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गर्मी में थकान का रामबाण, यह पारंपरिक मिठाई देती है तुरंत एनर्जी और ठंडक, एक्सपर्ट से जानें नाम और सेवन का सही तरीका

खुले आसमान के नीचे बेहतरीन स्वाद का मजा...इन होटलों में हर बाइट लगे Bliss!

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पलामू जिले के आयुर्वेद के जानकर पुरुषार्थी पवन आर्य ने बताया कि बताशा एक पारंपरिक मिठाई है, जो चीनी या गुड़ के घोल से तैयार की जाती है. सफेद रंग की यह हल्की मिठाई लंबे समय से मेहमान नवाजी और गर्मी में राहत देने के लिए इस्तेमाल होती रही है. बताशा में कार्बोहाइड्रेट और ग्लूकोज की पर्याप्त मात्रा होती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है.

गर्मी का मौसम शुरू होते ही शरीर में पानी की कमी और थकान की समस्या बढ़ जाती है. तेज धूप और पसीने के कारण शरीर जल्दी कमजोर महसूस करने लगता है. ऐसे में लोग ठंडे पेय और मीठी चीजों का सेवन करते हैं, लेकिन कई बार बाजार में मिलने वाले पेय पदार्थ स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक भी साबित होते हैं. वहीं पारंपरिक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली कुछ चीजें आज भी सुरक्षित और फायदेमंद मानी जाती हैं. इन्हीं में से एक है बताशा, जो गर्मियों में शरीर को ठंडक और तुरंत ऊर्जा देने के लिए जाना जाता है.

पलामू जिले के आयुर्वेद के जानकर पुरुषार्थी पवन आर्य ने बताया कि बताशा एक पारंपरिक मिठाई है, जो चीनी या गुड़ के घोल से तैयार की जाती है. सफेद रंग की यह हल्की मिठाई लंबे समय से मेहमान नवाजी और गर्मी में राहत देने के लिए इस्तेमाल होती रही है. आयुष चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार बताशा में कार्बोहाइड्रेट और ग्लूकोज की पर्याप्त मात्रा होती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है. गर्मियों में ठंडे पानी के साथ इसका सेवन करने से शरीर में तरोताजगी आती है और कमजोरी महसूस नहीं होती.

गर्मियों में देता है तुरंत एनर्जी
बताशा का सेवन बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी कर सकते हैं. इसमें मौजूद शर्करा शरीर में तुरंत घुलकर ऊर्जा का स्तर बढ़ाती है. तेज धूप में बाहर से आने के बाद यदि ठंडे पानी के साथ तीन से चार बताशे खाए जाएं तो शरीर को राहत मिलती है. इससे थकान दूर होती है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है.कई लोग इसे प्राकृतिक एनर्जी बूस्टर के रूप में भी इस्तेमाल करते हैं. पुराने समय में जब यात्रा के साधन सीमित थे, तब लंबी दूरी तय करके आने वाले मेहमानों को बताशा और पानी दिया जाता था. माना जाता था कि इससे यात्रा की थकान तुरंत दूर हो जाती है. आज भी झारखंड और बिहार के कई क्षेत्रों में यह परंपरा देखने को मिलती है. बाजार में आसानी से मिलने वाला यह सस्ता और हल्का विकल्प गर्मियों में लोगों की पसंद बना हुआ है.

इसके सेवन से ग्लूकोज की होती है पूर्ति
गर्मी के दिनों में शरीर को ठंडक देने और तुरंत ऊर्जा पाने के लिए बताशा उपयोगी माना जाता है. ठंडे पानी के साथ इसका सेवन करने से शरीर में ग्लूकोज की पूर्ति होती है. कमजोरी दूर होती है. हालांकि विशेषज्ञ संतुलित मात्रा में सेवन की सलाह देते हैं.पारंपरिक मिठाई होने के बावजूद आज भी लोगों के लिए गर्मियों में राहत देने वाला आसान और असरदार विकल्प बना हुआ है.

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गर्मी का मौसम शुरू होते ही शरीर में पानी की कमी और थकान की समस्या बढ़ जाती है. तेज धूप और पसीने के कारण शरीर जल्दी कमजोर महसूस करने लगता है. ऐसे में लोग ठंडे पेय और मीठी चीजों का सेवन करते हैं, लेकिन कई बार बाजार में मिलने वाले पेय पदार्थ स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक भी साबित होते हैं. वहीं पारंपरिक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली कुछ चीजें आज भी सुरक्षित और फायदेमंद मानी जाती हैं. इन्हीं में से एक है बताशा, जो गर्मियों में शरीर को ठंडक और तुरंत ऊर्जा देने के लिए जाना जाता है.

पलामू जिले के आयुर्वेद के जानकर पुरुषार्थी पवन आर्य ने बताया कि बताशा एक पारंपरिक मिठाई है, जो चीनी या गुड़ के घोल से तैयार की जाती है. सफेद रंग की यह हल्की मिठाई लंबे समय से मेहमान नवाजी और गर्मी में राहत देने के लिए इस्तेमाल होती रही है. आयुष चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार बताशा में कार्बोहाइड्रेट और ग्लूकोज की पर्याप्त मात्रा होती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है. गर्मियों में ठंडे पानी के साथ इसका सेवन करने से शरीर में तरोताजगी आती है और कमजोरी महसूस नहीं होती.

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