सतना जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र के डेगरहट जंगल में मंगलवार शाम एक बाघ दिखा। बाघ के मूवमेंट के कारण मुख्य मार्ग को लगभग 45 मिनट तक बंद रखना पड़ा। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से बाघ को सुरक्षित जंगल के दूसरी ओर पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, बाघ पुलिया के पास से निकलकर सड़क पार कर जंगल के दूसरे हिस्से में जाने का प्रयास कर रहा था। हालांकि, सड़क पर लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण वह झाड़ियों के पास ही बैठा रहा। ग्रामीणों ने बाघ को देखकर तत्काल वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। डीएफओ मयंक चांदीवाल ने बताया कि यह लगभग 4 से 5 वर्ष का नर बाघ है। उसने हाल ही में क्षेत्र में एक बैल का शिकार किया था और अपने निर्धारित क्षेत्र की ओर लौट रहा था। लोगों की आवाजाही से असहज महसूस करने के कारण वह सड़क पार नहीं कर पा रहा था। स्थिति को देखते हुए, डीएफओ के निर्देश पर मुख्य मार्ग को लगभग 45 मिनट तक बंद कराया गया। रास्ता खाली होते ही बाघ सुरक्षित रूप से सड़क पार कर जंगल के दूसरी ओर चला गया। बाघ की मौजूदगी से आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वन विभाग लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहा है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। मझगवां रेंज में वर्तमान में लगभग 30 बाघ और 4 बाघिनों की मौजूदगी बताई जा रही है। वर्ष 2016 से इस क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। यह इलाका पन्ना नेशनल पार्क और उत्तर प्रदेश के रानीपुर अभयारण्य को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण वन्यजीव कॉरिडोर है, जिससे इसकी पारिस्थितिकीय अहमियत बढ़ जाती है।
















































