हिमाचल प्रदेश में एक सप्ताह से हो रही बारिश-ओलावृष्टि और ऊंचे पहाड़ों पर हल्का हिमपात हो रहा है। पहाड़ों पर इससे कई जगह लैंडस्लाड की घटनाएं पेश आ रही है। आज (सोमवार को) भी दोपहर बाद लाहौल के मोसूमा थेतुप कुरकुर में पहाड़ी से बड़ा पत्थर गिरने के बाद सीधा HP-01-KA-3006 नंबर गाड़ी पर गिरा। इस हादसे में कार में सवार पश्चिम बंगाल के दंपती मनोजित सिंह रॉय और उनकी पत्नी पॉलिनी सिंघा घायल हो गए, जबकि ड्राइवर पूरी तरह सुरक्षित है। घायल दंपती को केलांग अस्पताल में प्राथमिक उपाचर के बाद कुल्लू रेफर कर दिया गया है। दोनों की हालत खतरे से बाहर है। कल से पहाड़ों पर अगले तीन दिन तेज बारिश, ओलावृष्टि और तूफान का अलर्ट है। इसे देखते हुए पर्यटकों को अधिक ऊंचाई वाले और लैंडस्लाइड संभावित क्षेत्रों की यात्रा टालने की सलाह दी गई है। कल से 48 घंटे भारी ओलावृष्टि-तूफान का अलर्ट इस बीच मौसम विभाग ने कल से अगले 48 घंटे तक भारी ओलावृष्टि और तूफान की चेतावनी दी गई है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सिरमौर जिले में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया। जबकि अन्य जिलों में यलो अलर्ट की चेतावनी दी गई है। इस दौरान ओलावृष्टि के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज तूफान चल सकता है। प्रदेश में 7 से 9 अप्रैल तक मौसम ज्यादा खराब रहेगा। खासकर 8 अप्रैल को ज्यादा बारिश, ओलावृष्टि और तूफान का पूर्वानुमान है। 10 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर पड़ेगा, लेकिन इस दिन भी अधिक ऊंचे पहाड़ों पर हल्की बारिश के आसार है। 11 और 12 अप्रैल को अधिक ऊंचे और मध्यम ऊंचाई वाले भागों में हल्की बारिश हो सकती है। ठियोग में आज दोपहर बाद तेज बारिश वहीं आज दोपहर बाद शिमला जिले के ठियोग और आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ हल्की ओलावृष्टि भी हुई। मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन में चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिले में रात 11 बजे तक कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और ओलावृष्टि का यलो अलर्ट जारी किया है। किन्नौर और लाहौल स्पीति की ऊंची चोटियों पर इस दौरान हल्का हिमपात भी हो सकता है। प्रदेश का तापमान नॉर्मल से 2.3 डिग्री नीचे लुढ़का वहीं बीते 24 घंटे के दौरान हुई बारिश, ओलावृष्टि और ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 2.3 डिग्री नीचे गिर गया है। कांगड़ा के अधिकतम तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे ज्यादा 4.3 डिग्री की कमी के बाद पारा 27.8 डिग्री रह गया है। मनाली का अधिकतम तापमान नॉर्मल से 4.0 डिग्री नीचे गिरने के बाद 15.4 डिग्री और मंडी का 3.0 डिग्री की गिरावट के बाद 26.8 डिग्री सेल्सियस रह गया है। अगले 3 दिनों के दौरान तापमान में और ज्यादा गिरावट आएगी। 3 दिन से ओलों का कहर वहीं बीते 3 दिन से अलग-अलग क्षेत्रों में हो रही ओलावृष्टि किसानों-बागवानों पर कहर बरपा रही है। शिमला, मंडी और कुल्लू जिले में ओलावृष्टि ने सेब, मटर, फूलगोभी और स्टोन फ्रूट्स की फसल को तबाह कर दिया है। शिमला के कुमारसैन, आनी, कोटखाई, ठियोग इत्यादि क्षेत्रों में सेब को ओलावृष्टि से बचाने के लिए लगाए गए एंटी हेल नेट और बांस भी टूट कर तबाह हो गए। मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने किसानों-बागवानों की चिंताएं बढ़ा दी है।















































