Monday, 14 Sep 2026 | 03:49 PM

Trending :

ईरान में अमेरिकी पायलट के रेस्क्यू का वीडियो सामने आया:बचने के लिए 2 दिन पहाड़ में छिपा रहा; अप्रैल में गिरा था F-15 विमान पाकिस्तान ने आतंकी मसूद-अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख किया:भगोड़ा घोषित किया; अक्टूबर में FATF बैठक होनी है, उससे पहले कार्रवाई की पाकिस्तान ने आतंकी मसूद-अजहर पर इनाम बढ़ाकर 70 लाख किया:भगोड़ा घोषित किया; अक्टूबर में FATF बैठक होनी है, उससे पहले कार्रवाई की हनुमान अंश ने 38वें दिन कमाए 22 करोड़:कुल कलेक्श 268 करोड़, मिर्जापुर-हैवान से ज्यादा हो रही कमाई; अब मेकर्स तुलसीदास पर बनाएंगे फिल्म राम बोला हनुमान अंश ने 38वें दिन कमाए 22 करोड़:कुल कलेक्श 268 करोड़, मिर्जापुर-हैवान से ज्यादा हो रही कमाई; अब मेकर्स तुलसीदास पर बनाएंगे फिल्म राम बोला लालबागचा राजा के दरबार में पहुंचे विद्युत जामवाल:आरती के साथ शंख और डमरू बजाकर लिया बप्पा का आशीर्वाद
EXCLUSIVE

20 साल से ट्रैक्टर चलाने वालों को बहरेपन का खतरा:55 ड्राइवरों पर रिसर्च के बाद सीआईएई भोपाल के वैज्ञानिकों का खुलासा

20 साल से ट्रैक्टर चलाने वालों को बहरेपन का खतरा:55 ड्राइवरों पर रिसर्च के बाद सीआईएई भोपाल के वैज्ञानिकों का खुलासा

खेतों में ट्रैक्टर चलाने वाले किसानों की सुनने की शक्ति कमजोर हो रही है। एक ताजा रिसर्च में खुलासा हुआ है कि जो किसान 20 साल या उससे ज्यादा समय से ट्रैक्टर चला रहे हैं, उनमें से कई को सामान्य बातचीत करने में भी जोर लगाना पड़ता है। ऑफिस वर्कर के मुकाबले देखें तो दफ्तर में यह जोखिम 0.2% है, जबकि ट्रैक्टर चलाने वालो में यह बढ़कर 7.1% तक पहुंच जाता है। जो 35 गुना ज्यादा है। केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान (सीआईएई), भोपाल के वैज्ञानिकों ने 55 ट्रैक्टर ड्राइवरों पर यह रिसर्च की है। जो 5 से 43 सालों से खेत जोत रहे हैं। सामने आया कि यह केवल कानों तक सीमित नहीं, बल्कि ड्राइवरों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी सीधा असर कर रहा है। ड्राइवरों में डिप्रेशन (अवसाद), एंग्जायटी (चिंता) और भारी तनाव जैसी मानसिक बीमारियां घर कर रही हैं। इस अध्ययन में सीआईएई के डॉ. अभिजीत खड़त्कर, सीआर मेहता, विजय कुमार और रतलाम मेडिकल कॉलेज कम्युनिटी मेडिसिन के लोकेंद्रसिंह कोट शामिल रहे। रिसर्च डेटा: कम हाइट वालों को दोगुना नुकसान 55 में से 45 ड्राइवरों के बाएं कान की क्षमता दाएं कान के मुकाबले कम थी। 15-20 ड्राइवर जिन्हें 20 साल से ज्यादा अनुभव है, उनकी स्थिति गंभीर, हर तीसरे ड्राइवर में चिड़चिड़ापन और मानसिक तनाव की शिकायत भी सामने आई है। ट्रैक्टर की डिजाइन : दाएं से ज्यादा बाएं कान को नुकसान
दायां कान: दायां कान कम प्रभावित मिला, बढ़ती उम्र, शोर का असर रहा।
बायां कान: कम लंबाई वाले ड्राइवर धुआं निकलने वाले पाइप के ज्यादा करीब होते हैं, जिससे बाएं कान पर ज्यादा असर होता है। यह जानना जरूरी है…
कानों की सुरक्षा: इयरप्लग या इयरमफ शोर को 20 से 30 डेसिबल तक कम करते हैं।
मशीन का रखरखाव: पुराने ट्रैक्टरों के साइलेंसर और मफलर समय पर बदलें।
काम का बंटवारा: लगातार घंटों तक अकेले ट्रैक्टर न चलाएं, बीच-बीच में आराम लें।
औजारों का शोर: ट्रैक्टर के साथ इस्तेमाल होने वाला ‘डिस्क हैरो’ ज्यादा शोर करता है।
नियमित जांच जरूर करवाएं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
तेज गर्मी के बीच विदिशा में स्कूल टाइम बदला:सुबह 7:30 से लगेंगी नर्सरी से 12वीं तक की कक्षाएं, दोपहर 12 बजे छुट्टी होगी

April 6, 2026/
10:23 pm

विदिशा जिले में बढ़ती भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव किया है। विद्यार्थियों...

अमेरिका के मोंटाना में परिवार के 8 लोगों की हत्या:मृतकों में 4 बच्चे; आरोपी ने सबको गोली मारी, खुद को भी शूट किया

August 26, 2026/
3:32 am

अमेरिका के मोंटाना के बिलिंग्स शहर में रविवार शाम एक परिवार के 8 लोगों की हत्या कर दी गई। घटना...

