Wednesday, 04 Nov 2026 | 02:45 AM

Trending :

मां बनना और भी आसान और सस्ता, भारत के IVF में पहली बार AI की हुई एंट्री, इन कारणों से बढ़ रहा बांझपन

authorimg

Last Updated:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब आईवीएफ में भी आ गया है. एआई की सहायता से अब मां बनाना और भी आसान हो जाएगा. यह जानकारी गौडियम आईवीएफ की निदेशक डॉ. मनिका खन्ना न दी है. इस उपलब्धि का औपचारिक उद्घाटन भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सैयद शाहनवाज हुसैन ने किया. इस टेक्नोलॉजी के बाद इलाज की कीमत लगभग 15 से 20% तक कम हो जाएगी.

नई दिल्ली. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब आईवीएफ में भी आ गया है. इसके जरिए मां बनना अब पहले से ज्यादा आसान हो गया है. सरल होने के साथ-साथ अब आईवीएफ का इलाज सस्ता भी होने जा रहा है. लगभग 15 से 20% तक आईवीएफ का इलाज सस्ता हो जाएगा. यह जानकारी दी है देश में पहली बार आईवीएफ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दो टूल्स जोकि एसआईडी यानी स्पर्म आइडेंटिफिकेशन डिवाइस और एरिका यानी एम्ब्रियो रैंकिंग इंटेलिजेंट क्लासिफिकेशन असिस्टेंट को लॉन्च करने वाले सेंटर गौडियम आईवीएफ की निदेशक डॉ. मनिका खन्ना ने. गौडियम आईवीएफ की इस उपलब्धि का औपचारिक उद्घाटन भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सैयद शाहनवाज हुसैन जोकि पूर्व लोकसभा सदस्य हैं उन्होंने किया. आईवीएफ 2.0 के क्लीनिक साइंटिस्ट और ग्लोबल कम्युनिकेशंस के निदेशक जाइल्स पामर ने भी इस कदम की सराहना की.

निदेशक डॉ. मनिका खन्ना ने खास बातचीत में बताया कि स्पर्म आइडेंटिफिकेशन डिवाइस और एम्ब्रियो रैंकिंग इंटेलिजेंट क्लासिफिकेशन असिस्टेंट के जरिए सही एम्ब्रियो को चुनना आसान हो जाएगा जिससे सक्सेस रेट बढ़ेगा. इसकी कीमत भी घट जाएगी. इलाज की कीमत लगभग 15 से 20% तक कम हो जाएगी. बात करें इसके दुष्प्रभाव की तो इसका दुष्प्रभाव कोई भी नहीं है, क्योंकि हम शरीर के अंदर इसके जरिए कोई सुई या कुछ डाल नहीं रहे हैं. ऐसे में यह एकदम सुरक्षित है. तमाम रिसर्च और टेस्टिंग के बाद ही इसे लाया गया है. उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इन दो टूल्स को आईवीएफ में लाने वाला उनका सेंटर देश का पहला सेंटर है. यकीनन इसके जरिए आईवीएफ पर लोगों का विश्वास और बढ़ेगा क्योंकि इलाज सरल, सस्ता और आसान हो जाएगा. उन्होंने बताया कि यूनाइटेड स्टेट में इसके जरिए ट्रीटमेंट चल रहा है जोकि सफल है.

भारत में 15% लोग बांझपन का शिकार
निदेशक डॉ. मनिका खन्ना ने खास बातचीत में बताया कि भारत देश में 15% लोग बांझपन का शिकार है. सबसे हैरानी की बात यह है कि उसमें सिर्फ दो प्रतिशत लोग ही आगे आकर आईवीएफ का इलाज करवा रहे हैं, ताकि वो मां-बाप बनने का सुख प्राप्त कर सकें. उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं है कि बांझपन सिर्फ महिला में ही है, बांझपन पुरुषों में भी है. शादी के बाद अगर बच्चा नहीं हो रहा है तो 2009 से लेकर अब तक उन्होंने देखा है कि ऐसे मामलों में 40% महिलाएं और 40% पुरुष में बांझपन पाया जाता है. जबकि 20% मामलों में दोनों ही बांझपन का शिकार होते हैं, जिस वजह से यह कहना गलत है कि सिर्फ महिला में ही कमी है. कमी दोनों तरफ से होती है.

