Wednesday, 08 Apr 2026 | 07:40 PM

Trending :

तीन बाइक सवारों को ट्रैक्टर ने मारी टक्कर:एक की हालत गंभीर, दो को आईं मामूली चोटें आपके चेहरे पर भी लालपन? गोरेपन की चाह में खराब हो रही किडनी, कानपुर में ये कैसी आफत प्रियंका चोपड़ा-महेश बाबू की ‘वाराणसी’ की कहानी लीक:विलेन के मिशन पर टाइम ट्रैवल करेंगे महेश, इतिहास से 2027 तक का दिखेगा सफर अमृतसर के हरिमंदिर साहिब पहुंचे ईरानी प्रतिनिधि:​दिल्ली में खामेनेई की याद में आयोजित कार्यक्रम के लिए SGPCअध्यक्ष व जत्थेदार को दिया निमंत्रण, अमेरिका को 11वें दिन हमले की चेतावनी साइबर ठगी करने वाला मुंबई से पकड़ाया:कटनी की संस्था को डोनेशन दिलाने का झांसा दिया था; अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार Rajasthan Refinery Project Gets ₹79,459 Cr Nod; DAP Bag ₹1,350 for Farmers
EXCLUSIVE

Artemis 2 Astronauts Capture Earth Photos Near Moon; First Human Visit Since 1972

Artemis 2 Astronauts Capture Earth Photos Near Moon; First Human Visit Since 1972

1 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों चंद्रमा के नजदीक जा रहे हैं। उन्होंने रास्ते में पृथ्वी की तस्वीरें खींचीं।

नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के तहत चंद्रमा की ओर जाते हुए चार अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी की शानदार तस्वीरें खींचीं हैं। पृथ्वी नीले रंग में बेहद खूबसूरत दिख रही है। एक फोटो में पृथ्वी का घुमावदार हिस्सा दिखा जबकि दूसरी फोटो में पूरी धरती नजर आई, जिस पर सफेद बादल छाए थे।

मिशन पर गए चार अंतरिक्ष यात्री (3 अमेरिकी, 1 कनाडाई) फिलहाल पृथ्वी से करीब 1.8 लाख किलोमीटर दूर पहुंच चुके हैं। अभी उन्हें 2.4 लाख किलोमीटर और जाना है। वे 6 अप्रैल तक चंद्रमा के पास पहुंचेंगे।

1 अप्रैल को सुबह 4:05 बजे ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना हुआ था। 1972 के बाद पहली बार कोई इंसान चांद के करीब जाएगा। हालांकि एस्ट्रोनॉट चांद पर कदम नहीं रखेंगे। वे सिर्फ चांद की कक्षा का चक्कर लगाकर वापस आ जाएंगे।

मून मिशन के दौरान ली गईं 5 तस्वीरें…

54 साल में कितनी बदली पृथ्वी, 2 तस्वीरें…

एक दिन पहले ओरियन कैप्सूल ने पृथ्वी की कक्षा छोड़ी थी

आर्टेमिस-2 मिशन अब चांद की ओर बढ़ रहा है। एक दिन पहले शुक्रवार सुबह 5:19 बजे ओरियन कैप्सूल ने थ्रस्टर्स फायर किए और पृथ्वी की कक्षा छोड़ दी। अब यह अगले 4 दिन अंतरिक्ष में सफर करेगा और वहां पहुंचेगा, जहां आज तक केवल 24 इंसान पहुंच सके हैं।

पृथ्वी के ऑर्बिट को छोड़कर चांद की तरफ जाने के लिए इंजन फायर करने की इस प्रोसेस को ‘ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न’ कहते हैं। यह करीब 6 मिनट का मैन्यूवर था, जिसने यान की रफ्तार बढ़ाकर 22,000 मील प्रति घंटा यानी करीब 34 हजार किमी/घंटा कर दी।

CSA एस्ट्रोनॉट जेरेमी हैनसेन और नासा के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन, क्रिस्टीना कोच और विक्टर ग्लोवर नेओरियन स्पेसक्राफ्ट से बातचीत की।

CSA एस्ट्रोनॉट जेरेमी हैनसेन और नासा के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन, क्रिस्टीना कोच और विक्टर ग्लोवर नेओरियन स्पेसक्राफ्ट से बातचीत की।

