सतना जिले के धारकुंडी थाना क्षेत्र के जमुआनी गांव में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात बोरवेल खनन पर प्रतिबंध का झूठा डर दिखाकर मैनेजर से 5,000 रुपए की वसूली करने वाले तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर वसूली का यह मामला सामने आने के बाद आईजी गौरव राजपूत के निर्देश पर एसपी हंसराज सिंह ने धारकुंडी थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी बृजेश पटेल, विकास राजपूत और सुरेश मिश्रा पर तत्काल प्रभाव से यह कार्रवाई की है। गौरतलब है कि सतना जिले में नलकूप खनन पर वर्तमान में कोई प्रतिबंध लागू नहीं है। रात 1:30 बजे मशीन बंद कराई, मैनेजर को गाड़ी में बैठाया रीवा जिले के सेमरिया निवासी बोरवेल संचालक रामबहोर यादव ने बताया कि उनकी मशीन जमुआनी गांव में बोरिंग कर रही थी। रात करीब 1:30 बजे दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और मशीन बंद करवा दी। पुलिसकर्मियों ने मैनेजर अजीत को बोरिंग पर प्रतिबंध होने की बात कही। इसी दौरान पुलिसकर्मी बृजेश पटेल ने मोबाइल पर प्रतिबंध का एक आदेश भी दिखाया और मैनेजर अजीत को अपनी गाड़ी में बैठा लिया। थाना प्रभारी के नाम पर मांगे 10 हजार, 5 हजार लेकर छोड़ा पुलिसकर्मी मैनेजर अजीत को अपनी गाड़ी में बैठाकर पहले शुकवाह और फिर विजयपुर ले गए। इस दौरान पुलिसकर्मी बृजेश ने थाना प्रभारी को ‘मैनेज’ करने के नाम पर 10,000 रुपए की मांग की। पुलिसकर्मियों ने धमकी दी कि पैसे न देने पर बोरिंग मशीन थाने में खड़ी कर दी जाएगी। इस धमकी से डरकर मैनेजर अजीत ने बृजेश पटेल को 5,000 रुपए दे दिए, जिसके बाद उसे छोड़ा गया। सोशल मीडिया पर खुला राज, जांच में हुई पुष्टि वसूली का यह पूरा मामला सोमवार शाम सोशल मीडिया पर सामने आया। इसके बाद आईजी गौरव राजपूत ने मामले पर संज्ञान लेते हुए धारकुंडी थाने में पदस्थ पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच के आदेश दिए। जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि प्रतिबंध का झूठा डर दिखाकर बोरवेल मैनेजर से 5,000 रुपए की वसूली की गई थी। इसके बाद आईजी के निर्देश पर एसपी हंसराज सिंह ने तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।














































