दतिया में अप्रैल महीने में जहां आमतौर पर तेज गर्मी और लू का असर देखने को मिलता है, वहीं इस बार मौसम ने पूरी तरह करवट ले ली है। मंगलवार रात से शुरू हुई बारिश का सिलसिला बुधवार सुबह तक रुक-रुक कर जारी रहा। आसमान में काले बादल छाए रहे और ठंडी हवाओं ने मौसम को फरवरी जैसा बना दिया। रात जिले में 8.25 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है। मौसम विभाग ने बुधवार को बारिश के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की है। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। न्यूनतम तापमान में करीब 1.9 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई और यह 16.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। सुबह के समय चल रही ठंडी हवाओं ने लोगों को हल्की सर्दी का एहसास कराया। जो अप्रैल के लिहाज से असामान्य स्थिति है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश का असर अलग-अलग देखने को मिला। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार इंदरगढ़ क्षेत्र में सबसे अधिक 14 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सेवढ़ा में 12 मिमी बारिश हुई। लगातार बदलते मौसम के कारण जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। लोग गर्मी से राहत तो महसूस कर रहे हैं, लेकिन अचानक आई ठंडक और नमी से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं। इस असमय बारिश का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा है। गेहूं की फसल, जो कटाई के अंतिम चरण में थी, बारिश और संभावित ओलावृष्टि के कारण प्रभावित हुई है। खेतों में खड़ी और कटी हुई फसल भीगने से नुकसान की आशंका बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि यदि ओलावृष्टि होती है तो नुकसान और ज्यादा बढ़ सकता है।
















































