Saturday, 23 May 2026 | 06:02 PM

Trending :

ICC Proposes Big Cricket Rules Change: T20 Inning Break, Test Pink Ball लौकी की टिक्की रेसिपी: स्वाद और सेहत का असर है लौकी की टिक्की, हरी चटनी के साथ करें चमत्कार; नोट करें कम तेल में बनने वाली विधि मेंटल हेल्थ को लेकर चिंतित परिवार‎:अमेरिका में बच्चों की होम स्कूलिंग‎ पांच साल में दोगुनी से ज्यादा बढ़ी‎ डायरेक्टर डेविड धवन हुए इमोशनल:बेटे वरुण धवन की तारीफ करते हुए छलके आंसू, बोले- हर माता-पिता को ऐसा बेटा मिलना चाहिए बेसन बैंगन की सब्जी रेसिपी: बेसन में बेसन से बनी चटपटी बैंगन की करी सब्जी, पकते ही होंगे फैन; विधि नोट करें बंद फोन, लैपटॉप पर भी आपके काम करेगा एआई:गूगल-ओपन एआई के बीच प्रतिस्पर्धा, जेमिनाई के नए एजेंट लाॅन्च‎
EXCLUSIVE

Madhya Pradesh Gang Rape | Victim Thrown in Drain After Brutal Assault

Madhya Pradesh Gang Rape | Victim Thrown in Drain After Brutal Assault

मध्य प्रदेश क्राइम फाइल के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि हबीबगंज जैसे भोपाल के सबसे व्यस्त इलाके में हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर को झकझोर दिया था।

.

31 अक्टूबर 2017 की रात करीब साढ़े दस बजे, आरपीएफ थाने में तैनात पुलिसकर्मियों के सामने एक युवती बदहवास हालत में पहुंची। उसके कपड़े कीचड़ से सने और फटे हुए थे, चेहरा खौफ से भरा था, और वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी।

थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर चार आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप किया था।अगली सुबह जब परिवार एफआईआर दर्ज कराने पहुंचा, तो पुलिस सिस्टम की गंभीर लापरवाही सामने आई। इलाके की सीमा को लेकर एमपी नगर, हबीबगंज और जीआरपी थानों के बीच जिम्मेदारी टाली जाती रही।

अब सबसे बड़े सवाल खड़े थे कि आखिर भीड़भाड़ वाले इलाके में इतनी बड़ी वारदात कैसे हुई? आरोपी कौन थे? और पुलिस उन तक आखिर कैसे पहुंची? इन सवालों के जवाब पार्ट 2 में पढ़िए…

31 अक्टूबर की रात रिया के साथ रेलवे के आउटर में गैंगरेप हुआ। उसके हालात भी साफ बयां कर रहे थे, लेकिन रिपोर्ट लिखने में पुलिस को 24 घंटे लग गए। अगले दिन दिनभर एक से दूसरे थाने भटकने के बाद आखिरकार शाम आठ बजे जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई।

पुलिस ने लड़की के बयान दर्ज करना शुरू किया। जब रिया ने घटना के बारे में विस्तार से बताया, तो पुलिस भी सिहर उठी।

करीब सात बजे रिया जोन-2 स्थित कोचिंग से हबीबगंज रेलवे स्टेशन की ओर आउटर से जा रही थी। जैसे ही वह सुनसान रेलवे ट्रैक के पास पहुंची, अचानक एक युवक उसके सामने आकर खड़ा हो गया।

सुनसान पटरी के नीचे नाले के पास ले गए

लड़की ने हिम्मत दिखाते हुए एक आरोपी को लात मारी, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया। हालांकि इससे पहले कि वह संभल पाती, दूसरा युवक गोलू वहां आ पहुंचा। उसने पीछे से उसका हाथ पकड़कर खींचा और दोनों उसे जबरदस्ती पटरी के नीचे की तरफ घसीट ले गए।

नीचे गटर का गंदा नाला था, कीचड़ और बदबू से भरा हुआ। दोनों आरोपियों ने उसके साथ झूमा-झटकी शुरू कर दी। रिया खुद को बचाने की कोशिश करती रही, लेकिन वे उसे घसीटते हुए उसी नाले में ले गए, जहां वह गिर पड़ी। कीचड़ में सनी हुई, डरी हुई रिया लगातार छूटने की कोशिश करती रही, लेकिन दोनों ने उसे मजबूती से पकड़ रखा था।

