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India Bans 8400 Betting & Casino Platforms

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नई दिल्ली5 मिनट पहले

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सरकार ने अवैध ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 300 वेबसाइट्स-एप्स को ब्लॉक किया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक अब तक कुल 8400 ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाया जा चुका है। इनमें से करीब 4900 वेबसाइट्स ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद ब्लॉक की गई हैं।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक जिन प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की गई है, वे मुख्य रूप से अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़े थे। इनके जरिए बड़े स्तर पर अवैध लेनदेन और जुए को बढ़ावा मिल रहा था। इसे रोकने के लिए आईटी एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।

ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद इस तरह के प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई में तेजी आई है। सरकार का दावा है कि यह कदम डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।

ऑनलाइन गेमिंग बिल के बारे में जानें…

प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत देश में रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाया जाएगा। यह बिल 20 अगस्त को लोकसभा और 21 अगस्त को राज्यसभा से पास हुआ था। 22 अगस्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बना और 1 अक्टूबर से लागू किया गया।

ऑनलाइन गेमिंग कानून में 4 सख्त नियम इस कानून में कहा गया है कि चाहे ये गेम्स स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड दोनों पर रोक है।

  • रियल-मनी गेम्स पर रोक: कोई भी मनी बेस्ड गेम ऑफर करना, चलाना, प्रचार करना गैरकानूनी है। ऑनलाइन गेम खेलने वालों को कोई सजा नहीं होगी।
  • सजा और जुर्माना: अगर कोई रियल-मनी गेम ऑफर करता है या उसका प्रचार करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। विज्ञापन चलाने वालों को 2 साल की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
  • रेगुलेटरी अथॉरिटी: एक खास अथॉरिटी बनाई जाएगी, जो गेमिंग इंडस्ट्री को रेगुलेट करेगी, गेम्स को रजिस्टर करेगी और ये तय करेगी कि कौन सा गेम रियल-मनी गेम है।
  • ई-स्पोर्ट्स को बढ़ावा: पबजी और फ्री फायर जैसे ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को सपोर्ट किया जाएगा। ये गेम्स बिना पैसे वाले होते हैं इसलिए इन्हें बढ़ावा मिले।

ऑनलाइन गेमिंग मार्केट में 86% रेवेन्यू रियल मनी फॉर्मेट से थी

भारत में ऑनलाइन गेमिंग मार्केट अभी करीब 32,000 करोड़ रुपए का है। इसमें से 86% रेवेन्यू रियल मनी फॉर्मेट से आता था। 2029 तक इसके करीब 80 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद थी। लेकिन अब इन्होंने रियल मनी गेम्स बंद कर दिए हैं।

इंडस्ट्री के लोग कह रहे हैं कि सरकार के इस कदम से 2 लाख नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं। सरकार को हर साल करीब 20 हजार रुपए के टैक्स का नुकसान भी हो सकता है।

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ये खबर भी पढ़ें…

ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- मनी गेमिंग ऐप्स का टेरर फाइनेंस से लिंक

केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर बताया कि अनरेगुलेटेड ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स का टेरर फाइनेंस और मनी लॉन्ड्रिंग से लिंक है। इसलिए इन्हें रेगुलेट करने के लिए कानून बनाना जरूरी था। केंद्र ने बताया कि ऑनलाइन पैसों वाले गेम तेजी से बढ़ रहे हैं और इससे धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी और कुछ मामलों में आतंकवाद को फंडिंग हो रही है, जो नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा हैं। पूरी खबर पढ़ें…

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सरकार ने अवैध ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 300 वेबसाइट्स-एप्स को ब्लॉक किया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक अब तक कुल 8400 ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाया जा चुका है। इनमें से करीब 4900 वेबसाइट्स ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद ब्लॉक की गई हैं।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक जिन प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की गई है, वे मुख्य रूप से अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़े थे। इनके जरिए बड़े स्तर पर अवैध लेनदेन और जुए को बढ़ावा मिल रहा था। इसे रोकने के लिए आईटी एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है।

ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद इस तरह के प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई में तेजी आई है। सरकार का दावा है कि यह कदम डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है।

ऑनलाइन गेमिंग बिल के बारे में जानें…

प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत देश में रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाया जाएगा। यह बिल 20 अगस्त को लोकसभा और 21 अगस्त को राज्यसभा से पास हुआ था। 22 अगस्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बना और 1 अक्टूबर से लागू किया गया।

ऑनलाइन गेमिंग कानून में 4 सख्त नियम इस कानून में कहा गया है कि चाहे ये गेम्स स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड दोनों पर रोक है।

  • रियल-मनी गेम्स पर रोक: कोई भी मनी बेस्ड गेम ऑफर करना, चलाना, प्रचार करना गैरकानूनी है। ऑनलाइन गेम खेलने वालों को कोई सजा नहीं होगी।
  • सजा और जुर्माना: अगर कोई रियल-मनी गेम ऑफर करता है या उसका प्रचार करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। विज्ञापन चलाने वालों को 2 साल की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
  • रेगुलेटरी अथॉरिटी: एक खास अथॉरिटी बनाई जाएगी, जो गेमिंग इंडस्ट्री को रेगुलेट करेगी, गेम्स को रजिस्टर करेगी और ये तय करेगी कि कौन सा गेम रियल-मनी गेम है।
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