Saturday, 13 Jun 2026 | 06:23 PM

Trending :

EXCLUSIVE

RBI Caps Banks’ NOP-INR Limit at $100 Million to Curb Rupee Fall

RBI Caps Banks' NOP-INR Limit at $100 Million to Curb Rupee Fall

नई दिल्ली8 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

RBI ने निर्देश दिया है कि बैंक अब हर दिन अपने पास 100 मिलियन डॉलर (करीब 950 करोड़ रुपए) से ज्यादा नहीं रख सकेंगे। इससे पहले बैंक हर दिन 300 से 500 मिलियन डॉलर (2,845-4,743 करोड़ रुपए) होल्ड कर रहे थे।

फॉरेक्स एनालिस्ट के मुताबिक, निर्देश का असर यह होगा कि बैंक अब उनके पास मौजूद एक्स्ट्रा डॉलर को मार्केट में बेचेंगे तो इससे रुपया मजबूत होगा। जिससे विदेशी सामान खरीदना, विदेश में पढ़ना और घूमना सस्ता हो सकता है।

इसके अलावा मोबाइल, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स भी सस्ते हो सकते हैं। RBI के यह निर्देश जारी करने के एक दिन पहले ही रुपया डॉलर के मुकाबले ₹94.59 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का निर्देश।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का निर्देश।

रुपए में गिरावट को देखते हुए RBI ने यह फैसला लिया

RBI ने डॉलर के मुकाबले रुपए में आ रही गिरावट और बाजार की अस्थिरता को देखते हुए यह फैसला लिया है। निर्देश जारी करते हुए RBI ने सभी बैंकों को कहा कि वे हर कारोबारी दिन के आखिरी में ऑनशोर डिलीवरेबल मार्केट में भारतीय मुद्रा पर अपनी नेट ओपन पोजिशन (NOP-INR) को 100 मिलियन डॉलर के अंदर सीमित रखें। यानी बैंकों को हर कारोबारी दिन के आखिरी में अपने फॉरेन करेंसी एक्सपोजर को इसी दायरे में रखना होगा।

RBI ने बैंकों को 10 अप्रैल तक का समय दिया

RBI ने सभी ऑथराइज्ड फॉरेन एक्सचेंज डीलर्स को इस नए नियम का पालन करने के लिए 10 अप्रैल तक का समय दिया है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के एफएक्स एनालिस्ट दिलीप परमार के मुताबिक, इस कदम से शेयर बाजार में बैंकों की डॉलर में ली जाने वाली लॉन्ग पोजीशन (सट्टेबाजी) कम होगी। इससे बाजार खुलने पर रुपए में होने वाली अचानक और बड़ी गिरावट को रोकने में मदद मिलेगी।

क्या होती है नेट ओपन पोजीशन (NOP)?

नेट ओपन पोजीशन का मतलब उस कुल विदेशी मुद्रा से है जिसे बैंकों ने खरीदा या बेचा है, लेकिन उसे हेज (सुरक्षित) नहीं किया है। मौजूदा नियमों के अनुसार, बैंक अपनी कुल पूंजी के 25% तक की लिमिट खुद तय कर सकते थे। लेकिन अब RBI ने इसे सीधे तौर पर 100 मिलियन डॉलर पर कैप कर दिया है।

दिलीप परमार ने बताया कि बैंक अक्सर बड़े फॉरेक्स पोर्टफोलियो रखते हैं, जिनमें से कुछ का इस्तेमाल आर्बिट्राज (मुनाफाखोरी) के लिए किया जाता है। जब बैंक बड़े पैमाने पर अनहेजेड पोजीशन (बिना सुरक्षा वाली ट्रेडिंग) रखते हैं, तो इससे इंट्राडे ट्रेडिंग में रुपए में तेज उतार-चढ़ाव आता है। RBI ने पहले बैंकों को चेतावनी दी थी, लेकिन अब इसे आधिकारिक आदेश में बदल दिया गया है।

₹95 के स्तर के करीब पहुंचा भारतीय रुपया

RBI के मुताबिक, शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले ₹94.59 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। पिछले 10 ट्रेडिंग सेशन में से 5 बार रुपए ने अपना ऑल-टाइम लो रिकॉर्ड बनाया है।

विदेशी निवेशकों के भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकालने के कारण अब रुपया ₹95 प्रति डॉलर के स्तर को छूने के बेहद करीब है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन के मुताबिक, युद्ध जारी रहा तो रुपया 98 तक जा सकता है।

ईरान युद्ध और कच्चे तेल के दाम बढ़ने का असर

रुपए की इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और ब्रेंट क्रूड (कच्चा तेल) की कीमतों में आया उछाल है। फरवरी के आखिरी में अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग शुरू होने के बाद से भारतीय करंसी में करीब 4% की गिरावट आ चुकी है।

