Tuesday, 06 Oct 2026 | 11:05 PM

Trending :

EXCLUSIVE

हाथ फ्रैक्चर था, अगले दिन विराट कोहली के साथ शूट:मिहिर आहूजा बोले- शाहरुख की तारीफ से लगा, मेहनत सही दिशा में जा रही है

हाथ फ्रैक्चर था, अगले दिन विराट कोहली के साथ शूट:मिहिर आहूजा बोले- शाहरुख की तारीफ से लगा, मेहनत सही दिशा में जा रही है

जमशेदपुर से मुंबई आए मिहिर आहूजा ने एक्टिंग के लिए करीब चार साल तक ऑडिशन दिए। सुपर 30 से फिल्मी सफर शुरू हुआ, द आर्चीज से पहचान मिली और अब ऑपरेशन सफेद सागर में एयरफोर्स ऑफिसर के किरदार में नजर आ रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में मिहिर ने संघर्ष, रिजेक्शन, शाहरुख खान से मुलाकात और प्यार पैसा प्राफिट को लेकर हुई चर्चा पर बात की। सवाल: जमशेदपुर में रहते हुए एक्टिंग की तरफ आपका झुकाव कैसे हुआ? जवाब: मुझे याद नहीं कि मैंने कभी एक्टिंग के अलावा कुछ और करने के बारे में सोचा हो। सातवीं-आठवीं क्लास में ही तय कर लिया था कि मुझे एक्टर बनना है। घर के फंक्शन में मैं रिश्तेदारों की मिमिक्री करता था। लोग खुश होते थे और मुझे भी परफॉर्म करने में मजा आता था। वहीं से लगा कि मुझे यही करना है। सवाल: स्कूल के दिनों में जब आप एक्टिंग को लेकर इतने सीरियस थे, तो क्या लोगों ने आपका मजाक भी उड़ाया? जवाब: जमशेदपुर में मैंने एक छोटी-सी शॉर्ट फिल्म की थी। उसके बाद स्कूल में चर्चा होने लगी कि मैं फिल्म शूट करके आया हूं। उसी दौरान 10वीं में एक दिन मैं नोटबुक नहीं लेकर आया। टीचर ने मेरी नोटबुक डस्टबिन में फेंकते हुए कहा, ‘तुम खुद को सुपरस्टार समझते हो? तुम सुपरस्टार नहीं हो और कभी बन भी नहीं पाओगे।’ मैंने उसी दिन उनकी ये बात लिखकर रख ली थी। आज भी वो कागज मेरे पास है। उस दिन उन्होंने जो पत्थर मुझ पर फेंका था, मैंने उसी से अपनी इमारत बनाना सीख लिया। मैंने इंडिया गॉट टैलेंट में भी कोशिश की थी, लेकिन वहां से रिजेक्ट हो गया। उस समय दुख हुआ, लेकिन बाद में समझ आया कि रिजेक्शन इस फील्ड का हिस्सा है। सवाल: फिर मुंबई आने का फैसला कब किया? जवाब: 2017 में मैं मुंबई आया। हालांकि उससे पहले 10वीं के बाद छुट्टियों में भी मुंबई आया था। परिवार के साथ आकर देखा कि ऑडिशन कहां होते हैं। मैंने कई जगह अपना परिचय दिया। जमशेदपुर लौटने के बाद भी एड्स के लिए ऑडिशन आने लगे। इससे भरोसा बढ़ा कि अगर कोशिश करता रहूंगा तो कुछ न कुछ जरूर होगा। सवाल: मुंबई आने के बाद आपने पढ़ाई और ऑडिशन दोनों कैसे संभाले? जवाब: मैं कॉलेज के लिए मुंबई आया था, इसलिए रूटीन बन गया था- सुबह कॉलेज और शाम को ऑडिशन। यही मेरे लिए अच्छा रहा। अगर मैं सिर्फ एक्टिंग के लिए आता और काम नहीं मिलता तो शायद बहुत मुश्किल होती। मैंने ऑडिशन देने के अपने तरीके भी निकाल लिए थे। कई बार दोस्तों या आसपास के लोगों को नहीं बताता था कि एक्टर बनने आया हूं। ऑडिशन के कपड़े बैग में रखता और कह देता था कि ट्यूशन के लिए जा रहा हूं। सवाल: इतने साल ऑडिशन देने के बाद पहला बड़ा मौका कैसे मिला? जवाब: करीब चार साल तक ऑडिशन देने के बाद मुझे विराट कोहली के साथ कोलगेट का एड मिला। लेकिन शूट से एक दिन पहले मेरा एक्सीडेंट हो गया। बाइक ने मुझे टक्कर मार दी और मेरा हाथ फ्रैक्चर हो गया। अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने आराम करने को कहा। लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ यही था कि अगले दिन मेरा पहला बड़ा शूट है, वह भी विराट कोहली के साथ। मैंने डॉक्टर से कहा कि प्लास्टर मत कीजिए, मुझे शूट करना है। पेनकिलर लेकर अगले दिन शूट पर चला गया। सवाल: उसके बाद फिल्म में पहला मौका कब मिला? जवाब: सुपर 30 से मेरा