मिशन के अगले पड़ाव…अगले 5 दिन

पांचवां दिन: चंद्रमा की ग्रेविटी में दाखिल होगा आर्टेमिस-2

5 अप्रैल मिशन के पांचवें दिन तक धरती के गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव की वजह से कैप्सूल की रफ्तार धीमी हो जाएगी। जैसे ही यह चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में दाखिल होगा, इसकी गति फिर से बढ़ने लगेगी और यह चांद की ओर तेजी से बढ़ने लगेगा।

छठा दिन: बास्केटबॉल जैसा बड़ा नजर आएगा चंद्रमा

छठे दिन ओरियन चांद की सतह से महज 6,400 किमी ऊपर से गुजरेगा। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री चांद के उस हिस्से को अपनी आंखों से देख पाएंगे, जो पृथ्वी से कभी नजर नहीं आता। खिड़की से देखने पर चांद इतना बड़ा दिखेगा, जैसे हाथ के पास कोई बास्केटबॉल रखी हो।

50 मिनट के लिए टूट सकता है संपर्क: जब ओरियन चांद के पीछे से गुजरेगा तो पृथ्वी से उसका संपर्क पूरी तरह कट सकता है। करीब 50 मिनट तक ‘कम्युनिकेशन ब्लैकआउट’ रहेगा। मिशन कंट्रोल को यान से सिग्नल नहीं मिलेगा।

पहली बार धरती से इतनी दूर पहुंचेंगे: इसी दिन अपोलो 13 का 1970 में बनाया गया धरती से सबसे ज्यादा दूरी का 400,171.18 km का रिकॉर्ड भी टूट सकता है। आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्रियों के पृथ्वी से 402,336 किमी की दूरी तक पहुंचने की उम्मीद है।

सातवां दिन: चांद की ग्रेविटी से पृथ्वी पर लौटेगा यान

सातवें दिन चांद के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकलकर यान वापस धरती की ओर अपना सफर शुरू कर देगा। आर्टेमिस-2 का रास्ता काफी हद तक 1970 के अपोलो-13 मिशन जैसा है।

यह चांद के गुरुत्वाकर्षण का इस्तेमाल ‘गुलेल’ की तरह करेगा, जो यान को वापस पृथ्वी की ओर धकेल देगा। पूरे मिशन में चारों अंतरिक्ष यात्री करीब 11.02 लाख किमी का सफर तय करेंगे।

दसवां दिन: 10 अप्रैल को प्रशांत महासागर में गिरेगा यान

भारतीय समय के अनुसार 11 अप्रैल को सुबह 6:30 बजे ओरियन पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा। 6:36 बजे यह सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में ‘स्प्लैशडाउन’ करेगा। इसके बाद ह्यूस्टन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें मिशन की जानकारी दी जाएगी।

————————————

ये खबर भी पढ़ें…

चंद्रमा की कक्षा में पहुँचने वाली पहली महिला बनेंगी क्रिस्टीना: पहली बार फेल हो गईं थीं

नासा के मून मिशन आर्टेमिस-2 की चार सदस्यीय टीम में शामिल 47 वर्षीय अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच चंद्रमा की कक्षा तक पहुंचने वाली दुनिया की पहली महिला बनने जा रही हैं। 2019-20 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 328 दिन बिताकर उन्होंने किसी महिला की सबसे लंबी एकल अंतरिक्ष यात्रा (उड़ान से लैंडिंग तक) का रिकॉर्ड बनाया था। इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
PM Modi Mann Ki Baat: AI, Holi Festival Discussion

February 22, 2026/
1:12 am

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात का आज 131वां एपिसोड प्रसारित होगा। साल...

युवक की ट्रेन की चपेट में आया युवक, मौत:शाजापुर के बेरछा स्टेशन के पास हादसा, ट्रेन से गिरने की जताई आशंका

April 3, 2026/
6:07 pm

शाजापुर के बेरछा रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार को एक युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौके पर...

9-Day Event & 5-Day Garba in March 2026

March 18, 2026/
10:41 pm

देवास में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर पहली बार माता की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। शहर में नौ दिवसीय आराधना...

