महाराष्ट्र के 29 महानगरपालिका में मेयर पद के लिए लॉटरी को लेकर एक अहम घटना सामने आई है। महाराष्ट्र सरकार के नगर विकास विभाग ने इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी किया है। राज्य के 29 महानगरपालिका में मेयर पद का नॉमिनेशन तय करने के लिए लॉटरी निकाली जाएगी।
यह लॉटरी गुरुवार (22 जनवरी 2026) को सुबह 11 बजे मंत्रालय परिषद सभागृह में आयोजित की जाएगी। नगर निगम के विकास मंत्री की नियुक्ति में इस प्रक्रिया अधिकारी और संबंधित अधिकारियों के रहने के निर्देश दिये गये हैं। इस राज्य के सभी राजनीतिक विचारधाराओं की निगाहें टिकी हुई हैं।
मेयर पद के लिए लॉटरी से नीट क्यों?
मेयर का चुनाव अधिकारियों द्वारा किया जाता है और यह पद नग्न के अंतर्गत आता है। लॉटरी के माध्यम से मेयर पद को लेकर प्रक्रिया के तहत लॉटरी के माध्यम से मेयर पद को बनाए रखने की कोशिश की जाती है। लॉटरी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि अलग-अलग सामाजिक वर्ग के लोगों को समय-समय पर मेयर पद पर बैठने का मौका मिले।
बीजेपी ने गढ़ों में शहीद सैनिक सेंध लगाए…
महाराष्ट्र महानगरपालिका चुनाव में बीजेपी 2,869 से 1,425 मेट्रोपोलिटन, पुणे और 12 से अधिक महानगरपालिका में सबसे बड़ी पार्टी का उदय हुआ है। बीजेपी ने इस निकाय चुनाव में तानाशाह और दिवंगत परिवारों के गढ़ों में सेंध कोंसिल में बेहतर प्रदर्शन किया। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में बीजेपी ने 89 वें स्थान पर जीत हासिल की। बीएमसी में 227 वार्ड हैं। यह देश का सबसे धनी नगर निकाय है। बीएमसी चुनाव में जीत हासिल करने के बाद बीजेपी ने ठाकरे परिवार की करीब तीन दशक पुरानी विरासत को खत्म कर दिया।
बीएमसी में किस पार्टी को कितना लाभ मिला?
बीएमसी चुनाव में बीजेपी 89 और उनके सहयोगी दल शिंदे की पार्टी ने 29 वोटों से जीत हासिल की। दोनों ने मिलकर 118 पर जीत दर्ज की। वहीं, युथवेत्ता के नेतृत्व वाली पार्टी (यूबीटी) को 65 पर जीत मिली। राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) को 6 मंजिलें मिलीं। विपक्ष बहुजन आघाडी (बीवी) के गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली कांग्रेस को 24 मंजिल, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) को 8, राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को 3, समाजवादी पार्टी को दो और शरद पवार की पार्टी के गठबंधन में सिर्फ एक सीट मिली है।













