फिल्मी सफर शुरू हुआ। ऋतिक रोशन के साथ काम करने का मौका मिला। हालांकि फिल्म में मेरा रोल छोटा रह गया और मेरे हिस्से का काफी काम एडिट हो गया। लेकिन मेरे लिए वह बड़ा अनुभव था। सवाल: सुपर 30 के बाद भी आपको पहचान मिलने में समय लगा? जवाब: हां, मैंने उसके बाद भी काम किया। मेड इन हेवन, फील्स लाइक इश्क और दूसरे प्रोजेक्ट किए। लेकिन द आर्चीज के बाद चीजें बदलीं। फिल्म में मुझे जुगहेड जोन्स का किरदार मिला और लोगों ने मुझे नोटिस किया। सवाल: द आर्चीज के दौरान शाहरुख खान से मुलाकात का मौका भी मिला? जवाब: हां, वह मेरे लिए खास अनुभव था। शाहरुख सर से मिलना अपने आप में बड़ी बात थी। मैं उन्हें देखकर बड़ा हुआ हूं। द आर्चीज के प्रीमियर में उनसे मिलने और बात करने का मौका मिला। उन्होंने मेरे काम को लेकर जो बातें कहीं, वह मेरे लिए बहुत मायने रखती हैं। उन्होंने कहा था- बेटा, बस अच्छा काम करते रहो, यही मैंने भी किया है।ऐसे पलों से आपको लगता है कि आपकी मेहनत सही दिशा में जा रही है। सवाल: इसके बाद प्यार पैसा प्राफिट में महवश के साथ काम किया। इस शो को लेकर काफी बातें हुईं, खासकर इंटिमेट सीन को लेकर, क्या कहना चाहोगे? जवाब: वह बात काफी बढ़ा-चढ़ाकर कही गई। शो में ऐसा कोई इंटिमेट सीन नहीं था, जैसा सोशल मीडिया के कुछ थंबनेल में दिखाया गया। एक किसिंग सीन भी था, जिसे हमने चीट करके शूट किया था। असल में कहानी अच्छी थी और मुझे अपना किरदार पसंद आया, इसलिए मैंने शो किया। कुछ लोगों ने सिर्फ व्यूज के लिए चीजों को अलग तरह से पेश किया। सवाल: इसी शो के दौरान आपको ऑपरेशन सफेद सागर का ऑफर मिला? जवाब: हां। जब प्यार पैसा प्राफिट की शूटिंग चल रही थी, उसी दौरान मुझे ऑपरेशन सफेद सागर के ऑडिशन का फोन आया। पहले मुझसे मूंछों में तस्वीरें मांगी गईं। मैंने मूंछ रखकर फोटो भेजी और सोचा कि पता नहीं कैसा किरदार होगा। बाद में पता चला कि एयरफोर्स ऑफिसर का रोल है। स्क्रिप्ट पढ़ी तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए। यह कारगिल युद्ध और एयरफोर्स की एक सच्ची कहानी से जुड़ी है। मुझे लगा कि ऐसा किरदार करने का मौका छोड़ना नहीं चाहिए। सवाल: एयरफोर्स ऑफिसर बनने के लिए सबसे अलग अनुभव क्या रहा? जवाब: असली एयरफोर्स स्टेशन पर शूट करना। फाइटर जेट के सामने खड़े होना और कॉकपिट में बैठना मेरे लिए अविश्वसनीय था। कॉकपिट में इतने कंट्रोल थे कि मैं सोच रहा था कि पायलट इन्हें याद कैसे रखते हैं। जिस मिग में मैं बैठा, वह कारगिल युद्ध के समय इस्तेमाल हुआ था। उसे देखकर एहसास होता था कि इन विमानों ने कितना इतिहास देखा है। सवाल: असली ऑफिसर से मुलाकात हुई तो उन्होंने आपका काम देखकर क्या कहा? जवाब: उनसे शूट के दौरान फोन पर बात हुई थी। उन्होंने सीरीज देखने के बाद मुझे मैसेज किया कि मैंने उनका किरदार बहुत अच्छे से निभाया है। उन्होंने अपने फोन में मेरा नाम भी मेरे किरदार के नाम से सेव किया है। मेरे लिए यह बड़ी तारीफ है। सवाल: चार साल के संघर्ष से लेकर आज तक के सफर को आप कैसे देखते हैं? जवाब: मैं मानता हूं कि आपको लगे कि कुछ नहीं हो रहा, तब भी कोशिश बंद नहीं करनी चाहिए। मेरे चार साल ऑडिशन में निकल गए। सुपर 30 में छोटा रोल मिला, फिर कई सीरीज कीं और द आर्चीज से पहचान मिली। आज ऑपरेशन सफेद सागर जैसा किरदार मिला है। मेरे लिए एक्टिंग की खूबसूरती यही है कि हर किरदार में आपको नई जिंदगी जीने का मौका मिलता है। मैंने इंडो-ऑस्ट्रेलियन को-प्रोडक्शन की फिल्म ‘हिंदी विंदी’ की है। यह म्यूजिकल ड्रामा फिल्म है, जो सिडनी में फिल्माई गई है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Avatar 3 OTT Release March 31

