह है कि एंजियोप्लास्टी की जरूरत कब पड़ती है? कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया कि जब मरीज को सीने में दर्द, सांस फूलना, थकान या हार्ट अटैक के लक्षण दिखाई देते हैं और जांच में धमनियों में ब्लॉकेज पाया जाता है, तब यह प्रक्रिया जरूरी हो जाती है. खासकर हार्ट अटैक के दौरान सही समय पर एंजियोप्लास्टी करने से जान बचाई जा सकती है. इस प्रोसीजर में बड़ी सर्जरी की जरूरत नहीं होती, जिससे मरीज जल्दी ठीक हो जाता है और अस्पताल में कम समय रहना पड़ता है. यह दर्द को कम करता है और दिल की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है.

एक्सपर्ट के मुताबिक हार्ट की धमनियों में ब्लॉकेज बहुत ज्यादा हो जाए, तो कुछ मामलों में बायपास सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है. मरीज की कंडीशन को देखकर एंजियोप्लास्टी का फैसला लिया जाता है. एंजियोप्लास्टी के बाद मरीज को अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करना बेहद जरूरी होता है. बैलेंस्ड डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज, स्मोकिंग से दूरी और तनाव कम करने की सलाह देते हैं. साथ ही नियमित जांच और दवाइयों का सेवन भी जरूरी होता है, ताकि दोबारा ब्लॉकेज बनने का खतरा कम हो सके. दिल की धमनियों में ब्लॉकेज से बचने के लिए लाइफस्टाइल सुधारें, खानपान अच्छा रखें और समय-समय पर हार्ट की जांच कराएं.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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Heart Blockage Treatment: एंजियोप्लास्टी एक मॉडर्न मेडिकल प्रोसीजर है, जिसका उपयोग दिल की धमनियों में ब्लॉकेज को खोलने के लिए किया जाता है. अपोलो हॉस्पिटल की कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर वनीता अरोरा के मुताबिक एंजियोप्लास्टी हार्ट अटैक जैसी इमरजेंसी कंडीशंस में जान बचाने में मदद करती है. सही समय पर इलाज से दिल की बीमारियों से बचाव संभव है.

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डॉक्टर वनीता अरोरा के अनुसार हार्ट अटैक की कंडीशन में एंजियोप्लास्टी जान बचा सकती है.

All About Angioplasty: वर्तमान समय में लोगों की लाइफस्टाइल और खानपान बिगड़ गया है. इसका असर हार्ट हेल्थ पर भी बुरी तरह पड़ रहा है. आजकल दिल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं और इनमें सबसे कॉमन समस्या हार्ट की धमनियों में ब्लॉकेज होना है. जब दिल तक खून पहुंचाने वाली नसों में रुकावट आ जाती है, तो हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. ऐसी स्थिति में डॉक्टर आमतौर पर जिस प्रोसीजर की सलाह देते हैं, उसे एंजियोप्लास्टी कहा जाता है. यह एक आधुनिक और असरदार ट्रीटमेंट टेक्निक है, जिससे बिना बड़ी सर्जरी के हार्ट की ब्लॉकेज को खोला जा सकता है.

नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल की सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वनीता अरोरा ने News18 को बताया कि एंजियोप्लास्टी एक मेडिकल प्रोसीजर है, जिसमें दिल की सिकुड़ी हुई या बंद हो चुकी धमनियों को खोलने के लिए एक पतली ट्यूब का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे कैथेटर कहा जाता है. इस ट्यूब के सिरे पर एक छोटा सा गुब्बारा लगा होता है, जिसे ब्लॉकेज वाली जगह पर ले जाकर फुलाया जाता है. इससे धमनियां चौड़ी हो जाती हैं और ब्लड फ्लो सामान्य हो जाता है. कई मामलों में डॉक्टर स्टेंट भी डालते हैं, जिससे धमनियां फिर से संकरी न हों. यह स्टेंट एक बेहद छोटा जालीदार पाइप जैसा होता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.

अब सवाल यह है कि एंजियोप्लास्टी की जरूरत कब पड़ती है? कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया कि जब मरीज को सीने में दर्द, सांस फूलना, थकान या हार्ट अटैक के लक्षण दिखाई देते हैं और जांच में धमनियों में ब्लॉकेज पाया जाता है, तब यह प्रक्रिया जरूरी हो जाती है. खासकर हार्ट अटैक के दौरान सही समय पर एंजियोप्लास्टी करने से जान बचाई जा सकती है. इस प्रोसीजर में बड़ी सर्जरी की जरूरत नहीं होती, जिससे मरीज जल्दी ठीक हो जाता है और अस्पताल में कम समय रहना पड़ता है. यह दर्द को कम करता है और दिल की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है.

एक्सपर्ट के मुताबिक हार्ट की धमनियों में ब्लॉकेज बहुत ज्यादा हो जाए, तो कुछ मामलों में बायपास सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है. मरीज की कंडीशन को देखकर एंजियोप्लास्टी का फैसला लिया जाता है. एंजियोप्लास्टी के बाद मरीज को अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करना बेहद जरूरी होता है. बैलेंस्ड डाइट, रेगुलर एक्सरसाइज, स्मोकिंग से दूरी और तनाव कम करने की सलाह देते हैं. साथ ही नियमित जांच और दवाइयों का सेवन भी जरूरी होता है, ताकि दोबारा ब्लॉकेज बनने का खतरा कम हो सके. दिल की धमनियों में ब्लॉकेज से बचने के लिए लाइफस्टाइल सुधारें, खानपान अच्छा रखें और समय-समय पर हार्ट की जांच कराएं.

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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