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लगातार ईयरबड्स इस्तेमाल करने से सिर्फ कान नहीं, दिमाग भी हो सकता है प्रभावित! जानिए कैसे

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लंबे समय तक तेज आवाज में ईयरबड्स इस्तेमाल करने से हियरिंग लॉस, टिनिटस, नींद और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है. लगातार इस्तेमाल दिमाग की फोकस क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है. आइए जानते हैं वजह….

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ईयरबड्स का ज्यादा इस्तेमाल कान और दिमाग को नुकसान पहुंचा सकता है.

आजकल ईयरबड्स लगभग हर किसी की लाइफ का हिस्सा बन चुके हैं. ऑफिस में काम करते समय, जिम में वर्कआउट करते हुए या सफर के दौरान लोग घंटों तक इन्हें कानों में लगाए रखते हैं. वायरलेस ईयरबड्स ने जिंदगी आसान जरूर बना दी है, लेकिन इन्हें लंबे समय तक तेज आवाज में इस्तेमाल करना नुकसानदायक भी हो सकता है. Healthline की रिपोर्ट के मुताबिक लगातार हाई वॉल्यूम में गाने या ऑडियो सुनने से सिर्फ कान ही नहीं, दिमाग पर भी असर पड़ सकता है.

जब हम लंबे समय तक तेज आवाज सुनते हैं, तो कानों के अंदर मौजूद छोटे-छोटे सेंसिटिव सेल्स पर दबाव बढ़ने लगता है. यही सेल्स आवाज को दिमाग तक पहुंचाने का काम करते हैं. लगातार लाउड म्यूजिक सुनने से ये सेल्स कमजोर हो सकते हैं, जिससे फोकस करने में दिक्कत, मानसिक थकान और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है. कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगातार नॉइज में रहने से दिमाग को ठीक से आराम नहीं मिल पाता.

सुनने की क्षमता पर पड़ सकता है असर
ईयरबड्स का सबसे बड़ा नुकसान हियरिंग पर देखा जाता है. कई लोग बाहर की आवाज से बचने के लिए वॉल्यूम बहुत ज्यादा बढ़ा लेते हैं, जो धीरे-धीरे कानों को नुकसान पहुंचा सकता है. लगातार तेज आवाज सुनने से कानों में सीटी या घंटी बजने जैसी समस्या, यानी टिनिटस, भी हो सकती है. शुरुआत में लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बाद में यह परेशानी बढ़ सकती है.

नींद और मूड भी हो सकते हैं प्रभावित
अगर आप रात में सोने से पहले लंबे समय तक ईयरबड्स लगाकर गाने सुनते हैं, तो इसका असर आपकी नींद पर भी पड़ सकता है. दिमाग लगातार ऑडियो प्रोसेस करता रहता है, जिससे उसे रिलैक्स होने का मौका कम मिलता है. खराब नींद की वजह से तनाव, चिंता और मूड स्विंग जैसी समस्याएं भी महसूस हो सकती हैं.

संक्रमण का भी रहता है खतरा
हर समय ईयरबड्स लगाए रखने से कानों में नमी और गर्माहट बढ़ सकती है, जिससे बैक्टीरिया पनपने लगते हैं. अगर ईयरबड्स साफ न हों या किसी और के साथ शेयर किए जाएं, तो संक्रमण का खतरा और बढ़ सकता है. कई लोगों को कान में खुजली, दर्द या भारीपन भी महसूस होने लगता है.

कैसे करें सुरक्षित इस्तेमाल
विशेषज्ञ अक्सर 60/60 नियम अपनाने की सलाह देते हैं. यानी वॉल्यूम 60 प्रतिशत से ज्यादा न रखें और लगातार 60 मिनट से ज्यादा ईयरबड्स इस्तेमाल न करें. बीच-बीच में कानों को आराम देना भी जरूरी माना जाता है. अगर कानों में दर्द, आवाज गूंजना या सुनने में दिक्कत महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है.

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Vividha SinghSub Editor

विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें

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ईयरबड्स का ज्यादा इस्तेमाल कान और दिमाग को नुकसान पहुंचा सकता है.

आजकल ईयरबड्स लगभग हर किसी की लाइफ का हिस्सा बन चुके हैं. ऑफिस में काम करते समय, जिम में वर्कआउट करते हुए या सफर के दौरान लोग घंटों तक इन्हें कानों में लगाए रखते हैं. वायरलेस ईयरबड्स ने जिंदगी आसान जरूर बना दी है, लेकिन इन्हें लंबे समय तक तेज आवाज में इस्तेमाल करना नुकसानदायक भी हो सकता है. Healthline की रिपोर्ट के मुताबिक लगातार हाई वॉल्यूम में गाने या ऑडियो सुनने से सिर्फ कान ही नहीं, दिमाग पर भी असर पड़ सकता है.

जब हम लंबे समय तक तेज आवाज सुनते हैं, तो कानों के अंदर मौजूद छोटे-छोटे सेंसिटिव सेल्स पर दबाव बढ़ने लगता है. यही सेल्स आवाज को दिमाग तक पहुंचाने का काम करते हैं. लगातार लाउड म्यूजिक सुनने से ये सेल्स कमजोर हो सकते हैं, जिससे फोकस करने में दिक्कत, मानसिक थकान और चिड़चिड़ापन महसूस हो सकता है. कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगातार नॉइज में रहने से दिमाग को ठीक से आराम नहीं मिल पाता.

सुनने की क्षमता पर पड़ सकता है असर
ईयरबड्स का सबसे बड़ा नुकसान हियरिंग पर देखा जाता है. कई लोग बाहर की आवाज से बचने के लिए वॉल्यूम बहुत ज्यादा बढ़ा लेते हैं, जो धीरे-धीरे कानों को नुकसान पहुंचा सकता है. लगातार तेज आवाज सुनने से कानों में सीटी या घंटी बजने जैसी समस्या, यानी टिनिटस, भी हो सकती है. शुरुआत में लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बाद में यह परेशानी बढ़ सकती है.

नींद और मूड भी हो सकते हैं प्रभावित
अगर आप रात में सोने से पहले लंबे समय तक ईयरबड्स लगाकर गाने सुनते हैं, तो इसका असर आपकी नींद पर भी पड़ सकता है. दिमाग लगातार ऑडियो प्रोसेस करता रहता है, जिससे उसे रिलैक्स होने का मौका कम मिलता है. खराब नींद की वजह से तनाव, चिंता और मूड स्विंग जैसी समस्याएं भी महसूस हो सकती हैं.

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कैसे करें सुरक्षित इस्तेमाल
विशेषज्ञ अक्सर 60/60 नियम अपनाने की सलाह देते हैं. यानी वॉल्यूम 60 प्रतिशत से ज्यादा न रखें और लगातार 60 मिनट से ज्यादा ईयरबड्स इस्तेमाल न करें. बीच-बीच में कानों को आराम देना भी जरूरी माना जाता है. अगर कानों में दर्द, आवाज गूंजना या सुनने में दिक्कत महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है.

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