March 25, 2026/
5:23 pm

1 दिन पहले कॉपी लिंक जेम्स कैमरून की साइंस फिक्शन फिल्म ‘अवतार: फायर एंड ऐश’ यानी अवतार 3 सिनेमाघरों में...

सायरा बानो@82, दिलीप कुमार से शादी की भविष्यवाणी हुई सच:मेहमानों ने शादी से चुराए कांटे-छुरी, खाना कम पड़ा; शाहरुख को बेटा माना; जानिए किस्से

August 23, 2026/
4:30 am

साल 1955 तमिलनाडु के कोयंबटूर में फिल्म ‘आजाद’ की शूटिंग चल रही थी। इसी दौरान फिल्म प्रोड्यूसर एस.एस. वासन ने...

कैबिनेट बैठक में बोले मोदी, बंगाल में जीत का लंबे समय से था इंतजार, सत्य के साथ आती है बड़ी जिम्मेदारी

May 5, 2026/
8:26 pm

पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम 2026: प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत के लिए एक बड़ी...

Shah Rukh Khan Can Extend Mannat Bungalow Floors

July 14, 2026/
3:42 pm

4 मिनट पहले कॉपी लिंक अभिनेता शाहरुख खान और उनकी पत्नी गौरी खान के मुंबई स्थित बंगले ‘मन्नत’ के रेनोवेशन...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

हाथ फ्रैक्चर था, अगले दिन विराट कोहली के साथ शूट:मिहिर आहूजा बोले- शाहरुख की तारीफ से लगा, मेहनत सही दिशा में जा रही है

हाथ फ्रैक्चर था, अगले दिन विराट कोहली के साथ शूट:मिहिर आहूजा बोले- शाहरुख की तारीफ से लगा, मेहनत सही दिशा में जा रही है

