नीमच में निजी स्कूलों की मनमानी फीस और नियमों के उल्लंघन के विरोध में बुधवार को पालक संघ जिला इकाई ने प्रदर्शन किया। पालकों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संघ के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूल फीस विनियमन कानून का उल्लंघन कर मनमाने ढंग से शुल्क बढ़ा रहे हैं। इससे अभिभावकों पर अनावश्यक वित्तीय बोझ पड़ रहा है। एनसीईआरटी पाठ्यक्रम अनिवार्य करने सहित कई मांगे रखी ज्ञापन में प्रमुख मांग की गई कि स्कूलों में निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों के बजाय केवल एनसीईआरटी पाठ्यक्रम अनिवार्य किया जाए। इसके अतिरिक्त, किताबों और गणवेश पर अभिभावकों को कम से कम 30 प्रतिशत की छूट दिलाने के लिए विशेष मेलों का आयोजन करने की मांग की गई, ताकि इसमें होने वाली अनियमितताओं को रोका जा सके। पालक संघ ने सीएम राइज सांदीपनि स्कूल के अधूरे भवन निर्माण पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस परियोजना में देरी के कारण मध्यम और गरीब वर्ग के प्रतिभावान छात्र गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर उठाए सवाल संघ ने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर भी सवाल उठाए। ज्ञापन में बताया गया कि जिले के कई निजी संस्थान बिना खेल मैदान, प्रयोगशाला और स्वच्छ पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं के संचालित हो रहे हैं। पालक संघ ने चेतावनी दी है कि अगर फीस बकाया होने पर टीसी या अंकसूची रोकने जैसी प्रथाओं पर रोक नहीं लगी और परिवहन शुल्क में एकरूपता सुनिश्चित नहीं की गई, तो जिला स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जिन स्कूलों में निर्धारित मापदंडों का अभाव है, उनकी मान्यता तत्काल निरस्त की जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान तीसरी कक्षा का छात्र जयंत शुक्ला भी मौजूद था, जिसने तख्ती उठा रखी थी।














































