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Heart Patients and Hill Trips: पहाड़ों पर चढ़ते वक्त हार्ट के मरीजों को कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं. ऐसे में जब भी दिल के मरीज पहाड़ों पर घूमने का प्लान बनाएं, तो उससे पहले अपने डॉक्टर से जरूर कंसल्ट कर लें. ऊंचाई पर कम ऑक्सीजन होती है, जो दिल पर दबाव डाल सकती है. सुरक्षित यात्रा के लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है.
हार्ट के मरीजों को पहाड़ों पर जाने से पहले डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए.
Travel Safety Tips for Heart Patients: गर्मियों की छुट्टियां मनाने के लिए अक्सर लोग पहाड़ों पर जाना पसंद करते हैं. पहाड़ों पर मौसम ठंडा होता है और प्रकृति की खूबसूरती साफ नजर आती है. पहाड़ों की शांति भी लोगों को खूब भाती है. पहाड़ों की सैर करना सभी को पसंद होता है, लेकिन अगर आप हार्ट के मरीज हैं, तो यह सवाल बहुत जरूरी हो जाता है कि क्या ऊंचाई वाले इलाकों में जाना सुरक्षित है या नहीं. दरअसल ऊंचाई वाले इलाकों में हवा में ऑक्सीजन का स्तर कम होता है, जिससे शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती. ऐसे में दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, ताकि शरीर में ऑक्सीजन सप्लाई ठीक रहे.
नई दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल की सीनियर इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. वनीता अरोरा ने News18 को बताया पहाड़ों पर चढ़ते वक्त हार्ट के मरीजों को सांस फूलने, थकान या सीने में भारीपन महसूस हो सकता है. जिन लोगों को पहले से हार्ट की गंभीर समस्या है, उनके लिए यह कंडीशन रिस्की हो सकती है. अगर किसी व्यक्ति को हाल ही में हार्ट अटैक हुआ है या उसे हाई ब्लड प्रेशर, एंजाइना या हार्ट फेल्योर जैसी समस्या है, तो उसे पहाड़ों पर जाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. कई मामलों में ट्रैवलिंग से पहले कुछ टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है, ताकि यह पता चल सके कि मरीज का दिल इस तरह की यात्रा के लिए तैयार है या नहीं. अगर कुछ गड़बड़ है, तब मरीजों को ऊंचाई पर जाने की सलाह नहीं दी जाती है.
डॉक्टर वनीता ने बताया कि अगर हार्ट पेशेंट की कंडीशन ठीक है, तो वह पहाड़ों पर जा सकता है, लेकिन यात्रा के दौरान सावधानी रखना जरूरी है. पहाड़ों पर ट्रैवलिंग करते वक्त धीरे-धीरे ऊंचाई पर चढ़ना, ज्यादा भागदौड़ या एक्सरसाइज से बचना और शरीर को आराम देना जरूरी होता है. इस दौरान पर्याप्त पानी पीना और समय पर दवाइयां लेना बिल्कुल न भूलें. अचानक ज्यादा ऊंचाई पर पहुंचने से बचें, क्योंकि इससे शरीर को एडजस्ट करने में दिक्कत हो सकती है. यात्रा के दौरान किसी भी तरह के लक्षण जैसे सीने में दर्द, ज्यादा सांस फूलना, चक्कर आना या कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत मेडिकल मदद लेनी चाहिए.
एक्सपर्ट की मानें तो हार्ट के मरीज भी पहाड़ों पर जाकर अपनी छुट्टियां मना सकते हैं, लेकिन इसके लिए सावधानी बरतनी होगी और डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. अगर आप दवाएं लेते हैं, तो उन्हें भी हर वक्त अपने साथ रखें और खानपान का विशेष ध्यान रखें. सही प्लानिंग के साथ आप अपनी समर वेकेशन का आनंद ले सकते हैं.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें











































