Sunday, 26 Jul 2026 | 11:53 AM

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बहन ने घर बुलाया,भाई ने कुल्हाड़ी से काटा:ऐसा वार किया कि खाने का निवाला गले में फंसा रह गया था; अफेयर के शक में मर्डर

बहन ने घर बुलाया,भाई ने कुल्हाड़ी से काटा:ऐसा वार किया कि खाने का निवाला गले में फंसा रह गया था; अफेयर के शक में मर्डर

हैलो, मैं शारदा बोल रही हूं। शाम को खाने पर घर आ जाओ। दीदी भी यहीं पर है… यह सिर्फ एक फोन कॉल नहीं था। इसके पीछे छिपा था, एक डरावना सच। सागर के भेड़ा गांव में 10 अप्रैल को महेंद्र अहिरवार की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। बहुत ही बेरहमी से उसे मारा गया था। पुलिस ने पड़ताल की तो उसके एक हाथ में रोटी का टुकड़ा और दूसरे में ककड़ी फंसी हुई थी। पोस्टमार्टम में पता चला कि उसकी गर्दन पर इतनी जोर से वार किया गया था, खाने का निवाला हलक में ही फंसा रह गया था। पूरे हत्याकांड की प्लानिंग जीजा ने अपनी मुंहबोली साली के साथ मिलकर की, क्योंकि उसे शक था कि पत्नी का महेंद्र से अफेयर चल रहा था। दैनिक भास्कर ने इस पूरे हत्याकांड को समझने के लिए जांच अधिकारी से बात की। कैसे आरोपियों तक पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… सड़क किनारे बोरे में लाश देख सहमे लोग
पुलिस के अनुसार, 11 अप्रैल की सुबह सागर-बंडा मार्ग पर कर्रापुर में राजा ढाबा के पास सड़क किनारे एक बोरा लावारिस हालत में पड़ा हुआ था। बोरे पर बाहर की तरफ खून लगा हुआ था। लोगों की सूचना पर कर्रापुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। बोरे का मुंह साड़ी को फाड़कर बांधा गया था, इस कारण लोग किसी महिला की लाश होना, मानकर चल रहे थे। पुलिस ने बोरा खोला तो उसमें से एक व्यक्ति की लाश निकली। शव के पास से कोई पहचान पत्र नहीं मिला, लेकिन गर्दन कटी थी। शरीर पर कई जगह धारदार हथियार के घाव थे। आसपास खून नहीं होने से पुलिस ने यह मानकर पड़ताल शुरू की कि हत्या कहीं और हुई। लाश को यहां सड़क किनारे ठिकाने लगाया गया है। 12 साल की बेटी इंतजार करती रही लेकिन नहीं लौटा
पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस के पास मृतक की पहचान करने की चुनौती थी। थानों के साथ ही सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट की। फोटो परिजन तक पहुंची तो वे थाने पहुंचे। उन्होंने महेंद्र अहिरवार (44) निवासी भेड़ा के रूप में शिनाख्त की। परिवार ने बताया कि महेंद्र 10 अप्रैल को घर से कुछ देर में आने का कहकर निकला था। पत्नी और 12 साल की बेटी उसका इंतजार करते रहे, लेकिन वह नहीं लौटा। परिजनों ने गांव के लोगों पर हत्या का शक जताया
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए परिजनों ने चौराहे पर शव रखकर चक्काजाम किया। उन्होंने गांव के कुछ लोगों पर महेंद्र की हत्या करने का संदेह जताया। पुलिस ने परिवार और ग्रामीणों से अलग से पूछताछ की। लोगों ने अफेयर की शंका जाहिर करते हुए गांव की ही एक महिला का नाम लिया। पुलिस ने संदेह के आधार पर महिला और उसके परिवार की कुंडली खंगालनी शुरू की। 12 अप्रैल को दो संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, उन्होंने जुर्म तो कबूला, लेकिन पुलिस को गुमराह करते रहे। काफी सख्ती दिखोन पर सनसनीखेज हत्याकांड की कहानी का खुलासा हुआ। प्रेमिका की मुंहबोली बहन ने कॉल कर बुलाया
पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि महेंद्र की लीला से दोस्ती है। इसकी भनक लीला के पति हरिशंकर अहिरवार का भी लग चुकी थी। धीरे-धीरे यह बात परिवार से बाहर निकलकर गांववालों तक पहुंच गई। बदनामी के कारण हरिशंकर और उसका परिवार गुस्से में था। हरिशंकर ने महेंद्र को पत्नी से दूर रहने को भी कहा था, हालांकि महेंद्र ने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। इसी बात से नाराज होकर हत्याकांड को अंजाम दिया गया। 10 अप्रैल को महेंद्र काम से घर लौटा ही था कि उसकी फोन की घंटी बजी। कॉल करने वाली लीला की मुंह बोली बहन शारदा थी। महेंद्र ने हैलो ही कहा था कि उधर ने शारदा बोल उठी। तुमसे मिलना है, सागर के राजीव नगर मेरे घर पर आ जाओ। दीदी भी यहीं पर आई हुई है। उसकी बातों में आकर महेंद्र घर आने को राजी हो गया। वह तैयार हुआ और कुर देर में आने का बोलकर घर से सागर के लिए निकल गया। जब वह राजीव नगर पहुंचा तो घर में शारदा और लीला मिली। बातचीत चल ही रही थी कि लीला का पति, भाई और बेटा भी वहां आ गए। काफी देर तक बातचीत होती रही, फिर सभी खाने पर साथ बैठे। खाना खाते समय बातचीत बहस में बदल गई। लीला का भाई गणेश गुस्से में उठा और पीछे रखी कुल्हाड़ी उठाकर खाना खा रहे महेंद्र की गर्दन पर दे मारी। कुल्हाड़ी लगते ही महेंद्र की चीख निकल गई। खून की धार निकलने लगी। कुछ ही देर में वह बदहवास हो गया। जमीन पर पड़े महेंद्र पर फिर से कुल्हाड़ी से वार किया। इस पर वार माथे पर किया गया था। कुछ ही देर में तड़पते हुए उसने दम तोड़ दिया। देर रात हुए इस पूरे घटनाक्रम से पड़ोसी अंजान थे। वारदात छिपाने ऑटो में शव रखकर सड़क किनारे फेंका
हत्या के बाद आरोपी किस्सू बोरा लेकर आया। शव को बोरे में भरा। आरोपी गणेश घर गया और अपने भाई भूपेंद्र अहिरवार का इलेक्ट्रिक ऑटो ले आया। किस्सू, शारदा और गणेश ने शव को ऑटो में डाला और तीनों शव लेकर ठिकाने लगाने निकल पड़े। मोतीनगर से होते हुए वे बंडा रोड पहुंचे। अब तक रात के 2 बच चुके थे। उन्होंने कर्रापुर के पास सड़क किनारे बोरे में भरी लाश फेंकी और वापस सागर लौट आए। वारदात को अंजाम देने के बाद रात करीब 4 बजे वे वापस घर आकर सो गए। उन्होंने पुलिस को भ्रमित करने के लिए लाश को सड़क किनारे फेंका था। मैंने कॉल कर बुलाया, गणेश ने कुल्हाड़ी मारकर हत्या की
पुलिस गिरफ्त में आई शारदा अहिरवार ने बताया कि वह हरिशंकर अहिरवार की मुंह बोली साली है। बहन और महेंद्र के बीच अफेयर चल रहा था। गांव और समाज में बदनामी हो रही थी। काफी बार समझाया, लेकिन उसने नहीं सुना। बदनामी का बदला लेने के लिए जीजा हरिशंकर, भाई और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। साजिश के तहत महेंद्र को फोन कर मैंने ही घर बुलाया था। यहां खाना खाते समय मौत के घाट उतारा। वारदात के दौरान मौके पर मैं, बहन लीला, उसका पति हरिशंकर, मेरा भाई किस्सू, गणेश, हरिशंकर का बेटा सत्यम मौजूद थे। महेंद्र ने सिर पर कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या की थी। मौत ऐसी दी कि गले में फंसा रह गया रोटी का टुकड़ा
आरोपियों ने युवक की इतनी बेरहमी से हत्या की थी, कि उसे खाना भी नहीं खाने दिया। मौत से पहले उसने रोटी का टुकड़ा तोड़ा था और खाने के लिए हाथ में ककड़ी उठाई थी। मरने के बाद रोटी और ककड़ी का टुकड़ा उसके हाथ में मिला। एक निवाला गले में फंसा रहा। तीन तरीके, जिसने आरोपियों को जेल पहुंचाया अफेयर में हत्या, 2 आरोपी गिरफ्तार
एडिशनल एसपी लोकेश सिंहा ने बताया कि हत्या कर बोरे में भरकर शव फेंकने के मामले में दो आरोपी शारदा और भूपेंद्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी हरिशंकर, पत्नी लीला, बेटा सत्यम, साला किस्सू, गणेश अहिरवार की तलाश में पुलिस दबिश दे दही है। महेंद्र की हत्या अवैध संबंधों के चलते की गई है। वारदात में उपयोग किया गया ऑटो जब्त कर लिया गया है।