पन्ना- पालधरा गांव में 9वीं के छात्र की संदिग्ध मौत:माता-पिता के साथ महुआ बीनने गया था, उसी पेड़ पर लटकी मिली लाश

April 6, 2026/
12:30 pm

पन्ना जिले के पालधरा गांव में एक 15 वर्षीय छात्र का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला। मृतक...

हैदराबाद में महिला ने अपने दो बच्चों की हत्या की:खुद भी सुसाइड किया; पति के दोबारा शादी करने से नाराज थी

April 1, 2026/
9:32 am

हैदराबाद में महिला ने दो बेटों की हत्या के बाद सुसाइड कर लिया। तीनों के शव फांसी के फंदे पर...

रतलाम-नागदा में रहेगा समर वेकेशन दो जोड़ी ट्रेन का स्टॉपेज:बांद्रा टर्मिनस-गोमती नगर और वलसाड से मऊ के बीच चलेगी

April 7, 2026/
8:18 am

समर वेकेशन के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे बांद्रा टर्मिनस-गोमती नगर एवं वलसाड से मऊ के...

वर्ल्ड अपडेट्स:अमेरिका में 13 साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न मामले में भारतीय नागरिक गिरफ्तार; डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू

February 17, 2026/
1:06 am

अमेरिका के न्यू जर्सी में एक भारतीय नागरिक को इमिग्रेशन अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। उस पर 13 साल...

IRFC Stake Sale: Govt Plans ₹5,430 Cr Raise

February 25, 2026/
10:07 am

मुंबई1 घंटे पहले कॉपी लिंक सरकार रेलवे की फाइनेंस कंपनी IRFC में अपनी 4% तक हिस्सेदारी बेच रही है। यह...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Artemis 2 Astronauts Capture Earth Photos Near Moon; First Human Visit Since 1972

Artemis 2 Astronauts Capture Earth Photos Near Moon; First Human Visit Since 1972

1 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों चंद्रमा के नजदीक जा रहे हैं। उन्होंने रास्ते में पृथ्वी की तस्वीरें खींचीं।

नासा के आर्टेमिस-2 मिशन के तहत चंद्रमा की ओर जाते हुए चार अंतरिक्ष यात्रियों ने पृथ्वी की शानदार तस्वीरें खींचीं हैं। पृथ्वी नीले रंग में बेहद खूबसूरत दिख रही है। एक फोटो में पृथ्वी का घुमावदार हिस्सा दिखा जबकि दूसरी फोटो में पूरी धरती नजर आई, जिस पर सफेद बादल छाए थे।

मिशन पर गए चार अंतरिक्ष यात्री (3 अमेरिकी, 1 कनाडाई) फिलहाल पृथ्वी से करीब 1.8 लाख किलोमीटर दूर पहुंच चुके हैं। अभी उन्हें 2.4 लाख किलोमीटर और जाना है। वे 6 अप्रैल तक चंद्रमा के पास पहुंचेंगे।

1 अप्रैल को सुबह 4:05 बजे ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम’ (SLS) ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार 4 अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर चांद की ओर रवाना हुआ था। 1972 के बाद पहली बार कोई इंसान चांद के करीब जाएगा। हालांकि एस्ट्रोनॉट चांद पर कदम नहीं रखेंगे। वे सिर्फ चांद की कक्षा का चक्कर लगाकर वापस आ जाएंगे।

मून मिशन के दौरान ली गईं 5 तस्वीरें…

54 साल में कितनी बदली पृथ्वी, 2 तस्वीरें…

एक दिन पहले ओरियन कैप्सूल ने पृथ्वी की कक्षा छोड़ी थी

आर्टेमिस-2 मिशन अब चांद की ओर बढ़ रहा है। एक दिन पहले शुक्रवार सुबह 5:19 बजे ओरियन कैप्सूल ने थ्रस्टर्स फायर किए और पृथ्वी की कक्षा छोड़ दी। अब यह अगले 4 दिन अंतरिक्ष में सफर करेगा और वहां पहुंचेगा, जहां आज तक केवल 24 इंसान पहुंच सके हैं।

पृथ्वी के ऑर्बिट को छोड़कर चांद की तरफ जाने के लिए इंजन फायर करने की इस प्रोसेस को ‘ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न’ कहते हैं। यह करीब 6 मिनट का मैन्यूवर था, जिसने यान की रफ्तार बढ़ाकर 22,000 मील प्रति घंटा यानी करीब 34 हजार किमी/घंटा कर दी।

