Wednesday, 15 Apr 2026 | 05:44 PM

Trending :

EXCLUSIVE

देर रात तक जागते हैं और चाव से खाते हैं बाहर का खाना, तो ये आदतें आपको बना सकती है बीमार..यहां जानिए खानपान का सही नियम

authorimg

अंबाला: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी ओर तेजी से बदलती लाइफस्टाइल ने युवाओं की सेहत पर दोहरा असर डालना शुरू कर दिया है. दरअसल एक तरफ जहां बढ़ती गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है तो दूसरी तरफ देर रात तक जागना, अनियमित खान-पान व बाहर का तला-भुना भोजन ने मिलकर युवाओं के शरीर में बीमारियों को बढ़ावा दे रही हैं. हाल के दिनों में अंबाला के अस्पतालों में जहां एक तरफ पेट दर्द, तेज बुखार और उल्टी जैसी शिकायतों के साथ आने वाले मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, तो साथ ही टाइफाइड के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं.

वहीं इस बारे में जब लोकल 18 की टीम ने अंबाला नागरिक अस्पताल के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर जितेंद्र वर्मा से बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर पहले ही कमजोर और डिहाइड्रेशन की स्थिति में रहता है, ऐसे में जब युवा बाहर का अस्वच्छ खाना और दूषित पानी का सेवन करते हैं, तो संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

शरीर के लिए रिफाइंड बिल्कुल भी सही नहीं

उन्होंने कहा कि आजकल के युवा स्ट्रीट फूड व बाहर का तला हुआ भोजन खाना काफी ज्यादा पसंद करते हैं, लेकिन वह बिल्कुल भी सही नहीं होता है, क्योंकि होटल ढाबों पर मिलने वाले खाने में अक्सर बाहरी मसाले काफी ज्यादा डाले जाते हैं और उसमें रिफाइंड की मात्रा भी काफी ज्यादा होती है. उन्होंने बताया कि शरीर के लिए रिफाइंड बिल्कुल भी सही नहीं होता है,ऐसे उसका सेवन बहुत कम मात्रा में करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसके साथ गर्मी के मौसम में कई जगह पर गंदा पानी आने लगता है, तो ऐसे में जॉन्डिस व टाइफाइड जैसी बीमारी के संक्रमण से बचने के लिए फिल्टर वाला पानी का सेवन करना चाहिए.

लीवर को मजबूत बनाने के लिए आयुर्वेद में टिप्स

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही लीवर को मजबूत बनाने के लिए आयुर्वेद में टिप्स बताए गए है, जिसमें अजवाइन व सौंफ और मिश्री का खाना खाने के बाद सेवन किया जाना चाहिए. इसके साथ ही सौंठ व काला नमक भी खाना खाने के बाद खा सकते हैं. उन्होंने बताया कि अक्सर खाने की चीजें कई जगह खुले में रखी होती है, जहां धूल, मक्खियां और गर्म तापमान मिलकर उसे जल्दी खराब कर देते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित होता है.

कैसे होता है टाइफाइड

उन्होंने कहा कि टाइफाइड केवल बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि यह हमारी खराब जीवनशैली का भी परिणाम है, जिसमें अनियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद की कमी और शरीर में पानी की कमी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है. ऐसे में शरीर संक्रमण से लड़ नहीं पाता और बीमारी जल्दी पकड़ लेती है और इस रोग में लंबे समय तक बुखार, कमजोरी और थकान बनी रहती है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित होता है.

उन्होंने बताया कि इसी तरह जॉन्डिस में भी तली हुई चीज बिल्कुल खानी मना होती है, इसलिए जॉन्डिस के मरीज को लिक्विड चीजें यानी मूंग की दाल का पानी पीना चाहिए. उन्होंने कहा कि कई लोग गर्मी के मौसम में दही का सेवन काफी ज्यादा करने लगते हैं, लेकिन आयुर्वेद में दही का सेवन सही नहीं माना है. इसलिए अगर दही का सेवन करना भी है, तो उसके साथ काला नमक, भुना जीरा व काली मिर्च पाउडर डालकर छाछ बनानी है तब जाकर खाना खाने से एक घंटा पहले या फिर एक घंटा बाद उसे पी सकते हैं.

