Sunday, 09 Aug 2026 | 06:39 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Sex Education In Indian Schools

Sex Education In Indian Schools
  • Hindi News
  • Career
  • Sex Education In Indian Schools | Supreme Court Approval & Syllabus Update

कुछ ही क्षण पहले

  • कॉपी लिंक

भारत में सेक्स एजुकेशन स्कूलों के सिलेबस में शामिल होने जा रही है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह एक कमिटी की सिफारिश के अनुसार स्कूलों/कॉलेजों में कॉम्प्रिहेंसिव सेक्स एजुकेशन शुरू करने के लिए सहमत है। कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।

इसका उद्देश्य बच्चों और किशोरों को उनकी उम्र के अनुसार सही, वैज्ञानिक और सुरक्षित जानकारी देना है। इसमें शरीर में होने वाले बदलाव, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, सहमति (Consent), सुरक्षित व्यवहार और बाल यौन शोषण से सुरक्षा जैसे विषय शामिल किए जाने का प्रस्ताव है।

जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच के सामने पेश होते हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि सरकार ने कमिटी की रिपोर्ट स्वीकार कर ली है। इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।

बाल यौन शोषण को सिलेबस में शामिल करने पर विचार

14 जुलाई 2026 को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह काम्प्रिहेंसिव सेक्स एजुकेशन को स्कूलों के सिलेबस में शामिल करने की दिशा में काम कर रही है।

कोर्ट में सरकार का पक्ष और POCSO पर चिंता

केंद्र सरकार की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और आर. महादेवन की बेंच के सामने यह बात रखी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि कई मामलों में 16 से 18 वर्ष की उम्र के किशोर आपस में संबंध बनाकर घर छोड़ देते हैं।

इसके बाद उनके माता-पिता झूठे सम्मान के नाम पर पॉक्सो कानून के तहत गंभीर आपराधिक मामले दर्ज करा देते हैं। इससे बच्चों का भविष्य खराब होता है। इसी गंभीर चिंता को देखते हुए सरकार ने इस समस्या पर काम करने का फैसला किया है।

26 पैनल के सदस्यों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट

आपसी सहमति से संबंध बनाने वाले किशोरों की निजता और POCSO एक्ट के पेचीदा मामलों की जांच के लिए सरकार ने विशेष पैनल बनाया था। महिला और बाल विकास मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी की अगुवाई में बने 26 सदस्यों के पैनल ने गहन विचार-विमर्श के बाद रिपोर्ट तैयार की।

NCERT को सौंपी जाएगी सिलेबस की जिम्मेदारी

पैनल की सिफारिशों के मुताबिक, इस नए सिलेबस को तैयार करने की जिम्मेदारी NCERT को सौंपी जाएगी। यह पूरी योजना नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के नियमों के हिसाब से ही लागू की जाएगी।

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि प्राइमरी स्कूल के स्तर से ही बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से सेक्स एजुकेशनल की शिक्षा दी जाए। इसके लिए स्कूलों में एक्सपर्ट टीचर्स की नियुक्ति करने की बात भी कही गई है।

अधिकांश देशों के प्राइमरी स्कूलों में दी जाती है सेक्स एजुकेशन

UNESCO और WHO की रिपोर्ट के अनुसार,लगभग 85% देशों में किसी न किसी रूप में स्कूल-आधारित सेक्स से संबंधित नीति या कानून मौजूद हैं। अधिकांश देशों में कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों को शरीर के अंगों की सही पहचान, निजी अंग और उनकी सुरक्षा, अच्छे और बुरे स्पर्श (Good Touch–Bad Touch), “ना” कहना और भरोसेमंद वयस्क से मदद मांगना, व्यक्तिगत सीमाएं, परिवार, मित्रता और सम्मान, स्वच्छता और स्वास्थ्य व ऑनलाइन सुरक्षा और साइबर शोषण से बचाव जैसे विषय शामिल हैं।

ये खबर भी पढ़ें

देशभर में रोज 13 स्कूल बंद:आधे से भी ज्यादा 2,426 स्कूल मध्यप्रदेश के, हायर एजुकेशन में लड़कियों की संख्या 42.2% बढ़ी

भारत की स्कूली शिक्षा पर एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली (UDISE+) और AISHE की रिपोर्ट शिक्षा से जुड़े दो अलग-अलग पहलुओं को उजागर करती है। यूडाइस की रिपोर्ट के अनुसार देश में रोज 13 स्कूल बंद हुए। स्कूल बंद होने वाले राज्यों में मप्र सबसे आगे है। पूरी खबर यहां पढ़ें

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Balaghat Tehsildar Action | Revenue Dues; 2.41 Lakhs Deposited

March 18, 2026/
12:33 pm

बालाघाट शहर में राजस्व बकायादारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। तहसीलदार सुनील वर्मा और राजस्व टीम ने लाखों...

वैभव सूर्यवंशी ने 'A' सेलिब्रेशन के पीछे की बताई वजह:कहा- ये पर्सनल है, किसी को बताना नहीं चाहता था; राजस्थान रॉयल्स ने शेयर किया VIDEO

May 20, 2026/
4:44 pm

बिहार के वैभव सूर्यवंशी इस समय IPL में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से हर किसी का दिल जीत रहे हैं। राजस्थान...

पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; वहां 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग

June 5, 2026/
8:25 pm

भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में 7 जून को होने वाले विधानसभा चुनावों का कड़ा विरोध किया है।...

authorimg

May 21, 2026/
5:44 pm

Last Updated:May 21, 2026, 17:44 IST Summer Health Tips: गर्मियों के मौसम में आसमान से बरसती आग और भयंकर लू...

