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तेजी से झड़ रहे हैं बाल और गंजे होने का लगता है डर, दवाई भी नहीं कर रहा असर, क्या करें, डॉक्टर ने दी A-Z जानकारी

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Doctor Advice For Hair Fall : झड़ते हुए बालों को रोकने के लिए आजकल सोशल मीडिया पर खूब प्रचार किया जाता है. तरह-तरह की गोलिया, स्प्रे, तेल और न जाने कितनी चीजों का प्रचार किया जाता है. हमेशा दावा किया जाता है कि इन चीजों से एक महीने में दोबारा बाल उग आएंगे. लोग इस झांसे में आकर कुछ इलाज आजमाते भी हैं लेकिन इससे कुछ होता नहीं है. हाथ में सिर्फ निराशा लगती है. ऐसे में सवाल उठता है कि जब बाल तेजी से झड़ रहे हों, दवा का कोई असर न हो, तो क्या करना चाहिए. इसी सवालों का जबाव जानने के लिए न्यूज 18 ने हेयर ट्रांसप्लांट एक्सपर्ट डॉ. अभिषेक पिलानी से बात की.

क्या दवा काम करती है
हेयर ट्रांसप्लांट और स्किन एक्सपर्ट डॉ. अभिषेक पिलानी ने बताया कि अधिकांश बाल बढ़ाने वाली दवाएं दो तरीकों से काम करती हैं. कुछ दवाएं शरीर में हार्मोन की गतिविधि को प्रभावित करती हैं, जबकि कुछ बालों की जड़ों तक रक्त प्रवाह बढ़ाती हैं. इससे बालों की बढ़ने वाली अवस्था (ग्रोथ फेज) लंबी हो सकती है, जिससे बाल थोड़े घने होते हैं और जल्दी नहीं झड़ते. लेकिन ये दवाएं बाल झड़ने की असली वजह को ठीक नहीं करतीं. जैसे कि आनुवंशिक कारण (जेनेटिक्स), तनाव, पोषण की कमी, हार्मोन में बदलाव, बीमारी या गलत जीवनशैली. ये कारण अक्सर वैसे ही बने रहते हैं.

दवा के साइड इफेक्ट्स क्या हैं
इसी वजह से, जब दवा बंद कर दी जाती है, तो आमतौर पर बालों का झड़ना फिर से शुरू हो जाता है. दवाओं के दुष्प्रभाव भी एक अहम सच्चाई हैं. कई लोगों को बालों पर लगाने वाली दवाओं से सिर की त्वचा में जलन, खुजली, लालिमा, पपड़ी या सूखापन महसूस होता है. वहीं, खाने वाली दवाओं से कुछ लोगों को सिरदर्द, थकान, चक्कर आना, मूड में बदलाव या पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है. हर किसी को ये समस्याएं नहीं होतीं, लेकिन डॉक्टर मानते हैं कि साइड इफेक्ट्स सच में हो सकते हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. लंबे समय तक इन दवाओं का इस्तेमाल भी चिंता का कारण बन सकता है. कुछ बाल उगाने वाली दवाएं शरीर के हार्मोन संतुलन को प्रभावित करती हैं. हार्मोन हमारे मेटाबॉलिज्म, मूड, हृदय स्वास्थ्य और प्रजनन स्वास्थ्य जैसी कई जरूरी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाते हैं. क्योंकि कई लोग इन दवाओं का सालों तक उपयोग करते हैं, इसलिए शोधकर्ता अब भी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि लंबे समय तक इनके इस्तेमाल का शरीर पर क्या असर पड़ता है. सच यह है कि इसके दीर्घकालिक प्रभाव अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं.

मानसिक परेशानी बढ़ना लाजिमी
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि हर व्यक्ति में इसका असर अलग-अलग होता है. कुछ लोगों को कुछ महीनों बाद बाल झड़ना कम होता दिखाई देता है, जबकि कुछ को बहुत कम या कोई खास फर्क नहीं दिखता. बाल धीरे-धीरे बढ़ते हैं और स्पष्ट बदलाव दिखने में छह महीने से एक साल तक लग सकता है. इससे लोगों में निराशा, मानसिक तनाव और अवास्तविक उम्मीदें पैदा हो सकती हैं. इसका एक मानसिक पक्ष भी होता है, जिसके बारे में लोग कम बात करते हैं. बार-बार नए बाल उग रहे हैं या नहीं, यह जांचना, दवा की खुराक छूट जाने की चिंता करना या फिर से बाल झड़ने का डर रखना चिंता बढ़ा सकता है. विडंबना यह है कि तनाव खुद बालों के झड़ने को और बढ़ा सकता है. इस तरह एक ऐसा कुचक्र बन जाता है, जिससे बाहर निकलना मुश्किल लगता है.

