निवाड़ी जिले की ओरछा तहसील इस बार रामनवमी पर भव्य और ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। रामराजा मंदिर में 27 मार्च से पांच दिवसीय रामजन्म महोत्सव की शुरुआत होगी, जहां धार्मिक अनुष्ठान, शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार श्रृंखला देखने को मिलेगी। महोत्सव को लेकर पूरे मंदिर परिसर की आकर्षक साज-सज्जा की जा रही है और तैयारियां अंतिम चरण में हैं। महोत्सव की शुरुआत 27 मार्च को प्राकट्य पर्व के रूप में होगी। पहले दिन सुबह 8:30 बजे कुश नगर से रामराजा परिषद एवं मित्र मंडल द्वारा एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। प्रकटोत्सव के गाई जाएंगी बधाई दोपहर 12:30 बजे रामराजा मंदिर प्रांगण में रामराजा परिषद बुंदेली लोकगीतों के साथ बधाई गीत प्रस्तुत करेगा। इसमें ख्याति प्राप्त कलाकार उर्मिला पांडे, राष्ट्रीय भजन गायक पवन तिवारी और बबलू तिवारी बधाई गीत की प्रस्तुति देंगे। भगवान के ओरछा आगमन की वर्षगांठ भी रामनवमी पर ही होती है, जिसे रामराजा परिषद पिछले कई वर्षों से शोभायात्रा और बधाई कार्यक्रम के साथ मनाता आ रहा है। यह यहां की सालों पुरानी परंपरा है। मंदिर के अंदर दोपहर 12 बजे पूजन-आरती के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। रात 8 बजे रामराजा सरकार दालान में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे, जो इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। शाम को होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 7 बजे मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन निवाड़ी के संयुक्त तत्वावधान में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें छतरपुर की लोक कलाकार मुस्कान प्रजापति अपने साथियों के साथ बुंदेली लोक गायन प्रस्तुत करेंगी। इसके बाद “मर्यादा पुरुषोत्तम” विषय पर भव्य नृत्य नाटिका का मंचन होगा, जिसकी प्रस्तुति भोपाल की कलाकार माण्डवी अजय अरोणकर और उनकी टीम द्वारा दी जाएगी। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए विदिशा की सौम्या और उनके साथी भक्ति गायन की प्रस्तुति देंगे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाएगा। प्रशासन ने की चाक चौबंद व्यवस्था
28 मार्च को सुबह 5 बजे मंगला आरती के साथ दिन की शुरुआत होगी और इसके बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। 29 और 30 मार्च को विशेष रूप से पालना और झांकी दर्शन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप के दर्शन कर भक्त भावविभोर होंगे। रामजन्म महोत्सव को लेकर मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है। लाखों की संख्या में भक्तों के आने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने दर्शन के लिये उचित व्यवस्था कर रखी है। गर्मी को देखते हुए भक्तों के लिये व्यवस्थाएं की हुई है और पार्किंग के लिय स्थान तय कर दिये गये है। लोगों को परेशानी ना हो इसके लिये भी यातायात पुलिस और मंदिर प्रबंधन ने पूरा समन्वय बैठा रखा है। भारी वाहनों को नगर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा और तय किये स्थानों पर ही वाहनों की पार्किंग की जा सकेगी। कुल मिलाकर यह पूरा आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि बुंदेली संस्कृति और लोक परंपराओं का भी अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।













