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पुलिस गिरफ्त में आई शारदा अहिरवार ने बताया कि वह हरिशंकर अहिरवार की मुंह बोली साली है। बहन और महेंद्र के बीच अफेयर चल रहा था। गांव और समाज में बदनामी हो रही थी। काफी बार समझाया, लेकिन उसने नहीं सुना। बदनामी का बदला लेने के लिए जीजा हरिशंकर, भाई और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। साजिश के तहत महेंद्र को फोन कर मैंने ही घर बुलाया था। यहां खाना खाते समय मौत के घाट उतारा। वारदात के दौरान मौके पर मैं, बहन लीला, उसका पति हरिशंकर, मेरा भाई किस्सू, गणेश, हरिशंकर का बेटा सत्यम मौजूद थे। महेंद्र ने सिर पर कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या की थी। मौत ऐसी दी कि गले में फंसा रह गया रोटी का टुकड़ा
आरोपियों ने युवक की इतनी बेरहमी से हत्या की थी, कि उसे खाना भी नहीं खाने दिया। मौत से पहले उसने रोटी का टुकड़ा तोड़ा था और खाने के लिए हाथ में ककड़ी उठाई थी। मरने के बाद रोटी और ककड़ी का टुकड़ा उसके हाथ में मिला। एक निवाला गले में फंसा रहा। तीन तरीके, जिसने आरोपियों को जेल पहुंचाया अफेयर में हत्या, 2 आरोपी गिरफ्तार
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