फिर कैसे झड़ते बालों को रोकें
डॉक्टर अक्सर सलाह देते हैं कि दवा शुरू करने से पहले बुनियादी सेहत पर ध्यान देना चाहिए. बाल झड़ने के कई कारण है. अगर जीन और कुछ बीमारियां इसकी वजह नहीं हो तो तनाव और पोषक तत्वों की कमी सबसे बड़ी दो वजहें हैं. पोषण में सिर्फ किसी एक की जरूरत नहीं होती बल्कि संतुलित पोषण की जरूरत होती है. जैसे विटामिन, प्रोटीन, मिनिरल्स सबका संतुलन होना चाहिए. मुख्य तौर पर विटामिन बी 12, मैग्नीशियम और जिंक की ज्यादा जरूरत होती है. तो फिर क्या करना चाहिए, थोड़ी सी बातों से समझ लीजिए.

  1. पर्याप्त पोषण लें-पर्याप्त प्रोटीन, आयरन, जिंक, बायोटिन, विटामिन ई, ओमेगा 3 फैटी एसिड वाले फूड का सेवन करें. इसके लिए हरी पत्तीदार सब्जियां, बादाम, ड्राई फ्रूट्स, अलसी के बीज, तिल के लड्डू, पालक का साग, अंडा, तेल वाली मछली, संतरा, नींबू, चकोतरा, अंगूर आदि का खूब सेवन करें.
  2. तनाव को कम करें-बाल झड़ने का बड़ा कारण है तनाव. तनाव हर किसी के जीवन में होता है लेकिन जो इसका प्रबंधन सही से कर लेगा वही विजेता है. इसके लिए आप रोज वॉक कीजिए. कम से कम 3-4 किलोमीटर रोज चलिए. फिर योग तनाव भगाने का बड़ा साधन है. योग और मेडिटेशन से तनाव दूर होगा. घूमने से तनाव दूर होता है. दोस्तों और परिवार के साथ टूर पर जाते रहिए. समाज के साथ अच्छा रिश्ता भी तनाव से दूर रखता है. इसके लिए समाज में सबके साथ घुलमिल कर रहिए. उनके साथ बातें कीजिए. दोस्तों और परिवार के साथ खूब गप्पें कीजिए. सबसे अहम बात कभी मत सोचिए कि बाल झड़ जाएंगे तो हम गंजे हो जाएंगे. इससे तनाव और बढ़ेगा. जितना खुश रहेंगे बालों की तंदुरुस्ती उतनी हो होगी.
  3. पर्याप्त नींद-हमारे शरीर के पूर्जे-पूर्जे की मरम्मत नींद में होती है. पर्याप्त नींद नहीं लेंगे तो बालों को झड़ना नहीं रुकेगा. इसलिए 7-8 घंटे की सुकून भरी नींद लीजिए. कम से कम 6 घंटे की ऐसी नींद होनी चाहिए जिसमें नींद बीच में न खुले. यानी गहरी नींद की जरूरत होती है.
सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp,आपके सवालों का हम देंगे जवाब.
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क्या दवा काम करती है
हेयर ट्रांसप्लांट और स्किन एक्सपर्ट डॉ. अभिषेक पिलानी ने बताया कि अधिकांश बाल बढ़ाने वाली दवाएं दो तरीकों से काम करती हैं. कुछ दवाएं शरीर में हार्मोन की गतिविधि को प्रभावित करती हैं, जबकि कुछ बालों की जड़ों तक रक्त प्रवाह बढ़ाती हैं. इससे बालों की बढ़ने वाली अवस्था (ग्रोथ फेज) लंबी हो सकती है, जिससे बाल थोड़े घने होते हैं और जल्दी नहीं झड़ते. लेकिन ये दवाएं बाल झड़ने की असली वजह को ठीक नहीं करतीं. जैसे कि आनुवंशिक कारण (जेनेटिक्स), तनाव, पोषण की कमी, हार्मोन में बदलाव, बीमारी या गलत जीवनशैली. ये कारण अक्सर वैसे ही बने रहते हैं.

दवा के साइड इफेक्ट्स क्या हैं
इसी वजह से, जब दवा बंद कर दी जाती है, तो आमतौर पर बालों का झड़ना फिर से शुरू हो जाता है. दवाओं के दुष्प्रभाव भी एक अहम सच्चाई हैं. कई लोगों को बालों पर लगाने वाली दवाओं से सिर की त्वचा में जलन, खुजली, लालिमा, पपड़ी या सूखापन महसूस होता है. वहीं, खाने वाली दवाओं से कुछ लोगों को सिरदर्द, थकान, चक्कर आना, मूड में बदलाव या पेट से जुड़ी परेशानी हो सकती है. हर किसी को ये समस्याएं नहीं होतीं, लेकिन डॉक्टर मानते हैं कि साइड इफेक्ट्स सच में हो सकते हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. लंबे समय तक इन दवाओं का इस्तेमाल भी चिंता का कारण बन सकता है. कुछ बाल उगाने वाली दवाएं शरीर के हार्मोन संतुलन को प्रभावित करती हैं. हार्मोन हमारे मेटाबॉलिज्म, मूड, हृदय स्वास्थ्य और प्रजनन स्वास्थ्य जैसी कई जरूरी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाते हैं. क्योंकि कई लोग इन दवाओं का सालों तक उपयोग करते हैं, इसलिए शोधकर्ता अब भी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि लंबे समय तक इनके इस्तेमाल का शरीर पर क्या असर पड़ता है. सच यह है कि इसके दीर्घकालिक प्रभाव अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं.

