Thursday, 10 Sep 2026 | 06:56 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Artemis-II Mission Launch Today | NASA Moon Orbit

Artemis-II Mission Launch Today | NASA Moon Orbit

वॉशिंगटन2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा आज 2 अप्रैल को ‘आर्टेमिस-2’ मिशन लॉन्च करेगा। सुबह 3:54 बजे ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना होगा। फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से ये लॉन्चिंग होगी।

साल 1972 में ‘अपोलो-17’ के बाद यह पहला मौका है जब कोई इंसान पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) को पार कर चांद के करीब पहुंचेगा। चारों यात्री इस मिशन में चांद के चारों ओर चक्कर लगाएंगे और फिर वापस धरती पर लौटेंगे। ये मिशन करीब 10 दिनों का होगा।

'स्पेस लॉन्च सिस्टम' (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना होगा।

‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना होगा।

मकसद: ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ की जांच चाहता है नासा

मिशन का मकसद ओरियन स्पेसक्राफ्ट के ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ की जांच करना है। नासा यह देखना चाहता है कि अंतरिक्ष में इंसानों के रहने के लिए यह कितना सुरक्षित है। यान अभी चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरेगा, लेकिन भविष्य में चंद्रमा पर इंसानों के बसने के रास्ते को आसान बनाएगा।

4 एस्ट्रोनॉट्स: पहली बार कोई महिला चांद के करीब पहुचेगी

मिशन में नासा के तीन और कनाडाई स्पेस एजेंसी (CSA) का एक अंतरिक्ष यात्री शामिल है।

1. रीड वाइजमैन: यूएस नेवी के टेस्ट पायलट रह चुके वाइजमैन (50) इस मिशन के लिए कमांडर हैं। 2014 में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर 6 महीने बिताने वाले वाइजमैन जमीन पर ऊंचाई से डरते हैं। 2020 में अपनी पत्नी को खोने के बाद वाइजमैन अपनी दो बेटियों की अकेले परवरिश कर रहे हैं।

2. क्रिस्टीना कोच: इंजीनियर और फिजिसिस्ट क्रिस्टीना कोच (47) मिशन स्पेशलिस्ट हैं। वह अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक रहने वाली महिला (328 दिन) का रिकॉर्ड बना चुकी हैं। बचपन में अपोलो-8 की खींची गई ‘अर्थराइज’ फोटो देखकर उन्होंने अंतरिक्ष यात्री बनने की ठानी थी।

3. जेरेमी हैनसन: कनाडा के पूर्व फाइटर पायलट जेरेमी हैनसन (50) मिशन स्पेशलिस्ट हैं। अगर सब-कुछ प्लान के मुताबिक रहा तो हैनसन इस मिशन के जरिए चांद तक पहुंचने वाले पहले गैर-अमेरिकी बनेंगे। हैनसन अपने साथ कनाडा का मशहूर मैपल सिरप और कुकीज ले जाएंगे।

4. विक्टर ग्लोवर: मिशन के लिए पायलट के तौर पर चुने गए ग्लोवर (49) चांद के करीब पहुंचने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति होंगे। ग्लोवर अपने साथ बाइबिल, अपनी शादी की अंगूठियां ले जाएंगे। वे कहते हैं कि ब्रह्मांड में अपनी जगह को तलाशना और सीखना ही इंसान होने का असली मतलब है।

लॉन्च पैड की ओर बढ़ते अंतरिक्ष यात्री (बाएं से दाएं) जेरेमी हैनसन, क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर और रीड वाइजमैन; केनेडी स्पेस सेंटर में लॉन्च डे रिहर्सल के दौरान की तस्वीर।

लॉन्च पैड की ओर बढ़ते अंतरिक्ष यात्री (बाएं से दाएं) जेरेमी हैनसन, क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर और रीड वाइजमैन; केनेडी स्पेस सेंटर में लॉन्च डे रिहर्सल के दौरान की तस्वीर।

अगला कदम: चांद की सतह पर उतरने की तैयारी

आर्टेमिस-II के बाद नासा ‘आर्टेमिस-III’ मिशन पर काम करेगा। उसमें डॉकिंग सिस्टम की टेस्टिंग होगी। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो साल 2028 में आर्टेमिस-IV के जरिए इंसान एक बार फिर चांद पर कदम रखेगा। इससे पहले 2022 में मानवरहित आर्टेमिस-1 भेजा गया था।

अपोलो और आर्टेमिस प्रोग्राम में बड़ा अंतर

70 के दशक में हुए अपोलो मिशन का मुख्य उद्देश्य सोवियत संघ के साथ चल रही ‘स्पेस रेस’ में खुद को बेहतर साबित करना था। लेकिन आर्टेमिस प्रोग्राम पूरी तरह से भविष्य की तैयारी है।

