Body Fat Increase Heat Sensitivity: गर्मी की शुरुआत हो चुकी है और यह मौसम कई लोगों के लिए मुश्किल भरा होता है. तेज धूप और बढ़ती तपिश से लोगों का बुरा हाल हो जाता है. लोग जैसे ही बाहर निकलते हैं, वैसे ही उनका शरीर पसीने से भीग जाता है. पसीना स्किन से जुड़ी कई इंफेक्शन का खतरा बढ़ा देता है. आपने कई बार महसूस किया होगा कि कुछ लोगों को ज्यादा पसीना आता है और कुछ लोगों को कम पसीना आता है. अक्सर माना जाता है कि मोटे लोगों को ज्यादा गर्मी लगती है और उन्हें ज्यादा पसीना आता है. जबकि पतले लोगों को यह परेशानी कम होती है. अब सवाल है कि क्या वाकई मोटे लोगों को ज्यादा गर्मी और पसीने की समस्या रहती है? चलिए इस बारे में हकीकत जानने की कोशिश करते हैं.
क्या मोटे लोगों को ज्यादा पसीना आता है?
कुछ रिसर्च बताती हैं कि शरीर में जमा अतिरिक्त फैट एक इंसुलेटर की तरह काम करता है. इसका मतलब है कि यह शरीर के अंदर पैदा होने वाली गर्मी को बाहर निकलने से रोकता है. जब शरीर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती, तो व्यक्ति को ज्यादा गर्मी महसूस होती है. यही वजह है कि अधिक वजन या मोटापे से ग्रस्त लोगों को सामान्य वजन वाले लोगों की तुलना में ज्यादा गर्मी लग सकती है. मोटे लोगों के शरीर को ठंडा रखने के लिए बॉडी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, इसलिए उनमें पसीना ज्यादा आता है. शरीर का आकार बड़ा होने के कारण एनर्जी की खपत भी ज्यादा होती है, जिससे अतिरिक्त गर्मी पैदा होती है और शरीर को उसे संतुलित करने के लिए ज्यादा पसीना बहाना पड़ता है. हालांकि हर मोटे व्यक्ति के साथ ऐसा नहीं होता है.
मेटाबॉलिज्म का भी इसमें अहम रोल
एक्सपर्ट्स की मानें तो मेटाबॉलिज्म भी इसमें अहम भूमिका निभाता है. जिन लोगों का वजन ज्यादा होता है, उनका बेसल मेटाबॉलिक रेट (BMR) अक्सर अधिक होता है, यानी उनका शरीर आराम की स्थिति में भी ज्यादा एनर्जी खर्च करता है. इस प्रक्रिया में गर्मी उत्पन्न होती है, जो उन्हें ज्यादा गर्म महसूस करा सकती है. हालांकि यह जरूरी नहीं कि हर अधिक वजन वाले व्यक्ति को एक समान गर्मी लगे, क्योंकि उम्र, हार्मोन, फिटनेस और वातावरण जैसे अन्य कारक भी इसे प्रभावित करते हैं.
ज्यादा पसीना आने के अन्य कारण
ज्यादा पसीना आना सिर्फ गर्मी या एक्सरसाइज की वजह से नहीं होता, बल्कि इसके पीछे कई मेडिकल कारण भी हो सकते हैं. इसमें सबसे कॉमन हाइपरहाइड्रोसिस है, जिसमें शरीर जरूरत से ज्यादा पसीना बनाता है. इसके अलावा थायराइड की समस्या मेटाबॉलिज्म बढ़ाकर पसीना बढ़ा सकती है. डायबिटीज, हॉर्मोनल बदलाव जैसे मेनोपॉज या पीसीओएस, संक्रमण और बुखार, हार्ट या लंग्स की बीमारियां और मानसिक तनाव या एंजायटी भी ज्यादा पसीने का कारण बन सकते हैं. अगर लगातार बिना किसी स्पष्ट वजह के पसीना आता है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है.













































