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बिना शर्त दोस्तों-रिश्तेदारों को दिए थे बीकाजी के शोरूम:शिवरतन अग्रवाल से लोगों ने कहा था-भुजिया कहां बेचोगे; शेल्फ लाइफ बढ़ाकर विदेशों तक पहुंचाया प्रोडक्ट

बिना शर्त दोस्तों-रिश्तेदारों को दिए थे बीकाजी के शोरूम:शिवरतन अग्रवाल से लोगों ने कहा था-भुजिया कहां बेचोगे; शेल्फ लाइफ बढ़ाकर विदेशों तक पहुंचाया प्रोडक्ट

बीकाजी के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल (74) का गुरुवार सुबह चेन्नई में हार्ट अटैक से निधन हो गया। बीकानेर में उन्हें शिवरतन अग्रवाल से ज्यादा ‘फन्ना बाबू’ के नाम से जाना जाता था। वे मस्तमौला थे और दोस्तों के लिए हमेशा तैयार रहते थे। उन्होंने बीकानेर में अपने शोरूम दोस्तों को बिना किसी शर्त चलाने के लिए दे दिए थे। जब उन्होंने अपने भाइयों से अलग बीकाजी ब्रांड शुरू किया तो लोगों ने कहा था- इतनी बड़ी फैक्ट्री लगाकर भुजिया बेचोगे कहां? लेकिन, शिवरतन अग्रवाल ने हाथों से बनने वाली भुजिया को मशीनों से तेजी से बनाना शुरू किया। विदेशों तक भुजिया पहुंचे, इसके लिए पैकेजिंग की शेल्फ लाइफ बढ़ाई। उनके निधन के बाद बीकानेर के करणी और बीछवाल इंडस्ट्रीयल एरिया में बनी फैक्ट्री में प्रोडक्शन अस्थाई रूप रोक दिया गया है। सप्लाई भी रोक दी गई है। करणी की फैक्ट्री में रोजाना 800 टन का प्रोडक्शन होता है। इसमें से 150 टन से ज्यादा भुजिया का उत्पादन है। बाकी मिठाई, चिप्स, पापड़ और बेकरी के आइटम बनते हैं। पढ़िए बीकाजी के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल की कहानी… ‘फन्ना बाबू’ के नाम से फेमस शिवरतन अग्रवाल के दोस्त रामकुमार पुरोहित बताते हैं- आप बीकानेर शहर के परकोटे में किसी से पूछ लें कि शिवरतन अग्रवाल कौन हैं तो शायद कुछ लोग नहीं जानें, लेकिन जैसे ही आप कहेंगे कि फन्ना बाबू कौन है तो आपको उनका पूरा इतिहास ही बता देंगे। आठवीं तक पढ़े शिवरतन अपने मस्तमौला स्वभाव के साथ-साथ बहुत दूर की सोचते थे। दोस्तों के साथ होली पर मस्ती हो या शहर में गोठ करनी हो, वे हर चीज में सबसे आगे रहते थे। 1993 में बनाई थी बीकाजी रामकुमार पुरोहित बताते हैं- शिवरतन अग्रवाल ने 1986 में अपनी कंपनी को तीन भाइयों से अलग शुरू किया था। शिवकिसन अग्रवाल, मनोहर लाल अग्रवाल और मधु अग्रवाल ने हल्दीराम नाम से भुजिया का ब्रांड स्थापित किया। वहीं शिवरतन ने नाम दिया ‘शिवदीप फूड्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड’। 1993 में इसका नाम ‘बीकाजी’ कर दिया, जो बीकानेर शहर के संस्थापक राव बीका के नाम पर है। मजबूत इरादों से देश-विदेश तक पहुंचाया ब्रांड दोस्त रामकुमार बताते हैं- जब शिवरतन ने अपनी अलग फैक्ट्री लगाई तो लोगों ने उन्हें कहा था- ‘इतनी बड़ी फैक्ट्री लगाकर कहां भुजिया बेचोगे बाबू?’ लेकिन उनके इरादे मजबूत थे। आज दुनियाभर में बीकाजी भुजिया की डिमांड है। उस समय भुजिया हाथ से बनाई जाती थी, लेकिन उन्होंने मशीनों के इस्तेमाल की शुरुआत की। इसके लिए वे विदेशों तक गए और भारत में पहली ऑटोमेटेड भुजिया फैक्ट्री स्थापित की। आधुनिक पैकेजिंग पर जोर देकर प्रोडक्ट की शेल्फ लाइफ बढ़ाई, जिससे बीकाजी के उत्पाद देश-विदेश तक पहुंच सके। बिना शर्त दे दिए शोरूम शिवरतन बीकानेर में बीकाजी के शोरूम अपने स्तर पर चलाने में सक्षम थे, लेकिन उन्होंने दोस्तों को ये अवसर दिया। बीकानेर के नत्थूसर गेट, जस्सूसर गेट, जयपुर रोड, जयनारायण व्यास कॉलोनी और यहां तक कि श्रीगंगानगर तक में उन्होंने शोरूम देने के लिए शर्तें नहीं लगाई। ये शोरूम उन्होंने अपने दोस्तों और परिचितों को बिना किसी औपचारिकता के दे दिए। अमिताभ बच्चन ब्रांड एंबेसडर आज बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल 250 से ज्यादा उत्पाद बनाती है। ब्रांड को देशभर में लोकप्रिय बनाने के लिए अमिताभ बच्चन को ब्रांड एंबेसडर भी बनाया गया। साल 2024 में शिवरतन अग्रवाल को फोर्ब्स की वर्ल्ड बिलेनियर सूची में भी शामिल किया गया था। इसमें वे टॉप-25 भारतीयों में शामिल थे। उन्हें लिस्ट में 14वां स्थान मिला था। अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया और UAE तक जा रही नमकीन बीकाजी फूड्स आज 30 से ज्यादा देशों में पहुंच रहा है। सबसे पहले साल 1994 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में बीकाजी भुजिया एक्सपोर्ट होना शुरू हुआ। 1996 में ऑस्ट्रेलिया में बीकाजी ने एक्सपोर्ट शुरू कर दिया। लगातार अन्य देशों से भी डिमांड आने लगी। आज भी बीकानेरी भुजिया को सबसे ज्यादा गल्फ देशों में पसंद किया जाता है। इसके अलावा अमेरिका, जर्मनी, स्पेन, फ्रांस, रूस, नेपाल, न्यूजीलैंड, कनाडा, कतर, यूनाइटेड अरब अमीरात, बहरीन, नॉर्वे में भी पहुंच रहा है। 8 लाख दुकानदार बेच रहे बीकाजी भुजिया आज करीब आठ लाख दुकानदार बीकाजी भुजिया बेच रहे हैं। बीकाजी के आउटलेट्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इन आउटलेट्स की डिजाइन खुद बीकाजी ग्रुप करता है। देशभर में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद सहित अनेक बड़े शहरों में एक-दो नहीं बल्कि अनेक आउटलेट्स हैं। नई दिल्ली, मुंबई और जयपुर में इनकी संख्या सबसे ज्यादा है। हैदराबाद सहित कई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी बीकाजी के आउटलेट्स मौजूद हैं। … निधन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बीकाजी के CMD शिवरतन अग्रवाल का हार्ट अटैक से निधन:चेन्नई में ली अंतिम सांस, पत्नी के ऑपरेशन के लिए परिवार के साथ गए थे बीकाजी के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल (74) का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया। वे अपनी पत्नी के ऑपरेशन के सिलसिले में चेन्नई में थे। (पढ़ें पूरी खबर)