मानसिक परेशानी बढ़ना लाजिमी
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि हर व्यक्ति में इसका असर अलग-अलग होता है. कुछ लोगों को कुछ महीनों बाद बाल झड़ना कम होता दिखाई देता है, जबकि कुछ को बहुत कम या कोई खास फर्क नहीं दिखता. बाल धीरे-धीरे बढ़ते हैं और स्पष्ट बदलाव दिखने में छह महीने से एक साल तक लग सकता है. इससे लोगों में निराशा, मानसिक तनाव और अवास्तविक उम्मीदें पैदा हो सकती हैं. इसका एक मानसिक पक्ष भी होता है, जिसके बारे में लोग कम बात करते हैं. बार-बार नए बाल उग रहे हैं या नहीं, यह जांचना, दवा की खुराक छूट जाने की चिंता करना या फिर से बाल झड़ने का डर रखना चिंता बढ़ा सकता है. विडंबना यह है कि तनाव खुद बालों के झड़ने को और बढ़ा सकता है. इस तरह एक ऐसा कुचक्र बन जाता है, जिससे बाहर निकलना मुश्किल लगता है.

फिर कैसे झड़ते बालों को रोकें
डॉक्टर अक्सर सलाह देते हैं कि दवा शुरू करने से पहले बुनियादी सेहत पर ध्यान देना चाहिए. बाल झड़ने के कई कारण है. अगर जीन और कुछ बीमारियां इसकी वजह नहीं हो तो तनाव और पोषक तत्वों की कमी सबसे बड़ी दो वजहें हैं. पोषण में सिर्फ किसी एक की जरूरत नहीं होती बल्कि संतुलित पोषण की जरूरत होती है. जैसे विटामिन, प्रोटीन, मिनिरल्स सबका संतुलन होना चाहिए. मुख्य तौर पर विटामिन बी 12, मैग्नीशियम और जिंक की ज्यादा जरूरत होती है. तो फिर क्या करना चाहिए, थोड़ी सी बातों से समझ लीजिए.

  1. पर्याप्त पोषण लें-पर्याप्त प्रोटीन, आयरन, जिंक, बायोटिन, विटामिन ई, ओमेगा 3 फैटी एसिड वाले फूड का सेवन करें. इसके लिए हरी पत्तीदार सब्जियां, बादाम, ड्राई फ्रूट्स, अलसी के बीज, तिल के लड्डू, पालक का साग, अंडा, तेल वाली मछली, संतरा, नींबू, चकोतरा, अंगूर आदि का खूब सेवन करें.
  2. तनाव को कम करें-बाल झड़ने का बड़ा कारण है तनाव. तनाव हर किसी के जीवन में होता है लेकिन जो इसका प्रबंधन सही से कर लेगा वही विजेता है. इसके लिए आप रोज वॉक कीजिए. कम से कम 3-4 किलोमीटर रोज चलिए. फिर योग तनाव भगाने का बड़ा साधन है. योग और मेडिटेशन से तनाव दूर होगा. घूमने से तनाव दूर होता है. दोस्तों और परिवार के साथ टूर पर जाते रहिए. समाज के साथ अच्छा रिश्ता भी तनाव से दूर रखता है. इसके लिए समाज में सबके साथ घुलमिल कर रहिए. उनके साथ बातें कीजिए. दोस्तों और परिवार के साथ खूब गप्पें कीजिए. सबसे अहम बात कभी मत सोचिए कि बाल झड़ जाएंगे तो हम गंजे हो जाएंगे. इससे तनाव और बढ़ेगा. जितना खुश रहेंगे बालों की तंदुरुस्ती उतनी हो होगी.
  3. पर्याप्त नींद-हमारे शरीर के पूर्जे-पूर्जे की मरम्मत नींद में होती है. पर्याप्त नींद नहीं लेंगे तो बालों को झड़ना नहीं रुकेगा. इसलिए 7-8 घंटे की सुकून भरी नींद लीजिए. कम से कम 6 घंटे की ऐसी नींद होनी चाहिए जिसमें नींद बीच में न खुले. यानी गहरी नींद की जरूरत होती है.
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