नासा इस बार चांद पर एक स्थायी बेस बनाना चाहता है, ताकि इंसान वहां रहकर काम करना सीख सके। यह अनुभव भविष्य में मंगल पर जाने के सपने को पूरा करने में मदद करेगा।

साल 1969 में चंद्रमा की सतह पर अमेरिकी झंडे के पास खड़े अंतरिक्ष यात्री बज एल्ड्रिन।

साल 1969 में चंद्रमा की सतह पर अमेरिकी झंडे के पास खड़े अंतरिक्ष यात्री बज एल्ड्रिन।

यूट्यूब और नासा की वेबसाइट पर 24/7 कवरेज

दुनियाभर के लोग इस ऐतिहासिक पल को घर बैठे देख सकते हैं। नासा अपने यूट्यूब चैनल और ‘NASA+’ प्लेटफॉर्म पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग करेगा। ओरियन स्पेसक्राफ्ट के अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद वहां से लाइव व्यूज भी शेयर किए जाएंगे।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

March 20, 2026/
6:56 pm

Delhi Air pollution and Lung Cancer: दिल्ली-एनसीआर की प्रदूषित हवा को लेकर कहा जाता है कि इसमें सांस लेने से...

विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप की प्राइजमनी 10 % बढ़ी:ICC ने टूर्नामेंट की कुल राशि ₹82 करोड़ तय की, विजेता टीम को ₹21.8 करोड़ मिलेंगे

April 14, 2026/
8:12 am

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने अगले साल होने वाले विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के लिए इनामी राशि का ऐलान कर...

Crude Oil Jumps 27% to $92 Amid Tensions

March 8, 2026/
4:00 am

नई दिल्ली3 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर पेट्रोल-डीजल से जुड़ी रही। मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव से देश...

नीमच में कांग्रेस का प्रदर्शन:गेहूं खरीदी में देरी पर सरकार को घेरा; किसानों की समस्याओं और जर्जर सड़कों को लेकर ज्ञापन दिया

April 9, 2026/
9:27 pm

नीमच के फोर जीरो-भारत माता चौराहा पर गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस...

जज पर एडिशनल सेशन जज के घर चोरी के आरोप:पटियाला में सिविल जज के खिलाफ 7 महीने बाद FIR, कोर्ट ने बेल रिजेक्ट की

April 4, 2026/
6:14 pm

पंजाब के पटियाला में सिविल जज पर एडिशनल सेशन जज के घर में चोरी करने के आरोप लगे हैं। सिविल...

अशोकनगर में शिक्षकों का मशाल जुलूस:टीईटी परीक्षा रद्द करने की मांग; 18 अप्रैल को भोपाल में करेंगे सीएम हाउस का घेराव

April 13, 2026/
8:03 am

अशोकनगर शहर में टीईटी (TET) परीक्षा निरस्त करने और नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता देने की मांग को लेकर सोमवार रात...

फ्रांस में 100 से ज्यादा स्कूलों में चाइल्ड एब्यूज स्कैंडल:3 साल की बच्ची का 'मॉनिटर' ने रेप किया; केस की खुली सुनवाई शुरू

May 27, 2026/
1:30 pm

फ्रांस इस समय एक बड़े चाइल्ड एब्यूज स्कैंडल से जूझ रहा है। पेरिस समेत 100 से ज्यादा स्कूलों और डे-केयर...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Artemis-II Mission Launch Today | NASA Moon Orbit

Artemis-II Mission Launch Today | NASA Moon Orbit

वॉशिंगटन2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा आज 2 अप्रैल को ‘आर्टेमिस-2’ मिशन लॉन्च करेगा। सुबह 3:54 बजे ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना होगा। फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से ये लॉन्चिंग होगी।

साल 1972 में ‘अपोलो-17’ के बाद यह पहला मौका है जब कोई इंसान पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) को पार कर चांद के करीब पहुंचेगा। चारों यात्री इस मिशन में चांद के चारों ओर चक्कर लगाएंगे और फिर वापस धरती पर लौटेंगे। ये मिशन करीब 10 दिनों का होगा।

'स्पेस लॉन्च सिस्टम' (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना होगा।

‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना होगा।

मकसद: ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ की जांच चाहता है नासा

मिशन का मकसद ओरियन स्पेसक्राफ्ट के ‘लाइफ सपोर्ट सिस्टम’ की जांच करना है। नासा यह देखना चाहता है कि अंतरिक्ष में इंसानों के रहने के लिए यह कितना सुरक्षित है। यान अभी चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरेगा, लेकिन भविष्य में चंद्रमा पर इंसानों के बसने के रास्ते को आसान बनाएगा।