World News Updates; Trump Pakistan China

April 5, 2026/
8:42 am

12 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर भारत को धमकी दी। उन्होंने...

फतेहगढ़ साहिब के वकील की कनाडा में मौत:कार चलाते समय आया हार्ट अटैक, तीन साल पहले परिवार के साथ विदेश गए

March 24, 2026/
2:28 pm

फतेहगढ़ साहिब के 42 वर्षीय वकील हर्षविंदर सिंह चीमा का कनाडा में निधन हो गया है। उनकी मृत्यु दिल का...

Indore Bail Not Cancelled | Social Media Post No Proof

April 11, 2026/
12:05 am

इंदौर3 घंटे पहले कॉपी लिंक शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोप में दर्ज प्रकरण में आरोपी दीपक विश्नोई की...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Sex Education In Indian Schools

Sex Education In Indian Schools
  • Hindi News
  • Career
  • Sex Education In Indian Schools | Supreme Court Approval & Syllabus Update

कुछ ही क्षण पहले

  • कॉपी लिंक

भारत में सेक्स एजुकेशन स्कूलों के सिलेबस में शामिल होने जा रही है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह एक कमिटी की सिफारिश के अनुसार स्कूलों/कॉलेजों में कॉम्प्रिहेंसिव सेक्स एजुकेशन शुरू करने के लिए सहमत है। कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू किया जाएगा।

इसका उद्देश्य बच्चों और किशोरों को उनकी उम्र के अनुसार सही, वैज्ञानिक और सुरक्षित जानकारी देना है। इसमें शरीर में होने वाले बदलाव, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, सहमति (Consent), सुरक्षित व्यवहार और बाल यौन शोषण से सुरक्षा जैसे विषय शामिल किए जाने का प्रस्ताव है।

जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच के सामने पेश होते हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि सरकार ने कमिटी की रिपोर्ट स्वीकार कर ली है। इसे पूरे देश में लागू किया जाएगा।

बाल यौन शोषण को सिलेबस में शामिल करने पर विचार

14 जुलाई 2026 को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह काम्प्रिहेंसिव सेक्स एजुकेशन को स्कूलों के सिलेबस में शामिल करने की दिशा में काम कर रही है।

कोर्ट में सरकार का पक्ष और POCSO पर चिंता

केंद्र सरकार की तरफ से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और आर. महादेवन की बेंच के सामने यह बात रखी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि कई मामलों में 16 से 18 वर्ष की उम्र के किशोर आपस में संबंध बनाकर घर छोड़ देते हैं।

इसके बाद उनके माता-पिता झूठे सम्मान के नाम पर पॉक्सो कानून के तहत गंभीर आपराधिक मामले दर्ज करा देते हैं। इससे बच्चों का भविष्य खराब होता है। इसी गंभीर चिंता को देखते हुए सरकार ने इस समस्या पर काम करने का फैसला किया है।

26 पैनल के सदस्यों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट

आपसी सहमति से संबंध बनाने वाले किशोरों की निजता और POCSO एक्ट के पेचीदा मामलों की जांच के लिए सरकार ने विशेष पैनल बनाया था। महिला और बाल विकास मंत्रालय के एडिशनल सेक्रेटरी की अगुवाई में बने 26 सदस्यों के पैनल ने गहन विचार-विमर्श के बाद रिपोर्ट तैयार की।

NCERT को सौंपी जाएगी सिलेबस की जिम्मेदारी

पैनल की सिफारिशों के मुताबिक, इस नए सिलेबस को तैयार करने की जिम्मेदारी NCERT को सौंपी जाएगी। यह पूरी योजना नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के नियमों के हिसाब से ही लागू की जाएगी।

रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि प्राइमरी स्कूल के स्तर से ही बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से सेक्स एजुकेशनल की शिक्षा दी जाए। इसके लिए स्कूलों में एक्सपर्ट टीचर्स की नियुक्ति करने की बात भी कही गई है।

अधिकांश देशों के प्राइमरी स्कूलों में दी जाती है सेक्स एजुकेशन

UNESCO और WHO की रिपोर्ट के अनुसार,लगभग 85% देशों में किसी न किसी रूप में स्कूल-आधारित सेक्स से संबंधित नीति या कानून मौजूद हैं। अधिकांश देशों में कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों को शरीर के अंगों की सही पहचान, निजी अंग और उनकी सुरक्षा, अच्छे और बुरे स्पर्श (Good Touch–Bad Touch), “ना” कहना और भरोसेमंद वयस्क से मदद मांगना, व्यक्तिगत सीमाएं, परिवार, मित्रता और सम्मान, स्वच्छता और स्वास्थ्य व ऑनलाइन सुरक्षा और साइबर शोषण से बचाव जैसे विषय शामिल हैं।

ये खबर भी पढ़ें

देशभर में रोज 13 स्कूल बंद:आधे से भी ज्यादा 2,426 स्कूल मध्यप्रदेश के, हायर एजुकेशन में लड़कियों की संख्या 42.2% बढ़ी

भारत की स्कूली शिक्षा पर एकीकृत जिला शिक्षा सूचना प्रणाली (UDISE+) और AISHE की रिपोर्ट शिक्षा से जुड़े दो अलग-अलग पहलुओं को उजागर करती है। यूडाइस की रिपोर्ट के अनुसार देश में रोज 13 स्कूल बंद हुए। स्कूल बंद होने वाले राज्यों में मप्र सबसे आगे है। पूरी खबर यहां पढ़ें

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.