इन कारणों से बढ़ रहा बांझपन
डॉ. मनिका खन्ना ने बताया कि बांझपन जेनेटिक नहीं होता है. बल्कि इसका प्रमुख कारण तनाव है और मिलावट खाना है. इसके अलावा प्रदूषण और बढ़ता हुआ नशा भी इसके कारण बन रहे हैं. आजकल महिलाएं और लड़कियां देर से शादी कर रही है जोकि अच्छा फैसला है क्योंकि वो पहले आत्मनिर्भर बनकर ही शादी करना चाह रही है. इसके लिए एक अच्छा विकल्प है कि वह अपने आगे यानी अंडों को फ्रिज करवा लें. अंडों को 10 साल तक फ्रीजिंग में रखा जा सकता है. इसके लिए मामूली सा मेंटेनेंस चार्ज देना होता है. इसके बाद दोबारा अपने अंडों के जरिए लड़कियां मां बन सकती हैं.

About the Author

Mohd Majid

with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
IDFC First Bank Q1 Results

July 25, 2026/
5:44 pm

मुंबई8 मिनट पहले कॉपी लिंक प्राइवेट सेक्टर के IDFC फर्स्ट बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026)...

आवारापन-2 से आधी कमाई भी नहीं कर सकी बंटवारा 1947:क्लैश के बावजूद इमरान हाशमी के करियर की हाईएस्ट ओपनिंग फिल्म बनी, जानिए कैसी हुई कमाई

August 15, 2026/
9:07 am

इमरान हाशमी की ‘आवारापन 2’ और सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ 14 अगस्त को एक ही दिन रिलीज हुईं। इस...

दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट का 13वां टेस्ट कामयाब:पहली बार पानी में सुरक्षित लैंड कराया, अंतरिक्ष में 20 स्टारलिंक सैटेलाइट भी तैनात किए

July 25, 2026/
6:38 am

दुनिया के सबसे ताकतवर रॉकेट स्टारशिप की 13वीं टेस्ट उड़ान कामयाब रही। पिछले हफ्ते इंजन इग्निशन में खराबी के कारण...

विंदू दारा सिंह ने 'रामायण' के मेकर्स को दी सलाह:कहा- कहानी में ज्यादा बदलाव किया गया, तो लोग फिल्म को स्वीकार नहीं करेंगे

April 3, 2026/
12:05 pm

रणबीर कपूर की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर एक्टर विंदू दारा सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि फिल्म के...

बिना डेटा वाले मोबाइल रिचार्ज प्लान सस्ते होंगे:ट्राई ने मसौदा पेश किया, सुझाव मांगे; 70% तक घट सकती है कीमत

July 11, 2026/
9:15 am

दूरसंचार नियामक ट्राई ने ग्राहकों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए ‘दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण विनियम, 2026’ का नया मसौदा...

रतलाम के पास राजधानी एक्सप्रेस में भीषण आग:एसी कोच बी-1 से उठीं लपटें, दो डिब्बे चपेट में, बाल-बाल बचे यात्री; रेल मार्ग बंद

May 17, 2026/
7:41 am

रतलाम जिले के आलोट से गुजर रही त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12431) में रविवार सुबह आग लग गई। हादसा सुबह...

US Company Tejas Engine Supply Delayed Till Year-End

April 2, 2026/
7:49 am

नई दिल्ली17 घंटे पहलेलेखक: मुकेश कौशिक कॉपी लिंक भारतीय वायुसेना ने HAL को तेजस के 83 विमान ऑर्डर किए हैं...

राम मंदिर चोरी पर दिया बयान नहीं बदलेंगे अनुपम खेर:कहा था- मुगलों ने मंदिरों में रेप किए, उनकी लूट के सामने चोरी मामूली चीज

July 14, 2026/
3:13 pm

अभिनेता अनुपम खेर अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी को छोटी घटना बताने के बाद सोशल मीडिया पर...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

मां बनना और भी आसान और सस्ता, भारत के IVF में पहली बार AI की हुई एंट्री, इन कारणों से बढ़ रहा बांझपन

authorimg

Last Updated:

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब आईवीएफ में भी आ गया है. एआई की सहायता से अब मां बनाना और भी आसान हो जाएगा. यह जानकारी गौडियम आईवीएफ की निदेशक डॉ. मनिका खन्ना न दी है. इस उपलब्धि का औपचारिक उद्घाटन भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सैयद शाहनवाज हुसैन ने किया. इस टेक्नोलॉजी के बाद इलाज की कीमत लगभग 15 से 20% तक कम हो जाएगी.

