हरदा जिले के नांदरा गांव की एक महिला को चैक बाउंस मामले में छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई है। यह सजा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत लिए गए ऋण का भुगतान न करने और चैक बाउंस होने के कारण दी गई। न्यायालय ने शनिवार को यह फैसला सुनाया। अधिवक्ता शिव विलास सराफ ने बताया कि अभियुक्त सुनीता पति बृजलाल सोलंकी निवासी नांदरा ने शासकीय योजना मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 1 लाख रुपए का ऋण लिया था। महिला द्वारा ऋण राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिसके कारण उनके खाते में 86 हजार 740 रुपए बकाया हो गए थे। सुनीता सोलंकी ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की अबगांवखुर्द शाखा के बचत खाते का एक हस्ताक्षरित चैक दिया था। खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण यह चैक बाउंस हो गया। इसके बाद बैंक ने महिला के खिलाफ धारा 138 के तहत प्रकरण दर्ज कराया था। पुलिस ने इस मामले में चालान कोर्ट में पेश किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रेमदीप शाह ने अभियुक्त महिला को चैक बाउंस के अपराध में दोषी पाया। न्यायालय ने उन्हें 6 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। इसके अतिरिक्त, न्यायालय ने सुनीता सोलंकी को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की हरदा शाखा को प्रतिकर के रूप में 93 हजार 865 रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया। यदि महिला यह राशि अदा नहीं करती है, तो उन्हें छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।













































