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सरकार बोली-जेट फ्यूल में एथेनॉल मिलाने का कोई प्लान नहीं:केजरीवाल के दावे को गलत बताया, मंत्री बोले- अफवाह फैलाकर यात्रियों को न डराएं

सरकार बोली-जेट फ्यूल में एथेनॉल मिलाने का कोई प्लान नहीं:केजरीवाल के दावे को गलत बताया, मंत्री बोले- अफवाह फैलाकर यात्रियों को न डराएं

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने स्पष्ट किया कि एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी ATF में एथेनॉल मिलाने की सरकार की कोई योजना या प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि आज यानी 6 गुरुवार को कहा कि विमान सुरक्षा को लेकर इस तरह की गलत जानकारी या अफवाहें फैलाने से हवाई यात्रियों में बेवजह डर और चिंता पैदा होती है। नायडू का यह बयान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर विमान के ईंधन में एथेनॉल मिलाने की योजना बनाने का आरोप लगाया था। उड्डयन मंत्री ने साफ किया कि हवाई यात्रियों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। केजरीवाल ने क्या दावा किया था? दरअसल, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर की थी। उन्होंने लिखा था कि सूत्रों से संकेत मिला है कि मोदी सरकार ATF में एथेनॉल मिलाने की योजना बना रही है। जानकारों का कहना है कि इससे उड़ानों की सुरक्षा से गंभीर समझौता हो सकता है। नायडू बोले- एथेनॉल और SAF में अंतर समझें अरविंद केजरीवाल के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने X पर लिखा कि सरकार का ATF में एथेनॉल मिलाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। यह दावा पूरी तरह से झूठा और गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने दोनों फ्यूल का अंतर समझाते हुए लिख एथेनॉल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल SAF यानी दो पूरी तरह अलग चीजें हैं और इन्हें एक जैसा नहीं माना जाना चाहिए। SAF एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित एविएशन फ्यूल है, जिसे इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन यानी ICAO द्वारा मान्यता प्राप्त है और इसे वैश्विक स्तर पर अपनाया जा रहा है। ग्लोबल सेफ्टी स्टैंडर्ड्स से गुजरता है SAF नायडू ने आगे बताया कि SAF को इस्तेमाल में लाने से पहले कड़े टेस्टिंग प्रोसेस से गुजारा जाता है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा मानकों को पूरी तरह पूरा करता है। इसलिए इसे नॉर्मल जेट फ्यूल के साथ इस्तेमाल करना पूरी तरह सुरक्षित माना गया है। उन्होंने दोहराया कि देश में एविएशन सेक्टर की ग्रोथ और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है और सुरक्षा से जुड़ा कोई भी कदम वैश्विक मानकों को ध्यान में रखकर ही उठाया जाता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है SAF और यह एथेनॉल से कैसे अलग है? एथेनॉल : मुख्य रूप से गन्ने या अनाज से बनता है। इसे पेट्रोल में मिक्स किया जाता है जैसे कार/बाइक के लिए। इसका इस्तेमाल विमान के इंजन में सीधे नहीं किया जा सकता। SAF : यह बायो-वेस्ट, इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल और अन्य ऑर्गेनिक कचरे से बनता है। यह पारंपरिक एटीएफ जैसा ही केमिकल स्ट्रक्चर रखता है और कार्बन उत्सर्जन को 80% तक कम करता है। इसका उपयोग

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सरकार बोली-जेट फ्यूल में एथेनॉल मिलाने का कोई प्लान नहीं:केजरीवाल के दावे को गलत बताया, मंत्री बोले- अफवाह फैलाकर यात्रियों को न डराएं

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने स्पष्ट किया कि एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी ATF में एथेनॉल मिलाने की सरकार की कोई योजना या प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने कहा कि आज यानी 6 गुरुवार को कहा कि विमान सुरक्षा को लेकर इस तरह की गलत जानकारी या अफवाहें फैलाने से हवाई यात्रियों में बेवजह डर और चिंता पैदा होती है। नायडू का यह बयान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस दावे के बाद आया है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार पर विमान के ईंधन में एथेनॉल मिलाने की योजना बनाने का आरोप लगाया था। उड्डयन मंत्री ने साफ किया कि हवाई यात्रियों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। केजरीवाल ने क्या दावा किया था? दरअसल, दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर की थी। उन्होंने लिखा था कि सूत्रों से संकेत मिला है कि मोदी सरकार ATF में एथेनॉल मिलाने की योजना बना रही है। जानकारों का कहना है कि इससे उड़ानों की सुरक्षा से गंभीर समझौता हो सकता है। नायडू बोले- एथेनॉल और SAF में अंतर समझें अरविंद केजरीवाल के आरोपों का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री राममोहन नायडू ने X पर लिखा कि सरकार का ATF में एथेनॉल मिलाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। यह दावा पूरी तरह से झूठा और गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने दोनों फ्यूल का अंतर समझाते हुए लिख एथेनॉल और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल SAF यानी दो पूरी तरह अलग चीजें हैं और इन्हें एक जैसा नहीं माना जाना चाहिए। SAF एक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित एविएशन फ्यूल है, जिसे इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन यानी ICAO द्वारा मान्यता प्राप्त है और इसे वैश्विक स्तर पर अपनाया जा रहा है। ग्लोबल सेफ्टी स्टैंडर्ड्स से गुजरता है SAF नायडू ने आगे बताया कि SAF को इस्तेमाल में लाने से पहले कड़े टेस्टिंग प्रोसेस से गुजारा जाता है। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा मानकों को पूरी तरह पूरा करता है। इसलिए इसे नॉर्मल जेट फ्यूल के साथ इस्तेमाल करना पूरी तरह सुरक्षित माना गया है। उन्होंने दोहराया कि देश में एविएशन सेक्टर की ग्रोथ और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है और सुरक्षा से जुड़ा कोई भी कदम वैश्विक मानकों को ध्यान में रखकर ही उठाया जाता है। नॉलेज बॉक्स: क्या होता है SAF और यह एथेनॉल से कैसे अलग है? एथेनॉल : मुख्य रूप से गन्ने या अनाज से बनता है। इसे पेट्रोल में मिक्स किया जाता है जैसे कार/बाइक के लिए। इसका इस्तेमाल विमान के इंजन में सीधे नहीं किया जा सकता। SAF : यह बायो-वेस्ट, इस्तेमाल किए गए कुकिंग ऑयल और अन्य ऑर्गेनिक कचरे से बनता है। यह पारंपरिक एटीएफ जैसा ही केमिकल स्ट्रक्चर रखता है और कार्बन उत्सर्जन को 80% तक कम करता है। इसका उपयोग

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