2011-12 के बाद रुपए में सबसे बड़ी गिरावट

भारत का वित्त वर्ष अप्रैल से मार्च तक चलता है। आंकड़ों के अनुसार, 14 साल में पहली बार रुपया एक साल में इतना गिरा है। इससे पहले 2011-12 में यूरोजोन संकट के दौरान करीब 14% गिरावट आई थी। वहीं 1 अप्रैल 2025 से अब तक यानी वित्त वर्ष-26 में रुपया 10% गिर चुका है।

डॉलर महंगा होने से भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा

मिडिल ईस्ट संघर्ष को दशकों का सबसे गंभीर एनर्जी संकट माना जा रहा है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है।

तेल की कीमतें: कच्चे तेल महंगे होने से भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ा।

जरूरी सामान महंगा: LPG, प्लास्टिक और अन्य पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की सप्लाई प्रभावित।

महंगाई का डर: डॉलर महंगा होने से पेट्रोल-डीजल और इम्पोर्टेड सामान महंगे होंगे, जिससे रिटेल महंगाई बढ़ सकती है।

विदेश में पढ़ाई-घूमना महंगा: विदेश जाने या पढ़ाई के लिए डॉलर खरीदने पर अब ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे।

इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे: मोबाइल, लैपटॉप और आयातित पार्ट्स महंगे हो सकते हैं, क्योंकि भुगतान डॉलर में होता है।

क्या रुपया 98 प्रति डॉलर तक जाएगा?

एनालिस्ट्स ने GDP ग्रोथ अनुमान घटाने शुरू किए हैं। बर्नस्टीन के मुताबिक, युद्ध लंबा चला तो करंट अकाउंट बैलेंस पर दबाव बढ़ेगा और रुपया इस साल 98 के स्तर के पार जा सकता है।

कुछ एनालिस्ट्स ने अगले 12 महीनों में महंगाई काबू करने के लिए RBI द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना जताई है।

कैसे तय होती है करेंसी की कीमत ?

  • डॉलर के मुकाबले किसी करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना या कमजोरी (करेंसी डेप्रिसिएशन) कहते हैं।
  • हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन होते हैं। इसके घटने-बढ़ने का असर करेंसी पर पड़ता है।
  • अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर पर्याप्त होंगे तो रुपया स्थिर रहेगा। डॉलर घटे तो रुपया कमजोर, बढ़े तो मजबूत होगा।

ये खबर भी पढ़ें…

केंद्र ने कॉमर्शियल LPG कोटा 50% से बढ़ाकर 70% किया: स्टील-ऑटो और टेक्सटाइल सेक्टर को प्राथमिकता, रेस्टोरेंट्स के बाद बड़े उद्योगों को 20% अतिरिक्त सप्लाई

केंद्र सरकार ने देश में जारी गैस संकट के बीच राज्यों को एक बार फिर LPG सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया है। सरकार ने शुक्रवार (27 मार्च) को कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के एलोकेशन यानी कोटा को 50% से बढ़ाकर 70% कर दिया है। इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा उन उद्योगों को मिलेगा जो पूरी तरह LPG पर निर्भर हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
Gukesh Loses Norway Chess; Wesley So Claims Victory

May 27, 2026/
11:44 am

स्पोर्ट्स डेस्क22 मिनट पहले कॉपी लिंक नॉर्वे चेस टूर्नामेंट मंगलवार का दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए मिलाजुला रहा। वर्ल्ड चैंपियन...

Tamil Nadu Government Formation: TVK’s Vijay likely to take oath as Tamil Nadu’s chief minister on May 7.

May 6, 2026/
8:03 am

आखरी अपडेट:06 मई, 2026, 08:03 IST असम के मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया सोमवार को भाजपा से राज्य चुनाव हारने वाली ममता...

फोरलेन पर महिला की हत्या मामले में आरोपी को उम्रकैद:रतलाम में रेप के बाद हत्या कर शव फेंक दिया था; 5 साल बाद कोर्ट का फैसला

April 20, 2026/
9:51 pm

5 साल पहले महिला की हत्या कर शव को बिलपांक के पास फोरलेन के नीचे फेंकने के मामले में कोर्ट...

श्योपुर भाजपा कार्यालय पर पोस्टर चिपकाए:लिखा- बीजेपी ने बीफ कंपनियों से चंदा लेकर अपनी तिजोरी भरी, तीन लोगों पर FIR

April 22, 2026/
10:18 pm

श्योपुर के शिवपुरी रोड पर स्थित भाजपा कार्यालय में बुधवार सुबह जमकर हंगामा हुआ। तीन युवकों ने कार्यालय परिसर में...

