Friday, 10 Jul 2026 | 09:05 PM

Trending :

फिल्म प्रोमोशन के लिए देहरादून पहुंचीं हुमा कुरैशी:बोलीं-छोटे बजट की फिल्म 'बेबी डू डाई डू', दर्शकों का प्यार ही फिल्म का प्रचार E20 Petrol Damage? Companies Must Replace Parts Free! कनखजूरा भगाने के उपाय: बारिश शुरू ही किचन-बाथरूम में आ गई कनखजूरा? 2 रुपये के देसी उपाय बिना किसी रुकावट के हवा में प्लेन की खिड़की टूटी,पैसेंजर का सिर-कंधे बाहर निकले:आसपास बैठे पैसेंजर्स ने अंदर खींचा, मैसिडोनिया के आकाश में हादसा फेरारी इटली की मशहूर कार कंपनी:दो बार गंभीर आर्थिक संकट में फंस चुकी है, आज टॉप सुपर-कार ब्रांड में शामिल है स्पेन के जंगल में आग, 12 की मौत, VIDEO:4 लोग कार में जिंदा जले, 19 अब भी लापता; इलेक्ट्रिक वायर से आग की आशंका
EXCLUSIVE

भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल लेने से मना किया:गाड़िया खराब होने का खतरा बताया, कहा- जब तक मिल रहा; नॉर्मल पेट्रोल ही दें

भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल लेने से मना किया:गाड़िया खराब होने का खतरा बताया, कहा- जब तक मिल रहा; नॉर्मल पेट्रोल ही दें

भारत सरकार के E20 यानी 20% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के फैसले पर जहां देश में विवाद और विरोध चल रहा है, वहीं पड़ोसी देश भूटान ने भारतीय ऑयल कंपनियों (OMCs) के E20 पेट्रोल लेने से मना कर दिया है। भूटानी मीडिया ‘द भूटानीज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, भूटान ने भारत से अनुरोध किया है कि जब तक भारतीय बाजार में नॉर्मल पेट्रोल उपलब्ध है, तब तक उन्हें बिना मिलावट वाला पुराना पेट्रोल ही सप्लाई किया जाए। पुरानी स्टोरेज और वाटर लीकेज सबसे बड़ा कारण भूटान के अधिकारियों के मुताबिक, देश का फ्यूल स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर काफी पुराना है। वहां के पेट्रोल पंपों के फ्यूल टैंक जमीन के नीचे (अंडरग्राउंड) बने हैं, जिनमें पानी रिसने यानी सीपेज का खतरा रहता है। नॉर्मल पेट्रोल के मुकाबले एथेनॉल ब्लेंडेड E20 पेट्रोल में हाइड्रोक्सिल ग्रुप होता है, जो हवा या आसपास की नमी को बहुत तेजी से सोखता है (हाइग्रोस्कोपिक नेचर)। अगर E20 पेट्रोल को ऐसे टैंकों में रखा जाए जहां पानी का रिसाव हो, तो पेट्रोल में पानी मिल जाएगा। इस पानी को पेट्रोल से अलग करना बेहद मुश्किल होता है। इसके अलावा, टैंक में पानी होने से स्टील के टैंकों और पाइपलाइनों में जंग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे गाड़ियों के इंजन खराब हो सकते हैं। पहाड़ी रास्तों पर गाड़ियों के परफॉर्मेंस की चिंता भूटान का इलाका पूरी तरह से पहाड़ी और ऊंचा-नीचा है। ऐसी चढ़ाई वाले रास्तों पर गाड़ियों को चलने के लिए मैक्सिमम पावर यानी ज्यादा ताकत की जरूरत होती है। भूटानी अधिकारियों को डर है कि एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल पहाड़ी रास्तों पर गाड़ियों को वो परफॉर्मेंस और पावर नहीं दे पाएगा, जो नॉर्मल पेट्रोल देता है। भारत में क्यों हो रहा है E20 पेट्रोल का विरोध? भारत में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल के इस मिश्रण (E20) का विरोध हो रहा है। खासकर 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिक परेशान हैं। उनका दावा है कि इस फ्यूल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है और इंजन के पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं। हालांकि, भारत सरकार का कहना है कि एथेनॉल से माइलेज में मामूली कमी जरूर आती है, लेकिन इससे गाड़ी का पिकअप और इंजन परफॉर्मेंस बेहतर होता है। भूटान को कैसे पता चलेगा कि पेट्रोल में मिलावट है? भूटान अपनी जरूरत का पूरा ईंधन भारत से ही खरीदता है। फिलहाल भूटान भारत से महंगे और हाई-एक्सपोर्ट क्वालिटी वाले पेट्रोल-डीजल की खरीद करता है, जो भारतीय पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले फ्यूल से ज्यादा शुद्ध और महंगा होता है। अधिकारियों का कहना है कि अगर भारत गलती से E20 पेट्रोल भूटान भेज भी देता है, तो उसे आसानी से पकड़ा जा सकता है। एथेनॉल वाले पेट्रोल में जरा सा भी पानी मिलते ही उसका रंग दूधिया हो जाता है, जिससे टेस्ट के दौरान तुरंत पकड़ में आ जाएगा। एडवांस नोटिस और लीक-प्रूफ टैंक की मांग चुनौतियों को देखते हुए भूटान सरकार ने भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) से कहा है कि अगर वे भविष्य में एथेनॉल का ब्लेंडिंग प्रतिशत बढ़ाते हैं या पूरी तरह एथेनॉल पेट्रोल ही सप्लाई करने का फैसला करते हैं, तो इसकी जानकारी पहले से दी जाए। साथ ही भूटान ने भारत से लीक-प्रूफ टैंक उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Sai Sudharsan departs for a golden duck (Picture credit: PTI)

