मप्र सरकार ने नर्मदापुरम संभाग में प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कमिश्नर समेत नर्मदापुरम और बैतूल जिलों के कलेक्टर के तबादले किए। नर्मदापुरम के कमिश्नर कृष्णगोपाल तिवारी को अब आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण बनाया गया है, उनकी जगह साल 2009 बैच के आईएएस श्रीकांत बनोठ को संभागीय कमिश्नर नियुक्त किया गया है। नर्मदापुरम जिले की कमान अब 2013 बैच के आईएएस मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा के हाथों में रहेगी। नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीना को वल्लभ भवन में अवर सचिव (वित्त) पद पर पदस्थ किया गया है। बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी को बड़े जिले रीवा की जिम्मेदारी दी गई है। रीवा नगर निगम आयुक्त डॉ. सौरभ संजय सोनवणे को बैतूल कलेक्टर बनाया गया है। कलेक्टर सोनिया मीना जनवरी 2024 को नर्मदापुरम कलेक्टर का पद संभाला था। अब सोमेश मिश्रा को नर्मदापुरम कलेक्टर बनाया गया है। कामकाज और छवि के आधार पर फैसला प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को अधिकारियों के परफॉर्मेंस और प्रशासनिक संतुलन से जोड़कर देखा जा रहा है। नए कमिश्नर श्रीकांत बनोठ को अनुभवी और सख्त प्रशासनिक अधिकारी माना जाता है, जिनसे संभाग में समन्वय और मॉनिटरिंग मजबूत होने की उम्मीद है। नए कलेक्टर सोमेश मिश्रा की पहचान ग्राउंड लेवल पर काम करने वाले अफसर के रूप में रही है। मंडला में उनके कार्यकाल के दौरान राजस्व और जनसुनवाई मामलों में तेजी देखने को मिली थी। अब नर्मदापुरम में उनसे किसानों, सिंचाई और राजस्व मामलों में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने दैनिक भास्कर को बताया नर्मदापुरम कृषि प्रदान जिला है। गेंहू चना समर्थन मूल्य खरीदी प्राथमिकता रहेगी। डॉ. सौरभ सोनवणे शहरी प्रशासन में काम करने का अनुभव रखते हैं। ऐसे में बैतूल जैसे आदिवासी बहुल जिले में उनकी नई चुनौती ग्रामीण विकास, शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना होगी। इस बदलाव का सीधा असर अब आम जनता पर दिखेगा। बैतूल में विकास योजनाओं और आदिवासी क्षेत्रों में कामकाज की रफ्तार बढ़ने की संभावना है। संभाग में हुए इस बड़े फेरबदल को सरकार के प्रशासनिक संतुलन साधने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। अनुभवी और फील्ड में सक्रिय अफसरों की तैनाती से आने वाले समय में विकास कार्यों और शासन की पकड़ मजबूत होने के संकेत मिल रहे हैं।














































