त्रिफला गिलोय शहद | छवि: मेटा एआई
त्रिफला गिलोय शहद: अब गर्मागर्मी का भुगतान कर दिया गया है। खासकर मार्च महीने में, आप भी खुद को हर वक्त थका हुआ महसूस करते हैं? दिन भर नींद आना, मोटापा और शरीर में भारीपन महसूस होना इस मौसम में आम बात है। अक्सर हम इसे ‘बदलता मौसम’ कहते हैं, लेकिन आयुर्वेद के नजरिए से देखें तो यह आपके शरीर में विषाक्त पदार्थों को बढ़ा सकता है।
बता दें, जब शरीर के अंदर टॉक्सिन जाता है तो उनका मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे आप और भी ज्यादा कमजोर महसूस करने लगते हैं। आइये आपको इस लेख में एक ऐसे रामबाण इलाज के बारे में बताते हैं। जिससे आपको फायदे देखने को मिल सकते हैं।
आयुर्वेद का शक्तिशाली ‘डिटॉक्स पानी’
शरीर की बेहतर सफाई के लिए आयुर्वेद में एक अत्यंत प्रभावशाली औषधि के बारे में बताया गया है। जिसमें त्रिफला, गिलोय, हल्दी और शहद शामिल हैं। इन चारों को गुनगुने पानी के साथ खाली पेट लें। तो इससे आपके शरीर पर असर दिख सकता है।
त्रिफला, गिलोय, हल्दी और शहद को गुणगुने पानी में लेने के फायदे
जब हमारा पाचन तंत्र, आंतें और लाइववेरिएंट्स पाए जाते हैं, तो शरीर की खोज के तरीके से डिटॉक्स होता है। बस आपको इन चारों के मिश्रण में पानी में घुला हुआ पानी मिलाना है।
त्रिफला – इसे इज़ाद का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है। यह पुरानी गंदगी को साफ़ कर मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाता है और दुकानदार का सफाया करता है।
गिलोय – आयुर्वेद में इसे ‘अमृत’ कहा गया है। इससे वात, पित्त और कफ को राहत मिलती है और लिवर की सहायता से आपकी इम्युनिटी को बढ़ावा मिलता है।
हल्दी – आपके एंटी-एसिडिटेशन और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण के कारण हल्दी रक्त साफ होता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
हाँ – शहद का केवल एक ही स्वाद होता है, बल्कि यह अन्य स्वाद- शरीर के सेल तक गहराई से स्वाद के गुण को निर्धारित करने का काम करता है।
‘डिटॉक्स पानी’ किस तरह का पीएं?
प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में आधा हिस्सा त्रिफला केश, थोड़ी सी गिलोय और चुटकीभर हल्दी के टुकड़े। इन एक मैमोरियल शिकागो। यदि आपका पाचन बहुत खराब हो गया है, तो आप इस पानी में भूखा या सौंठ का भी उपयोग कर सकते हैं।
नोट – गर्भवती महिलाओं और जिन लोगों के पेट में दर्द रहता है। वह डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
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