रिपोर्ट- ईरान फिर जंग की तैयारी में जुटा:कहा- अमेरिका पर भरोसा नहीं; होर्मुज स्ट्रेट को सबसे बड़ा हथियार बताया

May 27, 2026/
6:54 am

ईरान अमेरिका के साथ संभावित नए युद्ध के लिए तैयारी कर रहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक तेहरान...

मोबाइल से बाहर निकला मनोरंजन, 44% बढ़े लाइव इवेंट:मेगा वेडिंग्स, ग्लोबल कॉन्सर्ट्स के दम पर 1.45 लाख करोड़ का हुआ इवेंट बाजार

March 25, 2026/
3:23 pm

डिजिटल स्क्रीन की चमक के बीच भारत की ‘एक्सपीरियंस इकोनॉमी’ करवट ले रही है। जहां सब कुछ ऑनलाइन होने की...

बांग्लादेश में बस नदी में गिरी, 26 की मौत:6 लोगों की जान बचाई; बस को बड़ी नाव पर चढ़ाते समय हुआ हादसा

March 26, 2026/
6:18 am

बांग्लादेश के राजबाड़ी जिले में हुए बस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। यह हादसा...

रोहित शर्मा ने इकाना में बॉलिंग की प्रैक्टिस की:लखनऊ में 42°C तापमान में खेला जाएगा भारत-अफगानिस्तान वनडे मैच

June 17, 2026/
10:31 am

लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में आज, 17 जून को दोपहर 1:30 बजे से भारत और अफगानिस्तान के बीच वनडे...

MP में कमर्शियल गैस संकट, कई शहरों में बुकिंग बंद:ईरान-इजराइल युद्ध का असर, भोपाल-इंदौर समेत कई शहरों में होटल-रेस्टोरेंट बंद होने का खतरा

March 10, 2026/
4:43 pm

ईरान-इजराइल युद्ध के बीच एलपीजी सप्लाई को लेकर मध्यप्रदेश में सतर्कता बढ़ गई है। कई शहरों में कमर्शियल गैस सिलेंडर...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

20 साल से ट्रैक्टर चलाने वालों को बहरेपन का खतरा:55 ड्राइवरों पर रिसर्च के बाद सीआईएई भोपाल के वैज्ञानिकों का खुलासा

20 साल से ट्रैक्टर चलाने वालों को बहरेपन का खतरा:55 ड्राइवरों पर रिसर्च के बाद सीआईएई भोपाल के वैज्ञानिकों का खुलासा

खेतों में ट्रैक्टर चलाने वाले किसानों की सुनने की शक्ति कमजोर हो रही है। एक ताजा रिसर्च में खुलासा हुआ है कि जो किसान 20 साल या उससे ज्यादा समय से ट्रैक्टर चला रहे हैं, उनमें से कई को सामान्य बातचीत करने में भी जोर लगाना पड़ता है। ऑफिस वर्कर के मुकाबले देखें तो दफ्तर में यह जोखिम 0.2% है, जबकि ट्रैक्टर चलाने वालो में यह बढ़कर 7.1% तक पहुंच जाता है। जो 35 गुना ज्यादा है। केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान (सीआईएई), भोपाल के वैज्ञानिकों ने 55 ट्रैक्टर ड्राइवरों पर यह रिसर्च की है। जो 5 से 43 सालों से खेत जोत रहे हैं। सामने आया कि यह केवल कानों तक सीमित नहीं, बल्कि ड्राइवरों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी सीधा असर कर रहा है। ड्राइवरों में डिप्रेशन (अवसाद), एंग्जायटी (चिंता) और भारी तनाव जैसी मानसिक बीमारियां घर कर रही हैं। इस अध्ययन में सीआईएई के डॉ. अभिजीत खड़त्कर, सीआर मेहता, विजय कुमार और रतलाम मेडिकल कॉलेज कम्युनिटी मेडिसिन के लोकेंद्रसिंह कोट शामिल रहे। रिसर्च डेटा: कम हाइट वालों को दोगुना नुकसान 55 में से 45 ड्राइवरों के बाएं कान की क्षमता दाएं कान के मुकाबले कम थी। 15-20 ड्राइवर जिन्हें 20 साल से ज्यादा अनुभव है, उनकी स्थिति गंभीर, हर तीसरे ड्राइवर में चिड़चिड़ापन और मानसिक तनाव की शिकायत भी सामने आई है। ट्रैक्टर की डिजाइन : दाएं से ज्यादा बाएं कान को नुकसान
दायां कान: दायां कान कम प्रभावित मिला, बढ़ती उम्र, शोर का असर रहा।
बायां कान: कम लंबाई वाले ड्राइवर धुआं निकलने वाले पाइप के ज्यादा करीब होते हैं, जिससे बाएं कान पर ज्यादा असर होता है। यह जानना जरूरी है…
कानों की सुरक्षा: इयरप्लग या इयरमफ शोर को 20 से 30 डेसिबल तक कम करते हैं।
मशीन का रखरखाव: पुराने ट्रैक्टरों के साइलेंसर और मफलर समय पर बदलें।
काम का बंटवारा: लगातार घंटों तक अकेले ट्रैक्टर न चलाएं, बीच-बीच में आराम लें।
औजारों का शोर: ट्रैक्टर के साथ इस्तेमाल होने वाला ‘डिस्क हैरो’ ज्यादा शोर करता है।
नियमित जांच जरूर करवाएं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.