Saturday, 11 Apr 2026 | 05:51 PM

Trending :

EXCLUSIVE

परमाणु ऊर्जा का शक्तिमानः स्वदेशी फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तैयार:400 साल की बिजली गारंटी; ऐसा करने वाला भारत दुनिया का दूसरा देश

परमाणु ऊर्जा का शक्तिमानः स्वदेशी फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तैयार:400 साल की बिजली गारंटी; ऐसा करने वाला भारत दुनिया का दूसरा देश

भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में वह कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने दुनिया के विकसित देशों को चौंका दिया है। तमिलनाडु के कलपक्कम में भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (भाविनी-BHAVINI) का 500 मेगावाट का प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) अब कमर्शियल उत्पादन लिए तैयार है। इसे बनाने में 200 से अधिक भारतीय एमएसएमई और निजी कंपनियों ने कलपुर्जे बनाए हैं। इस वजह से भारत पर किसी भी तरह के विदेशी प्रतिबंधों का कोई असर नहीं होगा। रूस के बाद भारत दुनिया का दूसरा ऐसा देश बन गया है, जिसने इस जटिल तकनीक को व्यावसायिक स्तर पर उतारा है। इसे किसी विदेशी मदद के बिना, पूरी तरह स्वदेशी इंजीनियरिंग से तैयार किया गया है। इससे भारत के न्यूक्लियर प्रोग्राम के स्टेज-3 का रास्ता खुलेगा और थोरियम से परमाणु बिजली बनाना संभव होगा। परमाणु विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य रिएक्टरों की तुलना में ‘फास्ट ब्रीडर रिएक्टर’ कहीं अधिक उन्नत होते हैं। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह जितना ईंधन (यूरेनियम) इस्तेमाल करता है, उससे कहीं ज्यादा पैदा करता है। इसीलिए इसे ‘ब्रीडर’ कहा जाता है। भारत के पास यूरेनियम के भंडार सीमित हैं, लेकिन थोरियम का विशाल भंडार है। यह रिएक्टर भारत के ‘तीन चरणों वाले परमाणु कार्यक्रम’ के दूसरे चरण की शुरुआत है, जो भविष्य में थोरियम के इस्तेमाल का रास्ता खोलेगा। परमाणु विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका, फ्रांस ने परमाणु रिएक्टर के एक ही डिजाइन- पेशराइज्ड वाटर रिएक्टर (पीडब्ल्यूआर) को अपनाया। जर्मनी और ब्रिटेन की कोशिश नाकाम रही। भारत ने इस जटिल इंजीनियरिंग चुनौती को स्वीकार किया। भारत में लगभग 9.63 लाख टन थोरियम का भंडार है। एक बार जब हम तीसरे चरण में पूरी तरह प्रवेश कर जाएंगे, तो ये भंडार भारत को अगले 400 वर्षों तक निर्बाध बिजली प्रदान करने में सक्षम होंगे। परमाणु वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोदकर के विजन का जिक्र करते हुए विशेषज्ञ बताते हैं कि हालांकि इस परियोजना में समय लगा, जो ‘मेक इन इंडिया’ की बड़ी मिसाल है। यह भारत की ‘ऊर्जा संप्रभुता’ का घोषणा-पत्र जैसा है। कलपक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर इसलिए खास है ईंधन की बचत – यह रिएक्टर इस्तेमाल किए गए ईंधन को फिर से रिसाइकिल कर ऊर्जा पैदा करता है। सुरक्षा – लिक्विड सोडियम का इस्तेमाल, जो बिजली न होने पर भी रिएक्टर को खुद ही ठंडा रख सकता है। 72 साल पहले होमी भाभा ने यह विजन रखा था। 22 साल लगे रिएक्टर के निर्माण में। 7,700 करोड़ रु. कुल लागत। 100% स्वदेशी तकनीक।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
World News Updates; Trump Pakistan China

April 4, 2026/
12:14 am

15 मिनट पहले कॉपी लिंक फाइल फोटो। अफगानिस्तान के काबुल में शुक्रवार देर शाम भूकंप से 8 लोगों की मौत...

बुरहानपुर में नवकुंडीय गायत्री महायज्ञ का दूसरा दिन:36 जोड़ों ने आहुति दी, संस्कार-सद्भाव के संदेश के साथ प्रकृति सेवा का आह्वान

March 20, 2026/
6:00 pm

बुरहानपुर के गायत्री शक्तिपीठ में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर नवकुंडीय गायत्री महायज्ञ का दूसरा दिन शुक्रवार को हुआ। इस...

authorimg

March 30, 2026/
12:52 pm

IVF Fertility Treatment: जब कपल्स फर्टिलिटी ट्रीटमेंट के विकल्पों पर विचार करना शुरू करते हैं, तो आमतौर पर दो सवाल...