April 20, 2026/
9:42 pm

आखरी अपडेट:20 अप्रैल, 2026, 21:42 IST पश्चिम बंगाल में अपने प्रचार अभियान के दौरान झालमुड़ी की दुकान पर पीएम मोदी...

ask search icon

April 5, 2026/
7:03 am

Last Updated:April 05, 2026, 07:03 IST Health tips: गर्मी का मौसम शुरू होते ही लोग ठंडी चीजें ज्यादा खाने लगते...

Vaibhav Surya: Team Win Over Century

May 29, 2026/
3:50 pm

11 मिनट पहले कॉपी लिंक राजस्थान के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि उनके लिए पर्सनल रिकॉर्ड से ज्यादा टीम...

Most FIFA World Cup Goals

June 22, 2026/
11:31 pm

स्पोर्ट्स डेस्क1 मिनट पहले कॉपी लिंक अर्जेंटीना के कप्तान लियोनेल मेसी फुटबॉल वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले...

चार राज्यों के चुनाव के बीच मायावती का बड़ा बयान, यूपी चुनाव में होगी वापसी? 14 अप्रैल को प्रथम शंखनाद

April 1, 2026/
12:18 pm

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का...

ask search icon

March 21, 2026/
11:32 am

Last Updated:March 21, 2026, 11:32 IST धनिये का पानी सिर्फ स्वादिष्ट नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी है....

ट्रम्प बोले- ईरान के साथ युद्ध बहुत जल्द खत्म होगा:कहा- उन्हें समझौता करना है, परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे

May 20, 2026/
6:42 am

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा। उन्होंने...

World News Updates; Iran Israel War | Cuba Earthquake

June 9, 2026/
8:45 am

13 मिनट पहले कॉपी लिंक क्यूबा के उत्तर-पश्चिमी तट के पास सोमवार को 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। अमेरिकी...

authorimg

March 31, 2026/
10:11 pm

Paneer side effects: प्रोटीन के लिए मांसाहारी लोग नॉनवेज खाते हैं, जिसमें अंडा, चिकन, मछली आदि शामिल है, वहीं शाकाहारियों...