पत्थर से पीठ पर वार, फिर दरिंदगी

रिया ने हिम्मत नहीं हारी। उसने पास पड़ा पत्थर उठाकर अमर को मारा। इससे गुस्से में आकर अमर ने उसके दोनों हाथ पीछे की तरफ कसकर पकड़ लिए। इसके बाद दोनों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की।

पत्थर से उसकी पीठ पर वार किए, जिससे वह दर्द से कराह उठी। इसके बाद अमर ने उसके कपड़े फाड़ दिए और बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया।

पहचान छिपाने की कोशिश

आरोपियों ने उससे उसके माता-पिता के बारे में पूछा। खुद को बचाने के लिए रिया ने सही जानकारी छिपाते हुए बताया कि उसके पिता कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते हैं और उसकी मां टेलर हैं। इस दौरान आरोपियों ने उसकी टाइटन की घड़ी और मोबाइल भी छीन लिया।

अमर ने कहा कि उसे रात दो-ढाई बजे तक छोड़ेंगे और उसके हाथ-पैर बांध दिए। इसी बीच गोलू कपड़े लेकर आया। इसके बाद दोनों उसे टनल पार कर प्लेटफॉर्म नंबर-6 की तरफ ले गए, जहां उनके दो अन्य साथी रमेश और राजेश भी आ पहुंचे।

लूटपाट, मारपीट के बाद हत्या की साजिश

राजेश ने उसे थप्पड़ मारे और उसके कान की बाली भी छीन ली। लगातार मारपीट से वह बुरी तरह कमजोर हो चुकी थी, लेकिन आरोपियों का अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा था।

इसके बाद चारों आरोपी आपस में चर्चा करने लगे कि उसे मार दिया जाए या छोड़ दिया जाए। गोलू और अमर का कहना था कि पिछली बार भी एक लड़की को छोड़ चुके हैं, इसे भी छोड़ देते हैं। रमेश ने कहा कि ऐसे छोड़ने पर शक हो जाएगा।

इसी दौरान रमेश और गोलू ने उसका गला दबा दिया और उसे बेरहमी से पीटा। उन्हें लगा कि वह मर जाएगी। उसके हाथ-पैर बंधे थे। वह बाहर नहीं निकल पाएगी। यह सोचकर आरोपी उसे पुल के नीचे अधमरी हालत में छोड़कर वहां से फरार हो गए।

होश आया तो हिम्मत जुटाकर थाने पहुंची

करीब 5-10 मिनट बाद टनल के ऊपर से ट्रेन गुजरी, जिसकी आवाज से रिया को हल्का होश आया। उसे एहसास हुआ कि वह खुद को छुड़ा सकती है। रात लगभग साढ़े दस बजे उसने बंधे हुए हाथों की रस्सी किसी तरह खोल ली, फिर अपने पैर भी छुड़ाए और कपड़े पहनकर बाहर निकल आई।

शहर में मचा हड़कंप, एक आरोपी की शिनाख्त

घटना की जानकारी मिलते ही मामला आग की तरह पूरे शहर में फैल गया। शहर के बीचों-बीच यूपीएससी की तैयारी कर रही एक पुलिसकर्मी की बेटी के साथ हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

मामला दर्ज होने और बयान लेने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। रिया आरोपियों को पहले से नहीं जानती थी। पुलिस को शक था कि आरोपी रेलवे ट्रैक पर काम करने वाले, ट्रेन में सामान बेचने वाले वेंडर या आसपास की झुग्गियों में रहने वाले हो सकते हैं। घटनास्थल से लौटते समय रिया ने एक आरोपी गोलू को पहचान लिया था।

पहले गोलू की गिरफ्तारी, फिर बाकी तीनों को पकड़ा

पुलिस ने सबसे पहले गोलू को गिरफ्तार किया। इसके बाद अमर भी ट्रैक के पास ही घूमता हुआ मिल गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने अन्य दो आरोपी राजेश और रमेश को भी गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों की उम्र 25 से 30 साल के बीच थी। रिया ने सभी की पहचान कर दी।

