मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए स्पष्ट कहा कि सभी भर्ती प्रक्रियाएं प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूर्ण की जाएं, ताकि आम जनता को बेहतर इलाज मिल सके। उन्होंने लंबित प्रस्तावों, मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों और नई स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नर्सिंग छात्राओं की नियुक्ति में सभी जिलों का विकल्प देने पर भी जोर दिया गया। समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने बुधनी, दमोह और छतरपुर मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए। साथ ही आउटसोर्स पदों पर भर्ती के लिए सभी जिलों में आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। नर्सिंग कॉलेजों में 59 राजपत्रित पदों पर भर्ती के लिए लोक सेवा आयोग को जल्द प्रस्ताव भेजने के निर्देश भी दिए गए। नर्सिंग छात्राओं को सभी जिलों का विकल्प उप मुख्यमंत्री ने नर्सिंग कॉलेजों की उत्तीर्ण छात्राओं की नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सभी जिलों का विकल्प उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इससे छात्राओं को अपनी पसंद के स्थान पर सेवाएं देने का अवसर मिलेगा। बैठक में सागर में कैंसर अस्पताल और सिंगरौली में अस्पताल उन्नयन जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों की समीक्षा की गई। साथ ही एयर एम्बुलेंस संचालन, शव वाहन व्यवस्था, विशेषज्ञों की सीधी भर्ती और 16 जिला अस्पतालों में नए पद सृजित करने के प्रस्तावों को शीघ्र आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। रीवा-सतना के मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई उप मुख्यमंत्री ने रीवा और सतना मेडिकल कॉलेज के भ्रमण के दौरान सामने आए मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा। रीवा में आउटसोर्स कर्मचारियों के वेतन भुगतान और मैहर जिला अस्पताल के लिए भूमि चिन्हांकन प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।














































