आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले राज्यसभा सांसद और क्रिकेटर हरभजन सिंह की पंजाब सरकार ने सिक्योरिटी वापस ले ले ली है। पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने खुद आप छोड़ने का ऐलान नहीं किया है, लेकिन राघव चड्ढा ने उन्हें अपने साथ होने का दावा किया था। सूत्रों का कहना है कि हरभजन सिंह से पार्टी हाईकमान लगातार संपर्क में थी लेकिन वो कोई बात नहीं कर रहे हैं। इसके बाद रविवार को पार्टी ने पंजाब पुलिस की सिक्योरिटी वापस ले ली है। बता दें कि पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले 7 सांसदों ने AAP को छोड़ दिया। राघव चड्ढा संदीप पाठक व अशोक मित्तल के साथ भाजपा में शामिल हो गए। उन्होंने दावा किया किया हमारे साथ 7 सांसद हैं। 3 सांसद बीजेपी में हो चुके शामिल
24 अप्रैल 2026 को आप की तरफ से पंजाब से राज्यसभा गए 3 सांसद बीजेपी में शामिल हो गए थे, जबकि 3 अन्य के भी बीजेपी में होने का दावा किया गया था। इसमें जालंधर के पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह का भी नाम शामलि था। वे मार्च 2022 में AAP से पंजाब से राज्यसभा सांसद बने थे। हरभजन के पास थी जेड प्लस सिक्योरिटी
पूर्व क्रिकेटर और आप के पंजाब से राज्यसभा सदस्य हरभजन सिंह के पास जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा थी, जो उन्हें पंजाब सरकार द्वारा प्रदान की गई थी। अप्रैल 2026 में आप (AAP) छोड़ने और भाजपा (BJP) में शामिल होने की खबरों के बाद शनिवार को उनके जालंधर आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ था। सीएम भगवंत मान मांग चुके राष्ट्रपति से मिलने का समय
उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान इससे पहले राष्ट्रपति से मिलने का समय मांग चुके हैं। भगवंत मान अपनी पार्टी के 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने पर नाराज हैं। सूत्रों ने बताया कि वे राष्ट्रपति के सामने पंजाब के राज्यसभा सदस्यों को रिकॉल करने संबंधी अपना पक्ष रखना चाहते हैं। सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के पार्टी विधायकों के साथ राष्ट्रपति से मुलाकात कर सकते हैं। इस दौरान वे बीजेपी में शामिल हुए पंजाब के राज्यसभा सदस्यों को रिकॉल करने संबंधी पक्ष रखेंगे।












