4 एस्ट्रोनॉट्स: पहली बार कोई महिला चांद के करीब पहुचेगी

मिशन में नासा के तीन और कनाडाई स्पेस एजेंसी (CSA) का एक अंतरिक्ष यात्री शामिल है।

1. रीड वाइजमैन: यूएस नेवी के टेस्ट पायलट रह चुके वाइजमैन (50) इस मिशन के लिए कमांडर हैं। 2014 में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर 6 महीने बिताने वाले वाइजमैन जमीन पर ऊंचाई से डरते हैं। 2020 में अपनी पत्नी को खोने के बाद वाइजमैन अपनी दो बेटियों की अकेले परवरिश कर रहे हैं।

2. क्रिस्टीना कोच: इंजीनियर और फिजिसिस्ट क्रिस्टीना कोच (47) मिशन स्पेशलिस्ट हैं। वह अंतरिक्ष में सबसे लंबे समय तक रहने वाली महिला (328 दिन) का रिकॉर्ड बना चुकी हैं। बचपन में अपोलो-8 की खींची गई ‘अर्थराइज’ फोटो देखकर उन्होंने अंतरिक्ष यात्री बनने की ठानी थी।

3. जेरेमी हैनसन: कनाडा के पूर्व फाइटर पायलट जेरेमी हैनसन (50) मिशन स्पेशलिस्ट हैं। अगर सब-कुछ प्लान के मुताबिक रहा तो हैनसन इस मिशन के जरिए चांद तक पहुंचने वाले पहले गैर-अमेरिकी बनेंगे। हैनसन अपने साथ कनाडा का मशहूर मैपल सिरप और कुकीज ले जाएंगे।

4. विक्टर ग्लोवर: मिशन के लिए पायलट के तौर पर चुने गए ग्लोवर (49) चांद के करीब पहुंचने वाले पहले अश्वेत व्यक्ति होंगे। ग्लोवर अपने साथ बाइबिल, अपनी शादी की अंगूठियां ले जाएंगे। वे कहते हैं कि ब्रह्मांड में अपनी जगह को तलाशना और सीखना ही इंसान होने का असली मतलब है।

लॉन्च पैड की ओर बढ़ते अंतरिक्ष यात्री (बाएं से दाएं) जेरेमी हैनसन, क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर और रीड वाइजमैन; केनेडी स्पेस सेंटर में लॉन्च डे रिहर्सल के दौरान की तस्वीर।

लॉन्च पैड की ओर बढ़ते अंतरिक्ष यात्री (बाएं से दाएं) जेरेमी हैनसन, क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर और रीड वाइजमैन; केनेडी स्पेस सेंटर में लॉन्च डे रिहर्सल के दौरान की तस्वीर।

अगला कदम: चांद की सतह पर उतरने की तैयारी

आर्टेमिस-II के बाद नासा ‘आर्टेमिस-III’ मिशन पर काम करेगा। उसमें डॉकिंग सिस्टम की टेस्टिंग होगी। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो साल 2028 में आर्टेमिस-IV के जरिए इंसान एक बार फिर चांद पर कदम रखेगा। इससे पहले 2022 में मानवरहित आर्टेमिस-1 भेजा गया था।

अपोलो और आर्टेमिस प्रोग्राम में बड़ा अंतर

70 के दशक में हुए अपोलो मिशन का मुख्य उद्देश्य सोवियत संघ के साथ चल रही ‘स्पेस रेस’ में खुद को बेहतर साबित करना था। लेकिन आर्टेमिस प्रोग्राम पूरी तरह से भविष्य की तैयारी है।

नासा इस बार चांद पर एक स्थायी बेस बनाना चाहता है, ताकि इंसान वहां रहकर काम करना सीख सके। यह अनुभव भविष्य में मंगल पर जाने के सपने को पूरा करने में मदद करेगा।

साल 1969 में चंद्रमा की सतह पर अमेरिकी झंडे के पास खड़े अंतरिक्ष यात्री बज एल्ड्रिन।

साल 1969 में चंद्रमा की सतह पर अमेरिकी झंडे के पास खड़े अंतरिक्ष यात्री बज एल्ड्रिन।

यूट्यूब और नासा की वेबसाइट पर 24/7 कवरेज

दुनियाभर के लोग इस ऐतिहासिक पल को घर बैठे देख सकते हैं। नासा अपने यूट्यूब चैनल और ‘NASA+’ प्लेटफॉर्म पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग करेगा। ओरियन स्पेसक्राफ्ट के अंतरिक्ष में पहुंचने के बाद वहां से लाइव व्यूज भी शेयर किए जाएंगे।

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.