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आजकल हेडफोन और ईयरबड्स के ज्यादा इस्तेमाल से कान दर्द बढ़ रहा है और आयुर्वेद इसे वात दोष से जोड़ता है. इस दर्द से बचने के लिए होममेड नुस्खा अपनाया जा सकता है.
इसके लिए अदरक, सेंधा नमक और सरसों तेल की बूंदें हल्के दर्द में राहत दे सकती हैं. आइए जानते हैं इसके फायदे…
कान के दर्द से राहत
आज के समय में कान का दर्द एक आम समस्या बनता जा रहा है, जिसका एक बड़ा कारण लगातार हेडफोन और ईयरबड्स का इस्तेमाल है. लंबे समय तक तेज आवाज में सुनने से न सिर्फ कानों पर दबाव पड़ता है, बल्कि सुनने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है. कई बार यह समस्या धीरे-धीरे शुरू होती है और लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय के साथ यह दर्द बढ़ सकता है. आयुर्वेद के अनुसार, कान से जुड़ी अधिकतर समस्याएं शरीर में वात दोष के असंतुलन से जुड़ी होती हैं. जब वात बढ़ जाता है, तो कानों में सूखापन, जकड़न और हल्का दर्द महसूस होने लगता है, जो आगे चलकर ज्यादा परेशानी पैदा कर सकता है.
ऐसे में आयुर्वेद में कुछ घरेलू उपाय बताए गए हैं, जो शुरुआती और हल्के कान दर्द में राहत देने में मदद कर सकते हैं. पुराने समय से एक खास तेल का इस्तेमाल किया जाता रहा है, जिसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है. इसके लिए अदरक का रस, सेंधा नमक और नींबू की कुछ बूंदों को सरसों के तेल में डालकर हल्का गर्म किया जाता है. जब यह मिश्रण अच्छे से पक जाए, तो इसे छानकर ठंडा कर लिया जाता है. इसके बाद इस तेल की दो-दो बूंद प्रभावित कान में डाली जाती है. यह उपाय धीरे-धीरे दर्द को कम करने में सहायक माना जाता है और कानों को आराम पहुंचाता है.
आयुर्वेद के अनुसार क्यों होता है कान दर्द
आयुर्वेद में कान दर्द को वात दोष की वृद्धि से जोड़ा जाता है. जब शरीर में वात बढ़ता है, तो इसका असर कानों पर भी पड़ता है. इससे सूखापन, खिंचाव और दर्द जैसी समस्याएं होने लगती हैं. इसलिए वात को संतुलित रखना जरूरी माना जाता है. अदरक को आयुर्वेद में प्राकृतिक दर्द निवारक माना जाता है. इसकी गर्म तासीर दर्द को कम करने में मदद करती है. साथ ही यह वात को शांत करने में भी सहायक होता है, जिससे कानों में होने वाली परेशानी धीरे-धीरे कम हो सकती है.
सेंधा नमक का असर
सेंधा नमक भी दर्द और सूजन को कम करने में मददगार माना जाता है. जब इसे अदरक के साथ इस्तेमाल किया जाता है, तो यह मिश्रण और भी प्रभावी हो जाता है और कान के दर्द में राहत देने में सहायक बनता है. इस तेल को इस्तेमाल करने से पहले उसे हल्का गुनगुना कर लें. फिर साफ ड्रॉपर की मदद से प्रभावित कान में एक से दो बूंद डालें. इससे धीरे-धीरे आराम महसूस हो सकता है.
इस्तेमाल से पहले रखें सावधानी
अगर कान में किसी तरह का घाव है, पस आ रहा है या कान बह रहा है, तो इस तेल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में पहले चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है. कान के दर्द से बचने के लिए साफ-सफाई बहुत जरूरी है. नहाते समय ध्यान रखें कि साबुन या पानी कान के अंदर न जाए. इसके अलावा समय-समय पर कानों की हल्की सफाई करते रहें, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके.
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विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें












































