विदिशा के एसएटीआई कॉलेज में गंभीर आर्थिक संकट के कारण लगभग 120 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों को पिछले सात महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे कॉलेज की शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वेतन न मिलने के कारण उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। बच्चों की फीस, बैंक ऋण की किश्तें और दैनिक खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आवेदन और ज्ञापन दिए हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि कॉलेज के पास पर्याप्त फंड होने के बावजूद वेतन का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि संस्था को करोड़ों रुपए का अनुदान और विद्यार्थियों से फीस के रूप में अच्छी-खासी राशि प्राप्त होती है, लेकिन प्रबंधन भवन निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिल रहा। जब तक वेतन नहीं, तब तक आंदोलन का ऐलान
एसएटीआई कॉलेज 1956 में स्थापित एक प्रतिष्ठित संस्था है, जिसे सिंधिया रियासत ने शुरू किया था और वर्तमान में यह शासन द्वारा वित्तपोषित है। कर्मचारियों के अनुसार, पिछले एक वर्ष से अनुदान की राशि नहीं मिलने से स्थिति बिगड़ती चली गई, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें सात महीने से वेतन नहीं मिल पाया है। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उन्हें पूरा बकाया वेतन नहीं मिल जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने अपनी समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की और पत्राचार भी किया, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। कर्मचारियों ने बताया कि वे कल (मंगलवार) जनसुनवाई में पहुंचकर अपनी समस्या प्रशासन के सामने रखेंगे।














