एमपी टूरिज्म होटल में लकड़ी के चूल्हे जले:एलपीजी संकट के कारण भरहुत में पारंपरिक भाठा पर बन रहा भोजन

March 28, 2026/
8:54 am

सतना जिले में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी के कारण होटल कारोबार प्रभावित हो रहा है। आधुनिक रसोईघरों से लैस...

World News Updates; Iran Israel War | Cuba Earthquake

June 9, 2026/
8:45 am

13 मिनट पहले कॉपी लिंक क्यूबा के उत्तर-पश्चिमी तट के पास सोमवार को 6.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया। अमेरिकी...

कान्हा में 3 शावकों की मौत, बाघिन-एक शावक का रेस्क्यू:मुक्की क्वारंटीन सेंटर में इलाज जारी; जांच में जुटा वन विभाग

April 27, 2026/
12:38 pm

मंडला के कान्हा टाइगर रिजर्व के सरही परिक्षेत्र में अमाही फीमेल बाघिन (T-141) के तीसरे मादा शावक की मौत से...

राजनीति

RBI Caps Banks’ NOP-INR Limit at $100 Million to Curb Rupee Fall

RBI Caps Banks' NOP-INR Limit at $100 Million to Curb Rupee Fall

नई दिल्ली8 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

RBI ने निर्देश दिया है कि बैंक अब हर दिन अपने पास 100 मिलियन डॉलर (करीब 950 करोड़ रुपए) से ज्यादा नहीं रख सकेंगे। इससे पहले बैंक हर दिन 300 से 500 मिलियन डॉलर (2,845-4,743 करोड़ रुपए) होल्ड कर रहे थे।

फॉरेक्स एनालिस्ट के मुताबिक, निर्देश का असर यह होगा कि बैंक अब उनके पास मौजूद एक्स्ट्रा डॉलर को मार्केट में बेचेंगे तो इससे रुपया मजबूत होगा। जिससे विदेशी सामान खरीदना, विदेश में पढ़ना और घूमना सस्ता हो सकता है।

इसके अलावा मोबाइल, लैपटॉप जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स भी सस्ते हो सकते हैं। RBI के यह निर्देश जारी करने के एक दिन पहले ही रुपया डॉलर के मुकाबले ₹94.59 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का निर्देश।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया का निर्देश।

रुपए में गिरावट को देखते हुए RBI ने यह फैसला लिया

RBI ने डॉलर के मुकाबले रुपए में आ रही गिरावट और बाजार की अस्थिरता को देखते हुए यह फैसला लिया है। निर्देश जारी करते हुए RBI ने सभी बैंकों को कहा कि वे हर कारोबारी दिन के आखिरी में ऑनशोर डिलीवरेबल मार्केट में भारतीय मुद्रा पर अपनी नेट ओपन पोजिशन (NOP-INR) को 100 मिलियन डॉलर के अंदर सीमित रखें। यानी बैंकों को हर कारोबारी दिन के आखिरी में अपने फॉरेन करेंसी एक्सपोजर को इसी दायरे में रखना होगा।

RBI ने बैंकों को 10 अप्रैल तक का समय दिया

RBI ने सभी ऑथराइज्ड फॉरेन एक्सचेंज डीलर्स को इस नए नियम का पालन करने के लिए 10 अप्रैल तक का समय दिया है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के एफएक्स एनालिस्ट दिलीप परमार के मुताबिक, इस कदम से शेयर बाजार में बैंकों की डॉलर में ली जाने वाली लॉन्ग पोजीशन (सट्टेबाजी) कम होगी। इससे बाजार खुलने पर रुपए में होने वाली अचानक और बड़ी गिरावट को रोकने में मदद मिलेगी।

क्या होती है नेट ओपन पोजीशन (NOP)?

नेट ओपन पोजीशन का मतलब उस कुल विदेशी मुद्रा से है जिसे बैंकों ने खरीदा या बेचा है, लेकिन उसे हेज (सुरक्षित) नहीं किया है। मौजूदा नियमों के अनुसार, बैंक अपनी कुल पूंजी के 25% तक की लिमिट खुद तय कर सकते थे। लेकिन अब RBI ने इसे सीधे तौर पर 100 मिलियन डॉलर पर कैप कर दिया है।

दिलीप परमार ने बताया कि बैंक अक्सर बड़े फॉरेक्स पोर्टफोलियो रखते हैं, जिनमें से कुछ का इस्तेमाल आर्बिट्राज (मुनाफाखोरी) के लिए किया जाता है। जब बैंक बड़े पैमाने पर अनहेजेड पोजीशन (बिना सुरक्षा वाली ट्रेडिंग) रखते हैं, तो इससे इंट्राडे ट्रेडिंग में रुपए में तेज उतार-चढ़ाव आता है। RBI ने पहले बैंकों को चेतावनी दी थी, लेकिन अब इसे आधिकारिक आदेश में बदल दिया गया है।