नई दिल्ली. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब आईवीएफ में भी आ गया है. इसके जरिए मां बनना अब पहले से ज्यादा आसान हो गया है. सरल होने के साथ-साथ अब आईवीएफ का इलाज सस्ता भी होने जा रहा है. लगभग 15 से 20% तक आईवीएफ का इलाज सस्ता हो जाएगा. यह जानकारी दी है देश में पहली बार आईवीएफ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दो टूल्स जोकि एसआईडी यानी स्पर्म आइडेंटिफिकेशन डिवाइस और एरिका यानी एम्ब्रियो रैंकिंग इंटेलिजेंट क्लासिफिकेशन असिस्टेंट को लॉन्च करने वाले सेंटर गौडियम आईवीएफ की निदेशक डॉ. मनिका खन्ना ने. गौडियम आईवीएफ की इस उपलब्धि का औपचारिक उद्घाटन भारत सरकार के सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और सैयद शाहनवाज हुसैन जोकि पूर्व लोकसभा सदस्य हैं उन्होंने किया. आईवीएफ 2.0 के क्लीनिक साइंटिस्ट और ग्लोबल कम्युनिकेशंस के निदेशक जाइल्स पामर ने भी इस कदम की सराहना की.

निदेशक डॉ. मनिका खन्ना ने खास बातचीत में बताया कि स्पर्म आइडेंटिफिकेशन डिवाइस और एम्ब्रियो रैंकिंग इंटेलिजेंट क्लासिफिकेशन असिस्टेंट के जरिए सही एम्ब्रियो को चुनना आसान हो जाएगा जिससे सक्सेस रेट बढ़ेगा. इसकी कीमत भी घट जाएगी. इलाज की कीमत लगभग 15 से 20% तक कम हो जाएगी. बात करें इसके दुष्प्रभाव की तो इसका दुष्प्रभाव कोई भी नहीं है, क्योंकि हम शरीर के अंदर इसके जरिए कोई सुई या कुछ डाल नहीं रहे हैं. ऐसे में यह एकदम सुरक्षित है. तमाम रिसर्च और टेस्टिंग के बाद ही इसे लाया गया है. उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इन दो टूल्स को आईवीएफ में लाने वाला उनका सेंटर देश का पहला सेंटर है. यकीनन इसके जरिए आईवीएफ पर लोगों का विश्वास और बढ़ेगा क्योंकि इलाज सरल, सस्ता और आसान हो जाएगा. उन्होंने बताया कि यूनाइटेड स्टेट में इसके जरिए ट्रीटमेंट चल रहा है जोकि सफल है.

भारत में 15% लोग बांझपन का शिकार
निदेशक डॉ. मनिका खन्ना ने खास बातचीत में बताया कि भारत देश में 15% लोग बांझपन का शिकार है. सबसे हैरानी की बात यह है कि उसमें सिर्फ दो प्रतिशत लोग ही आगे आकर आईवीएफ का इलाज करवा रहे हैं, ताकि वो मां-बाप बनने का सुख प्राप्त कर सकें. उन्होंने बताया कि ऐसा नहीं है कि बांझपन सिर्फ महिला में ही है, बांझपन पुरुषों में भी है. शादी के बाद अगर बच्चा नहीं हो रहा है तो 2009 से लेकर अब तक उन्होंने देखा है कि ऐसे मामलों में 40% महिलाएं और 40% पुरुष में बांझपन पाया जाता है. जबकि 20% मामलों में दोनों ही बांझपन का शिकार होते हैं, जिस वजह से यह कहना गलत है कि सिर्फ महिला में ही कमी है. कमी दोनों तरफ से होती है.

इन कारणों से बढ़ रहा बांझपन
डॉ. मनिका खन्ना ने बताया कि बांझपन जेनेटिक नहीं होता है. बल्कि इसका प्रमुख कारण तनाव है और मिलावट खाना है. इसके अलावा प्रदूषण और बढ़ता हुआ नशा भी इसके कारण बन रहे हैं. आजकल महिलाएं और लड़कियां देर से शादी कर रही है जोकि अच्छा फैसला है क्योंकि वो पहले आत्मनिर्भर बनकर ही शादी करना चाह रही है. इसके लिए एक अच्छा विकल्प है कि वह अपने आगे यानी अंडों को फ्रिज करवा लें. अंडों को 10 साल तक फ्रीजिंग में रखा जा सकता है. इसके लिए मामूली सा मेंटेनेंस चार्ज देना होता है. इसके बाद दोबारा अपने अंडों के जरिए लड़कियां मां बन सकती हैं.

About the Author

Mohd Majid

with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.