नर्मदापुरम के ग्राम चीलाचौन स्थित एकलव्य वेयरहाउस से गायब 4.22 करोड़ रुपए की सरकारी मूंग के मामले में पुलिस अब मंडी बोर्ड को पत्र लिखेगी। पुलिस बोर्ड से जानकारी मांगेगी कि बालाजी इंडस्ट्रीज (लोहारिया रोड) ने चोरी की मूंग खरीदने पर मंडी के पोर्टल से अनुबंध पत्रक कटवाया था या नहीं। यदि अनुबंध पत्रक नहीं भरवाया गया होगा, तो बालाजी इंडस्ट्रीज पर मंडी टैक्स चोरी का मामला भी दर्ज किया जाएगा। फिलहाल इस मामले में वेयरहाउस संचालिका आरती तोमर और अभय राजावत जेल में हैं, जबकि मूंग बेचने का मास्टरमाइंड अमित तोमर पिछले डेढ़ माह से फरार है। मास्टरमाइंड बताएगा कहां बेची बाकी 3000 क्विंटल मूंग एसडीओपी संजू चौहान ने दैनिक भास्कर को बताया कि पुलिस इस मामले के हर बिंदु पर बारीकी से जांच कर रही है। एकलव्य वेयरहाउस से मूंग चोरी के बाद बालाजी इंडस्ट्रीज के अलावा बाकी 3000 क्विंटल मूंग कहां-कहां बेची गई, इसकी जानकारी मुख्य आरोपी अमित तोमर की गिरफ्तारी के बाद ही सामने आएगी। आरोपी अमित तोमर वेयरहाउस संचालिका आरती तोमर का भाई है और वही मूंग बेचने के पूरे प्रकरण का मास्टरमाइंड है। 80 लाख के नकद भुगतान की जांच, सौदागर की तलाश पुलिस बालाजी इंडस्ट्रीज के उस अधिकारी की भी सख्ती से तलाश कर रही है, जिसने आरोपियों के साथ मूंग का सौदा किया था। इसके अलावा पुलिस यह भी जांच कर रही है कि बालाजी इंडस्ट्रीज ने मूंग चोरी करने वालों को करीब 80 लाख रुपए की नकद राशि किस तरह अरेंज करके दी। जानकारों के मुताबिक, नियमानुसार 1 लाख 99 हजार रुपए से अधिक की राशि का नकद भुगतान नहीं किया जा सकता है। जनप्रतिनिधि का करीबी है इंडस्ट्रीज मालिक चोरी की गई मूंग को इटारसी की जिस बालाजी इंडस्ट्रीज में बेचा गया था, उसके मालिक पंकज अग्रवाल बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, अग्रवाल जिले के एक जनप्रतिनिधि के बेहद करीबी हैं और पूर्व में उनका चुनाव मैनेजमेंट भी संभाल चुके हैं। जानकारी के अनुसार, करीब डेढ़ साल पहले भी इस इंडस्ट्रीज की जांच हुई थी। तब एक महिला अधिकारी जांच करने पहुंची थीं, लेकिन कुछ ही दिन बाद उनका तबादला कर दिया गया था।















