CSA एस्ट्रोनॉट जेरेमी हैनसेन और नासा के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन, क्रिस्टीना कोच और विक्टर ग्लोवर नेओरियन स्पेसक्राफ्ट से बातचीत की।

CSA एस्ट्रोनॉट जेरेमी हैनसेन और नासा के अंतरिक्ष यात्री रीड वाइसमैन, क्रिस्टीना कोच और विक्टर ग्लोवर नेओरियन स्पेसक्राफ्ट से बातचीत की।

मिशन के अगले पड़ाव…अगले 5 दिन

पांचवां दिन: चंद्रमा की ग्रेविटी में दाखिल होगा आर्टेमिस-2

5 अप्रैल मिशन के पांचवें दिन तक धरती के गुरुत्वाकर्षण के खिंचाव की वजह से कैप्सूल की रफ्तार धीमी हो जाएगी। जैसे ही यह चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में दाखिल होगा, इसकी गति फिर से बढ़ने लगेगी और यह चांद की ओर तेजी से बढ़ने लगेगा।

छठा दिन: बास्केटबॉल जैसा बड़ा नजर आएगा चंद्रमा

छठे दिन ओरियन चांद की सतह से महज 6,400 किमी ऊपर से गुजरेगा। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री चांद के उस हिस्से को अपनी आंखों से देख पाएंगे, जो पृथ्वी से कभी नजर नहीं आता। खिड़की से देखने पर चांद इतना बड़ा दिखेगा, जैसे हाथ के पास कोई बास्केटबॉल रखी हो।

50 मिनट के लिए टूट सकता है संपर्क: जब ओरियन चांद के पीछे से गुजरेगा तो पृथ्वी से उसका संपर्क पूरी तरह कट सकता है। करीब 50 मिनट तक ‘कम्युनिकेशन ब्लैकआउट’ रहेगा। मिशन कंट्रोल को यान से सिग्नल नहीं मिलेगा।

पहली बार धरती से इतनी दूर पहुंचेंगे: इसी दिन अपोलो 13 का 1970 में बनाया गया धरती से सबसे ज्यादा दूरी का 400,171.18 km का रिकॉर्ड भी टूट सकता है। आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्रियों के पृथ्वी से 402,336 किमी की दूरी तक पहुंचने की उम्मीद है।

सातवां दिन: चांद की ग्रेविटी से पृथ्वी पर लौटेगा यान

सातवें दिन चांद के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र से बाहर निकलकर यान वापस धरती की ओर अपना सफर शुरू कर देगा। आर्टेमिस-2 का रास्ता काफी हद तक 1970 के अपोलो-13 मिशन जैसा है।

यह चांद के गुरुत्वाकर्षण का इस्तेमाल ‘गुलेल’ की तरह करेगा, जो यान को वापस पृथ्वी की ओर धकेल देगा। पूरे मिशन में चारों अंतरिक्ष यात्री करीब 11.02 लाख किमी का सफर तय करेंगे।

दसवां दिन: 10 अप्रैल को प्रशांत महासागर में गिरेगा यान

भारतीय समय के अनुसार 11 अप्रैल को सुबह 6:30 बजे ओरियन पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेगा। 6:36 बजे यह सैन डिएगो के पास प्रशांत महासागर में ‘स्प्लैशडाउन’ करेगा। इसके बाद ह्यूस्टन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी, जिसमें मिशन की जानकारी दी जाएगी।

————————————

ये खबर भी पढ़ें…

चंद्रमा की कक्षा में पहुँचने वाली पहली महिला बनेंगी क्रिस्टीना: पहली बार फेल हो गईं थीं

नासा के मून मिशन आर्टेमिस-2 की चार सदस्यीय टीम में शामिल 47 वर्षीय अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टीना कोच चंद्रमा की कक्षा तक पहुंचने वाली दुनिया की पहली महिला बनने जा रही हैं। 2019-20 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 328 दिन बिताकर उन्होंने किसी महिला की सबसे लंबी एकल अंतरिक्ष यात्रा (उड़ान से लैंडिंग तक) का रिकॉर्ड बनाया था। इस मुकाम तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.