चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व आज गुरुवार से शुरू हो गया है। पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। सुबह की पहली किरण के साथ ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। नरसिंहपुर शहर के प्राचीन सदर मड़िया मंदिर में भी आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहां सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने मां को जल अर्पित कर पूजा की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मान्यता है कि मांगी गई हर मुराद पूरी होती मंदिर को लेकर लोगों में गहरी आस्था है कि यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। इसी कारण दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त घट-कलश स्थापना भी कराते हैं। मंदिर के पुजारी मोहित कृष्ण शास्त्री ने बताया कि चैत्र नवरात्रि का पहला दिन हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस नौ दिवसीय पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। उन्होंने ब्रह्म पुराण का हवाला देते हुए कहा कि इसी कालखंड में ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी, इसलिए इस पर्व का विशेष महत्व है। सच्ची श्रद्धा से मां भगवती सभी मनोकामनाएं पूर्ण करतीं पुजारी ने आगे कहा कि यदि कोई भक्त सच्चे मन और श्रद्धा से मां भगवती का स्मरण करता है, तो मां उसकी पुकार अवश्य सुनती हैं और उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। यही कारण है कि देशभर में चैत्र नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।














