₹95 के स्तर के करीब पहुंचा भारतीय रुपया

RBI के मुताबिक, शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले ₹94.59 के अब तक के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ। पिछले 10 ट्रेडिंग सेशन में से 5 बार रुपए ने अपना ऑल-टाइम लो रिकॉर्ड बनाया है।

विदेशी निवेशकों के भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकालने के कारण अब रुपया ₹95 प्रति डॉलर के स्तर को छूने के बेहद करीब है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन के मुताबिक, युद्ध जारी रहा तो रुपया 98 तक जा सकता है।

ईरान युद्ध और कच्चे तेल के दाम बढ़ने का असर

रुपए की इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और ब्रेंट क्रूड (कच्चा तेल) की कीमतों में आया उछाल है। फरवरी के आखिरी में अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग शुरू होने के बाद से भारतीय करंसी में करीब 4% की गिरावट आ चुकी है।

2011-12 के बाद रुपए में सबसे बड़ी गिरावट

भारत का वित्त वर्ष अप्रैल से मार्च तक चलता है। आंकड़ों के अनुसार, 14 साल में पहली बार रुपया एक साल में इतना गिरा है। इससे पहले 2011-12 में यूरोजोन संकट के दौरान करीब 14% गिरावट आई थी। वहीं 1 अप्रैल 2025 से अब तक यानी वित्त वर्ष-26 में रुपया 10% गिर चुका है।

डॉलर महंगा होने से भारत में महंगाई बढ़ने का खतरा

मिडिल ईस्ट संघर्ष को दशकों का सबसे गंभीर एनर्जी संकट माना जा रहा है, जिसका सीधा असर भारत पर पड़ रहा है।

तेल की कीमतें: कच्चे तेल महंगे होने से भारत का इम्पोर्ट बिल बढ़ा।

जरूरी सामान महंगा: LPG, प्लास्टिक और अन्य पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स की सप्लाई प्रभावित।

महंगाई का डर: डॉलर महंगा होने से पेट्रोल-डीजल और इम्पोर्टेड सामान महंगे होंगे, जिससे रिटेल महंगाई बढ़ सकती है।

विदेश में पढ़ाई-घूमना महंगा: विदेश जाने या पढ़ाई के लिए डॉलर खरीदने पर अब ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे।

इलेक्ट्रॉनिक्स महंगे: मोबाइल, लैपटॉप और आयातित पार्ट्स महंगे हो सकते हैं, क्योंकि भुगतान डॉलर में होता है।

क्या रुपया 98 प्रति डॉलर तक जाएगा?

एनालिस्ट्स ने GDP ग्रोथ अनुमान घटाने शुरू किए हैं। बर्नस्टीन के मुताबिक, युद्ध लंबा चला तो करंट अकाउंट बैलेंस पर दबाव बढ़ेगा और रुपया इस साल 98 के स्तर के पार जा सकता है।

कुछ एनालिस्ट्स ने अगले 12 महीनों में महंगाई काबू करने के लिए RBI द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना जताई है।

कैसे तय होती है करेंसी की कीमत ?

  • डॉलर के मुकाबले किसी करेंसी की वैल्यू घटे तो उसे मुद्रा का गिरना या कमजोरी (करेंसी डेप्रिसिएशन) कहते हैं।
  • हर देश के पास फॉरेन करेंसी रिजर्व होता है, जिससे इंटरनेशनल ट्रांजैक्शन होते हैं। इसके घटने-बढ़ने का असर करेंसी पर पड़ता है।
  • अगर भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर पर्याप्त होंगे तो रुपया स्थिर रहेगा। डॉलर घटे तो रुपया कमजोर, बढ़े तो मजबूत होगा।

ये खबर भी पढ़ें…

केंद्र ने कॉमर्शियल LPG कोटा 50% से बढ़ाकर 70% किया: स्टील-ऑटो और टेक्सटाइल सेक्टर को प्राथमिकता, रेस्टोरेंट्स के बाद बड़े उद्योगों को 20% अतिरिक्त सप्लाई

केंद्र सरकार ने देश में जारी गैस संकट के बीच राज्यों को एक बार फिर LPG सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया है। सरकार ने शुक्रवार (27 मार्च) को कॉमर्शियल LPG सिलेंडर के एलोकेशन यानी कोटा को 50% से बढ़ाकर 70% कर दिया है। इस फैसले का सबसे ज्यादा फायदा उन उद्योगों को मिलेगा जो पूरी तरह LPG पर निर्भर हैं। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.