धनुष के प्रीमियर में आने का कारण रोमांटिक नहीं:मृणाल ठाकुर बोलीं- मैं उनकी लंबे समय से फैन हूं, साथ काम करने की इच्छा है

February 20, 2026/
4:01 pm

बॉलीवुड एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर ने अपनी नई फिल्म ‘दो दीवाने शहर में’ के प्रमोशन के दौरान एक बार फिर साउथ...

ask search icon

April 7, 2026/
4:01 pm

Last Updated:April 07, 2026, 16:01 IST अगर आप कभी पहाड़ों की यात्रा पर जाएं, तो आपको वहां एक खास पौधा...

भारत पेट्रोलियम डिपो में 129 करोड़ का घपला:इंदौर में पेट्रोल-डीजल फ्री में भरवाया, फ्लीट कार्ड में गड़बड़ी की; 7 व्यापारी-ट्रांसपोर्टरों पर FIR

April 2, 2026/
12:02 am

इंदौर के मांगलिया स्थित भारत पेट्रोलियम डिपो में 129 करोड़ 55 लाख रुपए की धोखाधड़ी सामने आई है। मामला BPCL...

Indian Army BrahMos Missile Upgrade

March 27, 2026/
12:15 am

नई दिल्ली44 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय सेना 800 किलोमीटर से ज्यादा रेंज वाली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल खरीदने की...

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

परमाणु ऊर्जा का शक्तिमानः स्वदेशी फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तैयार:400 साल की बिजली गारंटी; ऐसा करने वाला भारत दुनिया का दूसरा देश

परमाणु ऊर्जा का शक्तिमानः स्वदेशी फास्ट ब्रीडर रिएक्टर तैयार:400 साल की बिजली गारंटी; ऐसा करने वाला भारत दुनिया का दूसरा देश

भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में वह कीर्तिमान स्थापित किया है, जिसने दुनिया के विकसित देशों को चौंका दिया है। तमिलनाडु के कलपक्कम में भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (भाविनी-BHAVINI) का 500 मेगावाट का प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (पीएफबीआर) अब कमर्शियल उत्पादन लिए तैयार है। इसे बनाने में 200 से अधिक भारतीय एमएसएमई और निजी कंपनियों ने कलपुर्जे बनाए हैं। इस वजह से भारत पर किसी भी तरह के विदेशी प्रतिबंधों का कोई असर नहीं होगा। रूस के बाद भारत दुनिया का दूसरा ऐसा देश बन गया है, जिसने इस जटिल तकनीक को व्यावसायिक स्तर पर उतारा है। इसे किसी विदेशी मदद के बिना, पूरी तरह स्वदेशी इंजीनियरिंग से तैयार किया गया है। इससे भारत के न्यूक्लियर प्रोग्राम के स्टेज-3 का रास्ता खुलेगा और थोरियम से परमाणु बिजली बनाना संभव होगा। परमाणु विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य रिएक्टरों की तुलना में ‘फास्ट ब्रीडर रिएक्टर’ कहीं अधिक उन्नत होते हैं। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह जितना ईंधन (यूरेनियम) इस्तेमाल करता है, उससे कहीं ज्यादा पैदा करता है। इसीलिए इसे ‘ब्रीडर’ कहा जाता है। भारत के पास यूरेनियम के भंडार सीमित हैं, लेकिन थोरियम का विशाल भंडार है। यह रिएक्टर भारत के ‘तीन चरणों वाले परमाणु कार्यक्रम’ के दूसरे चरण की शुरुआत है, जो भविष्य में थोरियम के इस्तेमाल का रास्ता खोलेगा। परमाणु विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका, फ्रांस ने परमाणु रिएक्टर के एक ही डिजाइन- पेशराइज्ड वाटर रिएक्टर (पीडब्ल्यूआर) को अपनाया। जर्मनी और ब्रिटेन की कोशिश नाकाम रही। भारत ने इस जटिल इंजीनियरिंग चुनौती को स्वीकार किया। भारत में लगभग 9.63 लाख टन थोरियम का भंडार है। एक बार जब हम तीसरे चरण में पूरी तरह प्रवेश कर जाएंगे, तो ये भंडार भारत को अगले 400 वर्षों तक निर्बाध बिजली प्रदान करने में सक्षम होंगे। परमाणु वैज्ञानिक डॉ. अनिल काकोदकर के विजन का जिक्र करते हुए विशेषज्ञ बताते हैं कि हालांकि इस परियोजना में समय लगा, जो ‘मेक इन इंडिया’ की बड़ी मिसाल है। यह भारत की ‘ऊर्जा संप्रभुता’ का घोषणा-पत्र जैसा है। कलपक्कम स्थित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर इसलिए खास है ईंधन की बचत – यह रिएक्टर इस्तेमाल किए गए ईंधन को फिर से रिसाइकिल कर ऊर्जा पैदा करता है। सुरक्षा – लिक्विड सोडियम का इस्तेमाल, जो बिजली न होने पर भी रिएक्टर को खुद ही ठंडा रख सकता है। 72 साल पहले होमी भाभा ने यह विजन रखा था। 22 साल लगे रिएक्टर के निर्माण में। 7,700 करोड़ रु. कुल लागत। 100% स्वदेशी तकनीक।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.