लापरवाही पर बड़ा एक्शन, पुलिसकर्मी सस्पेंड

रिपोर्ट दर्ज करने में देरी को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। 5 नवंबर को हबीबगंज, एमपी नगर और जीआरपी थाने के टीआई समेत दो एसआई को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं एमपी नगर के सीएसपी को भी हटाकर पीएचक्यू अटैच कर दिया गया।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान कुल 28 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। एफएसएल और डीएनए रिपोर्ट सहित 44 अहम साक्ष्य कोर्ट में पेश किए गए।

200 पेज की चार्जशीट, देर रात तक कोर्ट ने सुनवाई की

17 नवंबर को एसआईटी ने करीब 200 पेज की चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद 21 नवंबर से गवाही शुरू हुई, जो लगातार 15 दिन तक चली। कई बार देर रात तक कोर्ट में सुनवाई होती रही।

23 दिसंबर 2017 को अपर सत्र न्यायाधीश सविता दुबे ने चारों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस केस में सिर्फ 53 दिनों के भीतर फैसला आया।

क्राइम फाइल्स पार्ट-1 भी पढ़ें…

कोचिंग से लौट रही UPSC छात्रा से हुआ था गैंगरेप

मध्य प्रदेश क्राइम फाइल में इस बार बात ऐसे सनसनीखेज केस की जिसने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की परतें उधेड़ दी थीं। शहर के सबसे व्यस्त इलाके हबीबगंज में, थाने से चंद कदमों की दूरी पर, भीड़ के बीच एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया गया, जिसने पुलिस और रेलवे सुरक्षा तंत्र दोनों को झकझोर कर रख दिया। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
छवि अपलोड की गई

May 14, 2026/
10:52 pm

सप्लीमेंट चुनने का सही तरीका: भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद को फिट, एनर्जेटिक और बनाए रखने के लिए डेमोलाइट्स लेना...

सिवनी में अवैध अहातों पर पुलिस की रेड:टपरों में डिस्पोजल में बेची जा रही थी शराब, दो गिरफ्तार

April 9, 2026/
7:24 am

सिवनी शहर में शराब दुकानों के आसपास संचालित हो रहे अवैध अहातों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने बुधवार देर रात...

सफेद बाल: उम्र से पहले क्यों हो रहे हैं बाल सफेद? ये 4 गर्लफ्रेंड वाली वजहें जान रह जायेंगे दंग

February 21, 2026/
10:56 am

सफेद बाल: आज के दौर में सफेद बाल केवल बुढापे वालों के लिए निशानी नहीं बनी है। 20-25 साल के...

केरला स्टोरी 2 में गीत लिखना बड़ी जिम्मेदारी:साहिल सुल्तानपुरी बोले– संस्कृति, मां भवानी और राजस्थान की परंपरा से प्रेरित होकर एक रात में घूमर लिखा

March 18, 2026/
5:30 am

फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ में ‘घूमर’ गीत लिखने वाले गीतकार साहिल सुल्तानपुरी इन दिनों चर्चा में हैं। उन्होंने दैनिक...

20 लाख श्रद्धालुओं ने करीला धाम में किए दर्शन:2 दिन आस्था का सैलाब उमड़ा, रातभर चलता रहा राई नृत्य

March 9, 2026/
1:53 pm

अशोकनगर जिले के मां जानकी धाम करीला में रंग पंचमी के अवसर पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया गया।...

राजनीति

Madhya Pradesh Gang Rape | Victim Thrown in Drain After Brutal Assault

Madhya Pradesh Gang Rape | Victim Thrown in Drain After Brutal Assault

मध्य प्रदेश क्राइम फाइल के पार्ट-1 में आपने पढ़ा कि हबीबगंज जैसे भोपाल के सबसे व्यस्त इलाके में हुई एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर को झकझोर दिया था।

.