जमशेदपुर से मुंबई आए मिहिर आहूजा ने एक्टिंग के लिए करीब चार साल तक ऑडिशन दिए। सुपर 30 से फिल्मी सफर शुरू हुआ, द आर्चीज से पहचान मिली और अब ऑपरेशन सफेद सागर में एयरफोर्स ऑफिसर के किरदार में नजर आ रहे हैं। दैनिक भास्कर से बातचीत में मिहिर ने संघर्ष, रिजेक्शन, शाहरुख खान से मुलाकात और प्यार पैसा प्राफिट को लेकर हुई चर्चा पर बात की। सवाल: जमशेदपुर में रहते हुए एक्टिंग की तरफ आपका झुकाव कैसे हुआ? जवाब: मुझे याद नहीं कि मैंने कभी एक्टिंग के अलावा कुछ और करने के बारे में सोचा हो। सातवीं-आठवीं क्लास में ही तय कर लिया था कि मुझे एक्टर बनना है। घर के फंक्शन में मैं रिश्तेदारों की मिमिक्री करता था। लोग खुश होते थे और मुझे भी परफॉर्म करने में मजा आता था। वहीं से लगा कि मुझे यही करना है। सवाल: स्कूल के दिनों में जब आप एक्टिंग को लेकर इतने सीरियस थे, तो क्या लोगों ने आपका मजाक भी उड़ाया? जवाब: जमशेदपुर में मैंने एक छोटी-सी शॉर्ट फिल्म की थी। उसके बाद स्कूल में चर्चा होने लगी कि मैं फिल्म शूट करके आया हूं। उसी दौरान 10वीं में एक दिन मैं नोटबुक नहीं लेकर आया। टीचर ने मेरी नोटबुक डस्टबिन में फेंकते हुए कहा, ‘तुम खुद को सुपरस्टार समझते हो? तुम सुपरस्टार नहीं हो और कभी बन भी नहीं पाओगे।’ मैंने उसी दिन उनकी ये बात लिखकर रख ली थी। आज भी वो कागज मेरे पास है। उस दिन उन्होंने जो पत्थर मुझ पर फेंका था, मैंने उसी से अपनी इमारत बनाना सीख लिया। मैंने इंडिया गॉट टैलेंट में भी कोशिश की थी, लेकिन वहां से रिजेक्ट हो गया। उस समय दुख हुआ, लेकिन बाद में समझ आया कि रिजेक्शन इस फील्ड का हिस्सा है। सवाल: फिर मुंबई आने का फैसला कब किया? जवाब: 2017 में मैं मुंबई आया। हालांकि उससे पहले 10वीं के बाद छुट्टियों में भी मुंबई आया था। परिवार के साथ आकर देखा कि ऑडिशन कहां होते हैं। मैंने कई जगह अपना परिचय दिया। जमशेदपुर लौटने के बाद भी एड्स के लिए ऑडिशन आने लगे। इससे भरोसा बढ़ा कि अगर कोशिश करता रहूंगा तो कुछ न कुछ जरूर होगा। सवाल: मुंबई आने के बाद आपने पढ़ाई और ऑडिशन दोनों कैसे संभाले? जवाब: मैं कॉलेज के लिए मुंबई आया था, इसलिए रूटीन बन गया था- सुबह कॉलेज और शाम को ऑडिशन। यही मेरे लिए अच्छा रहा। अगर मैं सिर्फ एक्टिंग के लिए आता और काम नहीं मिलता तो शायद बहुत मुश्किल होती। मैंने ऑडिशन देने के अपने तरीके भी निकाल लिए थे। कई बार दोस्तों या आसपास के लोगों को नहीं बताता था कि एक्टर बनने आया हूं। ऑडिशन के कपड़े बैग में रखता और कह देता था कि ट्यूशन के लिए जा रहा हूं। सवाल: इतने साल ऑडिशन देने के बाद पहला बड़ा मौका कैसे मिला? जवाब: करीब चार साल तक ऑडिशन देने के बाद मुझे विराट कोहली के साथ कोलगेट का एड मिला। लेकिन शूट से एक दिन पहले मेरा एक्सीडेंट हो गया। बाइक ने मुझे टक्कर मार दी और मेरा हाथ फ्रैक्चर हो गया। अस्पताल पहुंचा तो डॉक्टर ने आराम करने को कहा। लेकिन मेरे दिमाग में सिर्फ यही था कि अगले दिन मेरा पहला बड़ा शूट है, वह भी विराट कोहली के साथ। मैंने डॉक्टर से कहा कि प्लास्टर मत कीजिए, मुझे शूट करना है। पेनकिलर लेकर अगले दिन शूट पर चला गया। सवाल: उसके बाद फिल्म में पहला मौका कब मिला? जवाब: सुपर 30 से मेरा फिल्मी सफर शुरू हुआ। ऋतिक रोशन के साथ काम करने का मौका मिला। हालांकि फिल्म में मेरा रोल छोटा रह गया और मेरे हिस्से का काफी काम एडिट हो गया। लेकिन मेरे लिए वह