रात के समय दही नहीं खानी चाहिए

उन्होंने बताया कि रात के समय दही नहीं खानी चाहिए, क्योंकि यह हमारे शरीर को नुकसान पहुंचती है और इससे काफी परेशानी हो सकती है.उन्होंने बताया कि पानी से भरपूर फल और सब्जियां जैसे खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा, लौकी, तोरी और कद्दू का सेवन करें,क्योंकि यह हमारे शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं. वहीं ठंडे पेय पदार्थ में नारियल पानी, छाछ (जीरा और पुदीना मिलाकर), नींबू पानी, सौंफ का पानी, और बेल का शर्बत शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं. इसके साथ ही आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां भी गर्मी में खानी चाहिए, जिसमें पुदीना, हरा धनिया, और एलोवेरा का उपयोग गर्मी को कम करने के लिए कर सकते हैं. इसके साथ ही हल्का और सात्विक भोजन दोपहर में खाना चाहिए, जिसमें चावल, मूंग दाल की खिचड़ी व भोजन में घी का सेवन फायदेमंद है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
'आदित्य धर ने कई बातें छुपाकर रखीं':धुरंधर 2 एक्टर दानिश इकबाल बोले- दो महीने पहले तक नहीं पता था कि मैं ही ‘बड़े साहब’ हूं

March 20, 2026/
1:30 pm

फिल्म ‘धुरंधर’ में कई बार ‘बड़े साहब’ का जिक्र हुआ था, लेकिन किरदार का खुलासा नहीं किया गया था। अब...

Dhurandhar 2 Advance Booking Sells Out

March 7, 2026/
2:14 pm

3 दिन पहले कॉपी लिंक रणवीर सिंह की मोस्ट अवेटेड फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी ‘धुरंधर 2’ का ट्रेलर शनिवार...

भोपाल में घर में नमाज पढ़ने को लेकर विवाद:पड़ोसियों ने पुलिस से की शिकायत, कहा- मस्जिद के रूप में हो रहा उपयोग

February 27, 2026/
11:04 pm

भोपाल के साकेत नगर इलाके में एक मकान में नमाज अदा किए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। पड़ोस...

NSE पर 13 अप्रैल से कच्चे तेल की ट्रेडिंग होगी:सेबी से मंजूरी मिली, इंटरनेशनल मार्केट के हिसाब से हेजिंग कर सकेंगे; कैश में सेटलमेंट होगा

March 29, 2026/
8:05 pm

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) अपने कमोडिटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट का विस्तार करने जा रहा है। NSE 13 अप्रैल 2026 से डेटेड...

दमोह में हल्की बारिश, मौसम में घुली ठंडक:अन्य स्थानों पर तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश

March 20, 2026/
8:19 am

दमोह जिले में मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। शुक्रवार सुबह शहर में हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे मौसम ठंडा...

फिल्ममेकर एम. एम. बेग घर में मृत पाए गए:लंबे समय से बीमार थे एक्ट्रेस बेबी गुड्डू के पिता, फिल्म छोटी बहू का किया था निर्देशन

February 19, 2026/
7:18 pm

वरिष्ठ फिल्मकार एम. एम. बेग का उनके घर पर निधन हो गया। वह लगभग 70 वर्ष के थे। उनके निधन...

बमोरी में दो सट्टे के कारोबारी पकड़ाए:11 लोगों पर कैंट पुलिस ने की कार्रवाई; सात बैंक अकाउंट, कई आईडी मिलीं

April 5, 2026/
7:52 am

बमोरी में दो सट्टे के कारोबारी पकड़ाए:11 लोगों पर कैंट पुलिस ने की कार्रवाई; सात बैंक अकाउंट, कई आईडी मिलीं...

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

देर रात तक जागते हैं और चाव से खाते हैं बाहर का खाना, तो ये आदतें आपको बना सकती है बीमार..यहां जानिए खानपान का सही नियम

authorimg

अंबाला: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी ओर तेजी से बदलती लाइफस्टाइल ने युवाओं की सेहत पर दोहरा असर डालना शुरू कर दिया है. दरअसल एक तरफ जहां बढ़ती गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है तो दूसरी तरफ देर रात तक जागना, अनियमित खान-पान व बाहर का तला-भुना भोजन ने मिलकर युवाओं के शरीर में बीमारियों को बढ़ावा दे रही हैं. हाल के दिनों में अंबाला के अस्पतालों में जहां एक तरफ पेट दर्द, तेज बुखार और उल्टी जैसी शिकायतों के साथ आने वाले मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, तो साथ ही टाइफाइड के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं.