31 अक्टूबर 2017 की रात करीब साढ़े दस बजे, आरपीएफ थाने में तैनात पुलिसकर्मियों के सामने एक युवती बदहवास हालत में पहुंची। उसके कपड़े कीचड़ से सने और फटे हुए थे, चेहरा खौफ से भरा था, और वह ठीक से बोल भी नहीं पा रही थी।

थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर चार आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप किया था।अगली सुबह जब परिवार एफआईआर दर्ज कराने पहुंचा, तो पुलिस सिस्टम की गंभीर लापरवाही सामने आई। इलाके की सीमा को लेकर एमपी नगर, हबीबगंज और जीआरपी थानों के बीच जिम्मेदारी टाली जाती रही।

अब सबसे बड़े सवाल खड़े थे कि आखिर भीड़भाड़ वाले इलाके में इतनी बड़ी वारदात कैसे हुई? आरोपी कौन थे? और पुलिस उन तक आखिर कैसे पहुंची? इन सवालों के जवाब पार्ट 2 में पढ़िए…

31 अक्टूबर की रात रिया के साथ रेलवे के आउटर में गैंगरेप हुआ। उसके हालात भी साफ बयां कर रहे थे, लेकिन रिपोर्ट लिखने में पुलिस को 24 घंटे लग गए। अगले दिन दिनभर एक से दूसरे थाने भटकने के बाद आखिरकार शाम आठ बजे जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई।

पुलिस ने लड़की के बयान दर्ज करना शुरू किया। जब रिया ने घटना के बारे में विस्तार से बताया, तो पुलिस भी सिहर उठी।

करीब सात बजे रिया जोन-2 स्थित कोचिंग से हबीबगंज रेलवे स्टेशन की ओर आउटर से जा रही थी। जैसे ही वह सुनसान रेलवे ट्रैक के पास पहुंची, अचानक एक युवक उसके सामने आकर खड़ा हो गया।

सुनसान पटरी के नीचे नाले के पास ले गए

लड़की ने हिम्मत दिखाते हुए एक आरोपी को लात मारी, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया। हालांकि इससे पहले कि वह संभल पाती, दूसरा युवक गोलू वहां आ पहुंचा। उसने पीछे से उसका हाथ पकड़कर खींचा और दोनों उसे जबरदस्ती पटरी के नीचे की तरफ घसीट ले गए।

नीचे गटर का गंदा नाला था, कीचड़ और बदबू से भरा हुआ। दोनों आरोपियों ने उसके साथ झूमा-झटकी शुरू कर दी। रिया खुद को बचाने की कोशिश करती रही, लेकिन वे उसे घसीटते हुए उसी नाले में ले गए, जहां वह गिर पड़ी। कीचड़ में सनी हुई, डरी हुई रिया लगातार छूटने की कोशिश करती रही, लेकिन दोनों ने उसे मजबूती से पकड़ रखा था।

पत्थर से पीठ पर वार, फिर दरिंदगी

रिया ने हिम्मत नहीं हारी। उसने पास पड़ा पत्थर उठाकर अमर को मारा। इससे गुस्से में आकर अमर ने उसके दोनों हाथ पीछे की तरफ कसकर पकड़ लिए। इसके बाद दोनों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की।

पत्थर से उसकी पीठ पर वार किए, जिससे वह दर्द से कराह उठी। इसके बाद अमर ने उसके कपड़े फाड़ दिए और बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म किया।

पहचान छिपाने की कोशिश

आरोपियों ने उससे उसके माता-पिता के बारे में पूछा। खुद को बचाने के लिए रिया ने सही जानकारी छिपाते हुए बताया कि उसके पिता कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करते हैं और उसकी मां टेलर हैं। इस दौरान आरोपियों ने उसकी टाइटन की घड़ी और मोबाइल भी छीन लिया।

अमर ने कहा कि उसे रात दो-ढाई बजे तक छोड़ेंगे और उसके हाथ-पैर बांध दिए। इसी बीच गोलू कपड़े लेकर आया। इसके बाद दोनों उसे टनल पार कर प्लेटफॉर्म नंबर-6 की तरफ ले गए, जहां उनके दो अन्य साथी रमेश और राजेश भी आ पहुंचे।

लूटपाट, मारपीट के बाद हत्या की साजिश

राजेश ने उसे थप्पड़ मारे और उसके कान की बाली भी छीन ली। लगातार मारपीट से वह बुरी तरह कमजोर हो चुकी थी, लेकिन आरोपियों का अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा था।

