Saturday, 23 May 2026 | 08:50 PM

Trending :

EXCLUSIVE

ग्वालियर हाईकोर्ट ने रोकी गई वेतनवृद्धि बहाल की:कोर्ट ने कहा- बिना ठोस कारण के दंड आदेश अमान्य, ‘स्पीकिंग ऑर्डर’ जरूरी; बिजली कंपनी का फैसला रद्द

ग्वालियर हाईकोर्ट ने रोकी गई वेतनवृद्धि बहाल की:कोर्ट ने कहा- बिना ठोस कारण के दंड आदेश अमान्य, ‘स्पीकिंग ऑर्डर’ जरूरी; बिजली कंपनी का फैसला रद्द

ग्वालियर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने अहम फैसले में कहा है कि बिना ठोस कारण और स्पष्ट तर्क के पारित दंड आदेश कानूनन मान्य नहीं होंगे। जस्टिस आनंद सिंह बहरावत की पीठ ने मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा दिए गए दंड आदेश को निरस्त कर दिया। मामला कनिष्ठ अभियंता मोहन शर्मा से जुड़ा था, जो बड़ौदा वितरण केंद्र में पदस्थ थे। उन पर ट्रांसफार्मर खराब होने के मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए 1 दिसंबर 2010 को दो वार्षिक वेतनवृद्धियां रोकने का दंड दिया गया था। बाद में अपील में इसे घटाकर एक वेतनवृद्धि रोकने तक सीमित कर दिया गया। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद मोहन शर्मा को रोकी गई वेतनवृद्धियों का पूरा लाभ मिलेगा। ‘स्पीकिंग ऑर्डर’ होना जरूरी हाईकोर्ट ने पाया कि मूल दंड आदेश और अपीलीय आदेश, दोनों में ही पर्याप्त कारणों का अभाव था। कोर्ट ने कहा कि विभागीय कार्रवाई से जुड़े आदेश “स्पीकिंग ऑर्डर” होने चाहिए, यानी उनमें तथ्यों, सबूतों और कर्मचारी के जवाब को खारिज करने के कारणों का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। विभागीय प्रक्रिया पर सवाल पीठ ने यह भी माना कि विभाग ने न तो याचिकाकर्ता के जवाब का समुचित मूल्यांकन किया और न ही अपने निर्णय के पीछे के ठोस कारण बताए। इस तरह की प्रक्रिया प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
यूरिक एसिड के लिए योग

February 23, 2026/
11:41 am

यूरिक एसिड के लिए योग | छवि: फ्रीपिक यूरिक एसिड के लिए योग: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और मिरते...

‘क्वीन 2’ में कंगना रनोट नजर आएंगी:अप्रैल के आखिर तक शुरू होगी शूटिंग, जानिए कैसी होगी कहानी

April 2, 2026/
1:06 pm

कंगना रनोट की फिल्म ‘क्वीन’ के सीक्वल की तैयारी शुरू हो गई है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि कंगना...

PM Modi Rahul Gandhi Election Rally 2026

April 6, 2026/
2:06 am

नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम/गुवाहाटी/कोलकाता/चेन्नई5 घंटे पहले कॉपी लिंक असम के कामरूप में राहुल गांधी ने रविवार को जनसभा को संबोधित किया। कांग्रेस...

कोहली के टी-20 में सबसे तेज 14 हजार रन:12वीं बार 400+ रन बनाए, IPL में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले प्लेयर भी बने; रिकॉर्ड्स

May 14, 2026/
5:13 am

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने बुधवार को कोलकाता नाइट राइडर्स को 6 विकेट से हरा दिया। रायपुर के शहीद वीर नारायण...

घर से छिपकलियों को हमेशा के लिए कैसे दूर करें, चिपकली भगाने के आसान उपाय घरेलु टिप्स

March 16, 2026/
10:02 am

छिपकली भगाने के उपाय | छवि: फ्रीपिक चिपकली भगाने के उपाय: घर में छिपकली जैसा दिखने वाले ज्यादातर लोग डरे...

Europe Refuses to Support Hormuz Operation

March 17, 2026/
1:18 pm

वॉशिंगटन डीसी23 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान में खामेनेई समेत 40 से भी ज्यादा अधिकारियों के मारे जाने के बाद...

पहले किया प्रेम विवाह, फिर दूसरी शादी, अब होगी FIR:इंदौर जिला कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए पति के तलाक का केस किया खारिज

April 13, 2026/
6:00 am

इंदौर जिला कोर्ट ने एक पति द्वारा पहली पत्नी को तलाक दिए बिना दूसरी शादी करने के मामले में कार्रवाई...

ग्वालियर में युवक लापता, मां ने एसएसपी से गुहार लगाई:मारपीट के बाद गायब हुआ किशोर, फायरिंग का वीडियो भी सौंपा

April 1, 2026/
4:33 pm

ग्वालियर में एक किशोर की मारपीट के बाद लापता होने का मामला सामने आया है। शहर के लाइन नंबर 8...

राजनीति

ग्वालियर हाईकोर्ट ने रोकी गई वेतनवृद्धि बहाल की:कोर्ट ने कहा- बिना ठोस कारण के दंड आदेश अमान्य, ‘स्पीकिंग ऑर्डर’ जरूरी; बिजली कंपनी का फैसला रद्द

ग्वालियर हाईकोर्ट ने रोकी गई वेतनवृद्धि बहाल की:कोर्ट ने कहा- बिना ठोस कारण के दंड आदेश अमान्य, ‘स्पीकिंग ऑर्डर’ जरूरी; बिजली कंपनी का फैसला रद्द

ग्वालियर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने अहम फैसले में कहा है कि बिना ठोस कारण और स्पष्ट तर्क के पारित दंड आदेश कानूनन मान्य नहीं होंगे। जस्टिस आनंद सिंह बहरावत की पीठ ने मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा दिए गए दंड आदेश को निरस्त कर दिया। मामला कनिष्ठ अभियंता मोहन शर्मा से जुड़ा था, जो बड़ौदा वितरण केंद्र में पदस्थ थे। उन पर ट्रांसफार्मर खराब होने के मामले में लापरवाही का आरोप लगाते हुए 1 दिसंबर 2010 को दो वार्षिक वेतनवृद्धियां रोकने का दंड दिया गया था। बाद में अपील में इसे घटाकर एक वेतनवृद्धि रोकने तक सीमित कर दिया गया। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद मोहन शर्मा को रोकी गई वेतनवृद्धियों का पूरा लाभ मिलेगा। ‘स्पीकिंग ऑर्डर’ होना जरूरी हाईकोर्ट ने पाया कि मूल दंड आदेश और अपीलीय आदेश, दोनों में ही पर्याप्त कारणों का अभाव था। कोर्ट ने कहा कि विभागीय कार्रवाई से जुड़े आदेश “स्पीकिंग ऑर्डर” होने चाहिए, यानी उनमें तथ्यों, सबूतों और कर्मचारी के जवाब को खारिज करने के कारणों का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। विभागीय प्रक्रिया पर सवाल पीठ ने यह भी माना कि विभाग ने न तो याचिकाकर्ता के जवाब का समुचित मूल्यांकन किया और न ही अपने निर्णय के पीछे के ठोस कारण बताए। इस तरह की प्रक्रिया प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.