वहीं इस बारे में जब लोकल 18 की टीम ने अंबाला नागरिक अस्पताल के आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर जितेंद्र वर्मा से बातचीत की, तो उन्होंने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर पहले ही कमजोर और डिहाइड्रेशन की स्थिति में रहता है, ऐसे में जब युवा बाहर का अस्वच्छ खाना और दूषित पानी का सेवन करते हैं, तो संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

शरीर के लिए रिफाइंड बिल्कुल भी सही नहीं

उन्होंने कहा कि आजकल के युवा स्ट्रीट फूड व बाहर का तला हुआ भोजन खाना काफी ज्यादा पसंद करते हैं, लेकिन वह बिल्कुल भी सही नहीं होता है, क्योंकि होटल ढाबों पर मिलने वाले खाने में अक्सर बाहरी मसाले काफी ज्यादा डाले जाते हैं और उसमें रिफाइंड की मात्रा भी काफी ज्यादा होती है. उन्होंने बताया कि शरीर के लिए रिफाइंड बिल्कुल भी सही नहीं होता है,ऐसे उसका सेवन बहुत कम मात्रा में करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसके साथ गर्मी के मौसम में कई जगह पर गंदा पानी आने लगता है, तो ऐसे में जॉन्डिस व टाइफाइड जैसी बीमारी के संक्रमण से बचने के लिए फिल्टर वाला पानी का सेवन करना चाहिए.

लीवर को मजबूत बनाने के लिए आयुर्वेद में टिप्स

उन्होंने बताया कि इसके साथ ही लीवर को मजबूत बनाने के लिए आयुर्वेद में टिप्स बताए गए है, जिसमें अजवाइन व सौंफ और मिश्री का खाना खाने के बाद सेवन किया जाना चाहिए. इसके साथ ही सौंठ व काला नमक भी खाना खाने के बाद खा सकते हैं. उन्होंने बताया कि अक्सर खाने की चीजें कई जगह खुले में रखी होती है, जहां धूल, मक्खियां और गर्म तापमान मिलकर उसे जल्दी खराब कर देते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित होता है.

कैसे होता है टाइफाइड

उन्होंने कहा कि टाइफाइड केवल बैक्टीरिया से होने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि यह हमारी खराब जीवनशैली का भी परिणाम है, जिसमें अनियमित दिनचर्या, पर्याप्त नींद की कमी और शरीर में पानी की कमी रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है. ऐसे में शरीर संक्रमण से लड़ नहीं पाता और बीमारी जल्दी पकड़ लेती है और इस रोग में लंबे समय तक बुखार, कमजोरी और थकान बनी रहती है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित होता है.

उन्होंने बताया कि इसी तरह जॉन्डिस में भी तली हुई चीज बिल्कुल खानी मना होती है, इसलिए जॉन्डिस के मरीज को लिक्विड चीजें यानी मूंग की दाल का पानी पीना चाहिए. उन्होंने कहा कि कई लोग गर्मी के मौसम में दही का सेवन काफी ज्यादा करने लगते हैं, लेकिन आयुर्वेद में दही का सेवन सही नहीं माना है. इसलिए अगर दही का सेवन करना भी है, तो उसके साथ काला नमक, भुना जीरा व काली मिर्च पाउडर डालकर छाछ बनानी है तब जाकर खाना खाने से एक घंटा पहले या फिर एक घंटा बाद उसे पी सकते हैं.

रात के समय दही नहीं खानी चाहिए

उन्होंने बताया कि रात के समय दही नहीं खानी चाहिए, क्योंकि यह हमारे शरीर को नुकसान पहुंचती है और इससे काफी परेशानी हो सकती है.उन्होंने बताया कि पानी से भरपूर फल और सब्जियां जैसे खीरा, ककड़ी, तरबूज, खरबूजा, लौकी, तोरी और कद्दू का सेवन करें,क्योंकि यह हमारे शरीर को हाइड्रेटेड रखते हैं. वहीं ठंडे पेय पदार्थ में नारियल पानी, छाछ (जीरा और पुदीना मिलाकर), नींबू पानी, सौंफ का पानी, और बेल का शर्बत शरीर को ठंडक प्रदान करते हैं. इसके साथ ही आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां भी गर्मी में खानी चाहिए, जिसमें पुदीना, हरा धनिया, और एलोवेरा का उपयोग गर्मी को कम करने के लिए कर सकते हैं. इसके साथ ही हल्का और सात्विक भोजन दोपहर में खाना चाहिए, जिसमें चावल, मूंग दाल की खिचड़ी व भोजन में घी का सेवन फायदेमंद है.

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.