इसके बाद चारों आरोपी आपस में चर्चा करने लगे कि उसे मार दिया जाए या छोड़ दिया जाए। गोलू और अमर का कहना था कि पिछली बार भी एक लड़की को छोड़ चुके हैं, इसे भी छोड़ देते हैं। रमेश ने कहा कि ऐसे छोड़ने पर शक हो जाएगा।

इसी दौरान रमेश और गोलू ने उसका गला दबा दिया और उसे बेरहमी से पीटा। उन्हें लगा कि वह मर जाएगी। उसके हाथ-पैर बंधे थे। वह बाहर नहीं निकल पाएगी। यह सोचकर आरोपी उसे पुल के नीचे अधमरी हालत में छोड़कर वहां से फरार हो गए।

होश आया तो हिम्मत जुटाकर थाने पहुंची

करीब 5-10 मिनट बाद टनल के ऊपर से ट्रेन गुजरी, जिसकी आवाज से रिया को हल्का होश आया। उसे एहसास हुआ कि वह खुद को छुड़ा सकती है। रात लगभग साढ़े दस बजे उसने बंधे हुए हाथों की रस्सी किसी तरह खोल ली, फिर अपने पैर भी छुड़ाए और कपड़े पहनकर बाहर निकल आई।

शहर में मचा हड़कंप, एक आरोपी की शिनाख्त

घटना की जानकारी मिलते ही मामला आग की तरह पूरे शहर में फैल गया। शहर के बीचों-बीच यूपीएससी की तैयारी कर रही एक पुलिसकर्मी की बेटी के साथ हुई इस वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

मामला दर्ज होने और बयान लेने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। रिया आरोपियों को पहले से नहीं जानती थी। पुलिस को शक था कि आरोपी रेलवे ट्रैक पर काम करने वाले, ट्रेन में सामान बेचने वाले वेंडर या आसपास की झुग्गियों में रहने वाले हो सकते हैं। घटनास्थल से लौटते समय रिया ने एक आरोपी गोलू को पहचान लिया था।

पहले गोलू की गिरफ्तारी, फिर बाकी तीनों को पकड़ा

पुलिस ने सबसे पहले गोलू को गिरफ्तार किया। इसके बाद अमर भी ट्रैक के पास ही घूमता हुआ मिल गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने अन्य दो आरोपी राजेश और रमेश को भी गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों की उम्र 25 से 30 साल के बीच थी। रिया ने सभी की पहचान कर दी।

लापरवाही पर बड़ा एक्शन, पुलिसकर्मी सस्पेंड

रिपोर्ट दर्ज करने में देरी को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। 5 नवंबर को हबीबगंज, एमपी नगर और जीआरपी थाने के टीआई समेत दो एसआई को सस्पेंड कर दिया गया। वहीं एमपी नगर के सीएसपी को भी हटाकर पीएचक्यू अटैच कर दिया गया।

कोर्ट में सुनवाई के दौरान कुल 28 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। एफएसएल और डीएनए रिपोर्ट सहित 44 अहम साक्ष्य कोर्ट में पेश किए गए।

200 पेज की चार्जशीट, देर रात तक कोर्ट ने सुनवाई की

17 नवंबर को एसआईटी ने करीब 200 पेज की चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद 21 नवंबर से गवाही शुरू हुई, जो लगातार 15 दिन तक चली। कई बार देर रात तक कोर्ट में सुनवाई होती रही।

23 दिसंबर 2017 को अपर सत्र न्यायाधीश सविता दुबे ने चारों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इस केस में सिर्फ 53 दिनों के भीतर फैसला आया।

क्राइम फाइल्स पार्ट-1 भी पढ़ें…

कोचिंग से लौट रही UPSC छात्रा से हुआ था गैंगरेप

मध्य प्रदेश क्राइम फाइल में इस बार बात ऐसे सनसनीखेज केस की जिसने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की परतें उधेड़ दी थीं। शहर के सबसे व्यस्त इलाके हबीबगंज में, थाने से चंद कदमों की दूरी पर, भीड़ के बीच एक ऐसी वारदात को अंजाम दिया गया, जिसने पुलिस और रेलवे सुरक्षा तंत्र दोनों को झकझोर कर रख दिया। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.