बड़ा अनुभव था। सवाल: सुपर 30 के बाद भी आपको पहचान मिलने में समय लगा? जवाब: हां, मैंने उसके बाद भी काम किया। मेड इन हेवन, फील्स लाइक इश्क और दूसरे प्रोजेक्ट किए। लेकिन द आर्चीज के बाद चीजें बदलीं। फिल्म में मुझे जुगहेड जोन्स का किरदार मिला और लोगों ने मुझे नोटिस किया। सवाल: द आर्चीज के दौरान शाहरुख खान से मुलाकात का मौका भी मिला? जवाब: हां, वह मेरे लिए खास अनुभव था। शाहरुख सर से मिलना अपने आप में बड़ी बात थी। मैं उन्हें देखकर बड़ा हुआ हूं। द आर्चीज के प्रीमियर में उनसे मिलने और बात करने का मौका मिला। उन्होंने मेरे काम को लेकर जो बातें कहीं, वह मेरे लिए बहुत मायने रखती हैं। उन्होंने कहा था- बेटा, बस अच्छा काम करते रहो, यही मैंने भी किया है।ऐसे पलों से आपको लगता है कि आपकी मेहनत सही दिशा में जा रही है। सवाल: इसके बाद प्यार पैसा प्राफिट में महवश के साथ काम किया। इस शो को लेकर काफी बातें हुईं, खासकर इंटिमेट सीन को लेकर, क्या कहना चाहोगे? जवाब: वह बात काफी बढ़ा-चढ़ाकर कही गई। शो में ऐसा कोई इंटिमेट सीन नहीं था, जैसा सोशल मीडिया के कुछ थंबनेल में दिखाया गया। एक किसिंग सीन भी था, जिसे हमने चीट करके शूट किया था। असल में कहानी अच्छी थी और मुझे अपना किरदार पसंद आया, इसलिए मैंने शो किया। कुछ लोगों ने सिर्फ व्यूज के लिए चीजों को अलग तरह से पेश किया। सवाल: इसी शो के दौरान आपको ऑपरेशन सफेद सागर का ऑफर मिला? जवाब: हां। जब प्यार पैसा प्राफिट की शूटिंग चल रही थी, उसी दौरान मुझे ऑपरेशन सफेद सागर के ऑडिशन का फोन आया। पहले मुझसे मूंछों में तस्वीरें मांगी गईं। मैंने मूंछ रखकर फोटो भेजी और सोचा कि पता नहीं कैसा किरदार होगा। बाद में पता चला कि एयरफोर्स ऑफिसर का रोल है। स्क्रिप्ट पढ़ी तो मेरे रोंगटे खड़े हो गए। यह कारगिल युद्ध और एयरफोर्स की एक सच्ची कहानी से जुड़ी है। मुझे लगा कि ऐसा किरदार करने का मौका छोड़ना नहीं चाहिए। सवाल: एयरफोर्स ऑफिसर बनने के लिए सबसे अलग अनुभव क्या रहा? जवाब: असली एयरफोर्स स्टेशन पर शूट करना। फाइटर जेट के सामने खड़े होना और कॉकपिट में बैठना मेरे लिए अविश्वसनीय था। कॉकपिट में इतने कंट्रोल थे कि मैं सोच रहा था कि पायलट इन्हें याद कैसे रखते हैं। जिस मिग में मैं बैठा, वह कारगिल युद्ध के समय इस्तेमाल हुआ था। उसे देखकर एहसास होता था कि इन विमानों ने कितना इतिहास देखा है। सवाल: असली ऑफिसर से मुलाकात हुई तो उन्होंने आपका काम देखकर क्या कहा? जवाब: उनसे शूट के दौरान फोन पर बात हुई थी। उन्होंने सीरीज देखने के बाद मुझे मैसेज किया कि मैंने उनका किरदार बहुत अच्छे से निभाया है। उन्होंने अपने फोन में मेरा नाम भी मेरे किरदार के नाम से सेव किया है। मेरे लिए यह बड़ी तारीफ है। सवाल: चार साल के संघर्ष से लेकर आज तक के सफर को आप कैसे देखते हैं? जवाब: मैं मानता हूं कि आपको लगे कि कुछ नहीं हो रहा, तब भी कोशिश बंद नहीं करनी चाहिए। मेरे चार साल ऑडिशन में निकल गए। सुपर 30 में छोटा रोल मिला, फिर कई सीरीज कीं और द आर्चीज से पहचान मिली। आज ऑपरेशन सफेद सागर जैसा किरदार मिला है। मेरे लिए एक्टिंग की खूबसूरती यही है कि हर किरदार में आपको नई जिंदगी जीने का मौका मिलता है। मैंने इंडो-ऑस्ट्रेलियन को-प्रोडक्शन की फिल्म ‘हिंदी विंदी’ की है। यह म्यूजिकल ड्रामा फिल्म है, जो सिडनी में फिल्माई गई है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.