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बिना शर्त दोस्तों-रिश्तेदारों को दिए थे बीकाजी के शोरूम:शिवरतन अग्रवाल से लोगों ने कहा था-भुजिया कहां बेचोगे; शेल्फ लाइफ बढ़ाकर विदेशों तक पहुंचाया प्रोडक्ट

बीकाजी के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल (74) का गुरुवार सुबह चेन्नई में हार्ट अटैक से निधन हो गया। बीकानेर में उन्हें शिवरतन अग्रवाल से ज्यादा ‘फन्ना बाबू’ के नाम से जाना जाता था। वे मस्तमौला थे और दोस्तों के लिए हमेशा तैयार रहते थे। उन्होंने बीकानेर में अपने शोरूम दोस्तों को बिना किसी शर्त चलाने के लिए दे दिए थे। जब उन्होंने अपने भाइयों से अलग बीकाजी ब्रांड शुरू किया तो लोगों ने कहा था- इतनी बड़ी फैक्ट्री लगाकर भुजिया बेचोगे कहां? लेकिन, शिवरतन अग्रवाल ने हाथों से बनने वाली भुजिया को मशीनों से तेजी से बनाना शुरू किया। विदेशों तक भुजिया पहुंचे, इसके लिए पैकेजिंग की शेल्फ लाइफ बढ़ाई। उनके निधन के बाद बीकानेर के करणी और बीछवाल इंडस्ट्रीयल एरिया में बनी फैक्ट्री में प्रोडक्शन अस्थाई रूप रोक दिया गया है। सप्लाई भी रोक दी गई है। करणी की फैक्ट्री में रोजाना 800 टन का प्रोडक्शन होता है। इसमें से 150 टन से ज्यादा भुजिया का उत्पादन है। बाकी मिठाई, चिप्स, पापड़ और बेकरी के आइटम बनते हैं। पढ़िए बीकाजी के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल की कहानी… ‘फन्ना बाबू’ के नाम से फेमस शिवरतन अग्रवाल के दोस्त रामकुमार पुरोहित बताते हैं- आप बीकानेर शहर के परकोटे में किसी से पूछ लें कि शिवरतन अग्रवाल कौन हैं तो शायद कुछ लोग नहीं जानें, लेकिन जैसे ही आप कहेंगे कि फन्ना बाबू कौन है तो आपको उनका पूरा इतिहास ही बता देंगे। आठवीं तक पढ़े शिवरतन अपने मस्तमौला स्वभाव के साथ-साथ बहुत दूर की सोचते थे। दोस्तों के साथ होली पर मस्ती हो या शहर में गोठ करनी हो, वे हर चीज में सबसे आगे रहते थे। 1993 में बनाई थी बीकाजी रामकुमार पुरोहित बताते हैं- शिवरतन अग्रवाल ने 1986 में अपनी कंपनी को तीन भाइयों से अलग शुरू किया था। शिवकिसन अग्रवाल, मनोहर लाल अग्रवाल और मधु अग्रवाल ने हल्दीराम नाम से भुजिया का ब्रांड स्थापित किया। वहीं शिवरतन ने नाम दिया ‘शिवदीप फूड्स इंडस्ट्रीज लिमिटेड’। 1993 में इसका नाम ‘बीकाजी’ कर दिया, जो बीकानेर शहर के संस्थापक राव बीका के नाम पर है। मजबूत इरादों से देश-विदेश तक पहुंचाया ब्रांड दोस्त रामकुमार बताते हैं- जब शिवरतन ने अपनी अलग फैक्ट्री लगाई तो लोगों ने उन्हें कहा था- ‘इतनी बड़ी फैक्ट्री लगाकर कहां भुजिया बेचोगे बाबू?’ लेकिन उनके इरादे मजबूत थे। आज दुनियाभर में बीकाजी भुजिया की डिमांड है। उस समय भुजिया हाथ से बनाई जाती थी, लेकिन उन्होंने मशीनों के इस्तेमाल की शुरुआत की। इसके लिए वे विदेशों तक गए और भारत में पहली ऑटोमेटेड भुजिया फैक्ट्री स्थापित की। आधुनिक पैकेजिंग पर जोर देकर प्रोडक्ट की शेल्फ लाइफ बढ़ाई, जिससे बीकाजी के उत्पाद देश-विदेश तक पहुंच सके। बिना शर्त दे दिए शोरूम शिवरतन बीकानेर में बीकाजी के शोरूम अपने स्तर पर चलाने में सक्षम थे, लेकिन उन्होंने दोस्तों को ये अवसर दिया। बीकानेर के नत्थूसर गेट, जस्सूसर गेट, जयपुर रोड, जयनारायण व्यास कॉलोनी और यहां तक कि श्रीगंगानगर तक में उन्होंने शोरूम देने के लिए शर्तें नहीं लगाई। ये शोरूम उन्होंने अपने दोस्तों और परिचितों को बिना किसी औपचारिकता के दे दिए। अमिताभ बच्चन ब्रांड एंबेसडर आज बीकाजी फूड्स इंटरनेशनल 250 से ज्यादा उत्पाद बनाती है। ब्रांड को देशभर में लोकप्रिय बनाने के लिए अमिताभ बच्चन को ब्रांड एंबेसडर भी बनाया गया। साल 2024 में शिवरतन अग्रवाल को फोर्ब्स की वर्ल्ड बिलेनियर सूची में भी शामिल किया गया था। इसमें वे टॉप-25 भारतीयों में शामिल थे। उन्हें लिस्ट में 14वां स्थान मिला था। अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया और UAE तक जा रही नमकीन बीकाजी फूड्स आज 30 से ज्यादा देशों में पहुंच रहा है। सबसे पहले साल 1994 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में बीकाजी भुजिया एक्सपोर्ट होना शुरू हुआ। 1996 में ऑस्ट्रेलिया में बीकाजी ने एक्सपोर्ट शुरू कर दिया। लगातार अन्य देशों से भी डिमांड आने लगी। आज भी बीकानेरी भुजिया को सबसे ज्यादा गल्फ देशों में पसंद किया जाता है। इसके अलावा अमेरिका, जर्मनी, स्पेन, फ्रांस, रूस, नेपाल, न्यूजीलैंड, कनाडा, कतर, यूनाइटेड अरब अमीरात, बहरीन, नॉर्वे में भी पहुंच रहा है। 8 लाख दुकानदार बेच रहे बीकाजी भुजिया आज करीब आठ लाख दुकानदार बीकाजी भुजिया बेच रहे हैं। बीकाजी के आउटलेट्स की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इन आउटलेट्स की डिजाइन खुद बीकाजी ग्रुप करता है। देशभर में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद सहित अनेक बड़े शहरों में एक-दो नहीं बल्कि अनेक आउटलेट्स हैं। नई दिल्ली, मुंबई और जयपुर में इनकी संख्या सबसे ज्यादा है। हैदराबाद सहित कई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी बीकाजी के आउटलेट्स मौजूद हैं। … निधन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… बीकाजी के CMD शिवरतन अग्रवाल का हार्ट अटैक से निधन:चेन्नई में ली अंतिम सांस, पत्नी के ऑपरेशन के लिए परिवार के साथ गए थे बीकाजी के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल (74) का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया। वे अपनी पत्नी के ऑपरेशन के सिलसिले में चेन्नई में थे। (पढ़ें पूरी खबर)

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