राजनीति

भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल लेने से मना किया:गाड़िया खराब होने का खतरा बताया, कहा- जब तक मिल रहा; नॉर्मल पेट्रोल ही दें

भूटान ने भारत से E20 पेट्रोल लेने से मना किया:गाड़िया खराब होने का खतरा बताया, कहा- जब तक मिल रहा; नॉर्मल पेट्रोल ही दें

भारत सरकार के E20 यानी 20% एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल के फैसले पर जहां देश में विवाद और विरोध चल रहा है, वहीं पड़ोसी देश भूटान ने भारतीय ऑयल कंपनियों (OMCs) के E20 पेट्रोल लेने से मना कर दिया है। भूटानी मीडिया ‘द भूटानीज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, भूटान ने भारत से अनुरोध किया है कि जब तक भारतीय बाजार में नॉर्मल पेट्रोल उपलब्ध है, तब तक उन्हें बिना मिलावट वाला पुराना पेट्रोल ही सप्लाई किया जाए। पुरानी स्टोरेज और वाटर लीकेज सबसे बड़ा कारण भूटान के अधिकारियों के मुताबिक, देश का फ्यूल स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर काफी पुराना है। वहां के पेट्रोल पंपों के फ्यूल टैंक जमीन के नीचे (अंडरग्राउंड) बने हैं, जिनमें पानी रिसने यानी सीपेज का खतरा रहता है। नॉर्मल पेट्रोल के मुकाबले एथेनॉल ब्लेंडेड E20 पेट्रोल में हाइड्रोक्सिल ग्रुप होता है, जो हवा या आसपास की नमी को बहुत तेजी से सोखता है (हाइग्रोस्कोपिक नेचर)। अगर E20 पेट्रोल को ऐसे टैंकों में रखा जाए जहां पानी का रिसाव हो, तो पेट्रोल में पानी मिल जाएगा। इस पानी को पेट्रोल से अलग करना बेहद मुश्किल होता है। इसके अलावा, टैंक में पानी होने से स्टील के टैंकों और पाइपलाइनों में जंग लगने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे गाड़ियों के इंजन खराब हो सकते हैं। पहाड़ी रास्तों पर गाड़ियों के परफॉर्मेंस की चिंता भूटान का इलाका पूरी तरह से पहाड़ी और ऊंचा-नीचा है। ऐसी चढ़ाई वाले रास्तों पर गाड़ियों को चलने के लिए मैक्सिमम पावर यानी ज्यादा ताकत की जरूरत होती है। भूटानी अधिकारियों को डर है कि एथेनॉल मिला हुआ पेट्रोल पहाड़ी रास्तों पर गाड़ियों को वो परफॉर्मेंस और पावर नहीं दे पाएगा, जो नॉर्मल पेट्रोल देता है। भारत में क्यों हो रहा है E20 पेट्रोल का विरोध? भारत में 20% एथेनॉल और 80% पेट्रोल के इस मिश्रण (E20) का विरोध हो रहा है। खासकर 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिक परेशान हैं। उनका दावा है कि इस फ्यूल से गाड़ियों का माइलेज कम हो रहा है, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ गया है और इंजन के पार्ट्स जल्दी खराब हो रहे हैं। हालांकि, भारत सरकार का कहना है कि एथेनॉल से माइलेज में मामूली कमी जरूर आती है, लेकिन इससे गाड़ी का पिकअप और इंजन परफॉर्मेंस बेहतर होता है। भूटान को कैसे पता चलेगा कि पेट्रोल में मिलावट है? भूटान अपनी जरूरत का पूरा ईंधन भारत से ही खरीदता है। फिलहाल भूटान भारत से महंगे और हाई-एक्सपोर्ट क्वालिटी वाले पेट्रोल-डीजल की खरीद करता है, जो भारतीय पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले फ्यूल से ज्यादा शुद्ध और महंगा होता है। अधिकारियों का कहना है कि अगर भारत गलती से E20 पेट्रोल भूटान भेज भी देता है, तो उसे आसानी से पकड़ा जा सकता है। एथेनॉल वाले पेट्रोल में जरा सा भी पानी मिलते ही उसका रंग दूधिया हो जाता है, जिससे टेस्ट के दौरान तुरंत पकड़ में आ जाएगा। एडवांस नोटिस और लीक-प्रूफ टैंक की मांग चुनौतियों को देखते हुए भूटान सरकार ने भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) से कहा है कि अगर वे भविष्य में एथेनॉल का ब्लेंडिंग प्रतिशत बढ़ाते हैं या पूरी तरह एथेनॉल पेट्रोल ही सप्लाई करने का फैसला करते हैं, तो इसकी जानकारी पहले से दी जाए। साथ ही भूटान ने भारत से लीक-प्रूफ टैंक उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.