आयुष्मान भारत योजना के तहत मध्यप्रदेश में अस्पतालों की गुणवत्ता सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर सहित चार बड़े शहरों में 126 अस्पतालों की संबद्धता समाप्त की जा रही है, क्योंकि उन्होंने अब तक NABH सर्टिफिकेट की जा
.
आयुष्मान भारत मध्यप्रदेश के सीईओ डॉ. योगेश भरसट ने कहा कि यह कदम अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। उन्होंने बताया कि नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है, ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित इलाज मिल सके। जहां एक ओर गैर-मानक अस्पतालों पर सख्ती की जा रही है, वहीं दूसरी ओर बेहतर सुविधाएं देने वाले अस्पतालों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। आने वाले समय में इससे मरीजों को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिलने की उम्मीद है।
4 शहरों में 398 अस्पताल थे इंपैनल्ड
आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश के प्रमुख शहर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में यह बड़ा बदलाव लागू किया जा रहा है। इन शहरों में कुल 398 अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत इंपैनल्ड हैं, लेकिन इनमें से 126 अस्पताल ऐसे पाए गए, जिन्होंने अब तक NABH (नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स) सर्टिफिकेट की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई।
नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब
आयुष्मान कार्यालय के अनुसार, इन अस्पतालों को पहले नोटिस जारी कर दोबारा आवेदन का अवसर दिया गया था। इसके बावजूद जब तय समय तक जानकारी नहीं दी गई, तो अब उनकी संबद्धता समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रविवार को संबंधित अस्पतालों को इस संबंध में अंतिम नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
NABH सर्टिफिकेट क्यों है जरूरी
NABH (National Accreditation Board for Hospitals and Healthcare Providers) सर्टिफिकेट अस्पतालों की गुणवत्ता और सुरक्षा का प्रमाण होता है। इसमें 600 से अधिक मानकों पर अस्पतालों की जांच की जाती है, जिसमें मरीजों की सुरक्षा, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, नर्सिंग स्टाफ, इमरजेंसी सेवाएं और सर्जरी की प्रक्रियाएं शामिल होती हैं। सरकार का मानना है कि यह सर्टिफिकेट मरीजों को सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज की गारंटी देता है।
फुल NABH वालों को मिलेगा सीधा फायदा
जिन अस्पतालों के पास पहले से फुल NABH सर्टिफिकेट है, उन्हें आवेदन करते ही “डीम्ड इंपैनलमेंट” का लाभ मिलेगा। ऐसे अस्पतालों को अलग से निरीक्षण की जरूरत नहीं होगी और वे सीधे योजना से जुड़ सकेंगे। वहीं, अन्य अस्पतालों को पहले एंट्री लेवल NABH लेना होगा और तीन साल के भीतर फुल NABH सर्टिफिकेट हासिल करना अनिवार्य होगा।
क्वालिटी के हिसाब से मिलेगा भुगतान
आयुष्मान योजना में अब अस्पतालों को उनकी गुणवत्ता के आधार पर भुगतान भी किया जाएगा। फुल NABH अस्पतालों को क्लेम राशि का 115% भुगतान मिलेगा। एंट्री लेवल NABH अस्पतालों को 10% अतिरिक्त भुगतान दिया जाएगा। इससे अस्पतालों को बेहतर सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
मरीजों के फीडबैक से होगी निगरानी
अब मरीज भी अस्पतालों की गुणवत्ता तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। मोबाइल ऐप के जरिए मरीज अपने इलाज का फीडबैक दे सकेंगे, जिसके आधार पर अस्पतालों की सेवाओं का मूल्यांकन किया जाएगा। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और खराब प्रदर्शन करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई आसान होगी।
भोपाल के इन अस्पतालों की संबद्धता समाप्त
- स्मार्ट सिटी हॉस्पिटल
- ऑर्थोकेयर हॉस्पिटल
- यूनिक हॉस्पिटल
- अयोष्या श्री हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर एलएलपी
- डीकेएस मल्टीस्पेशियलिटी ट्रॉमा एंड क्रिटिकल केयर सेंटर
- बालाजी फ्रैक्चर एंड जनरल हॉस्पिटल
- यश हॉस्पिटल
- हेल्थ स्टार मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- अटल मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- पीबीजीएम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
- सूर्यांश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- लाइफ लाइन हॉस्पिटल
- अनंतश्री हॉस्पिटल
- वी केयर चिल्ड्रन हॉस्पिटल
- महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च
- आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
- पुष्पांजलि सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- रक्षा हॉस्पिटल
- न्यूरॉन ट्रॉमा सेंटर एंड मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटलसंजीवनी हॉस्पिटल
- सहज हॉस्पिटल
- बालाजी चिल्ड्रन हॉस्पिटल
- गुडविल हॉस्पिटल
- वीनस कॉलेज एंड हॉस्पिटल (VCH हॉस्पिटल)
- अल रशीद चैरिटेबल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
- संकल्प मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- एबी हॉस्पिटल
- पारसनाथ हॉस्पिटल
- आरोग्य निधि हॉस्पिटल
- एमडीसी हॉस्पिटल
- साई श्रद्धा हॉस्पिटल
- अजवानी आई केयर सेंटर (डे केयर सेंटर)
- शिवाय हॉस्पिटल
- मयूर हॉस्पिटल
- सचिन ममता हॉस्पिटल
- शुभम हॉस्पिटल
- भोपाल टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर
- पालीवाल मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- होप हॉस्पिटल
- स्वामी विवेकानंद रीजनल स्पाइन सेंटर
- मुस्कान चिल्ड्रन एंड जनरल हॉस्पिटल
- अविसेना मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटलमैक्स मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- ग्रीन सिटी हॉस्पिटल
- केयर एंड क्योर मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- करोंद मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- वीएनएस हॉस्पिटल
- सेंट्रल हॉस्पिटल
ग्वालियर के अस्पताल
- डॉ. मुद्गल स्पर्श हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
- मानसरोवर केयर हॉस्पिटल
- रतन ज्योति नेत्रालय
- कल्याण मेमोरियल एंड केडीजे
- कल्याण मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- अग्रवाल हॉस्पिटल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट
- साइट केयर आई हॉस्पिटल
- लाइफ केयर हॉस्पिटल
- सोहम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
- रतन ज्योति डालमिया हार्ट इंस्टीट्यूट
- कल्पना मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल एंड डायग्नोस्टिक सेंटर
- लिंक हॉस्पिटल
- ब्रह्माणी हॉस्पिटल
- जनक सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- आईटीएम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
- श्री भारत हॉस्पिटल
- चिरायु मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- एसआर मेमोरियल हॉस्पिटल
- रिम्स हॉस्पिटल
- नारायणा हॉस्पिटल
- सहारा हॉस्पिटल
- वैदांश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- गालव हॉस्पिटल
- श्रीमती रामादेवी स्मृति मैटरनिटी एंड नर्सिंग होम
- सिटी लाइफ मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- इंडस हॉस्पिटल
- अमरनाथ मल्टी स्पेशियलिटी एंड ट्रॉमा सेंटर
- रामदास हॉस्पिटल एंड न्यूरो ट्रॉमा सेंटर
- सर्वधर्म मल्टी हॉस्पिटल
- कोणार्क हॉस्पिटल
- एसबीएम हॉस्पिटल
- शिवाय मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- डॉक्टर प्लस मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- श्रीराम मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- शाश्वत हॉस्पिटल
- हेल्थ प्लस मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- लीला मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- ग्लोबल स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
इंदौर के अस्पताल
- बारोद हॉस्पिटल
- बंथिया हॉस्पिटल
- यूनिक सुपरस्पेशियलिटी सेंटर नीमा हॉस्पिटल्स प्रा. लि.
- सलूजा आई केयर सेंटर
- नारायणी हॉस्पिटल
- गुरुजी सेवा न्यास
- चोइथराम नेत्रालय
- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेड एंड नेक ऑन्कोलॉजी (इंदौर कैंसर फाउंडेशन ट्रस्ट)
- चरक हॉस्पिटल प्रा. लि.
- वेदांत हॉस्पिटल
- संकारा आई सेंटर
- पीएटी हॉस्पिटल
- खंडेलवाल हॉस्पिटल
- लक्ष्मी मेमोरियल हॉस्पिटल
- एसएमएस एनर्जी हॉस्पिटल
- अरिहंत हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
- मोहक हाईटेक स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- शीफा मेडिकल सेंटर
- गीता भवन हॉस्पिटल
- सेवाकुंज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
- गेटवेल हॉस्पिटल
- न्यू इंदौर सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- मेडिस्टा हॉस्पिटल
- प्रमिला हॉस्पिटल एंड आईवीएफ सेंटर
- एमएम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर
- दर्श हॉस्पिटल
- भंडारी हॉस्पिटल
- एसीआई सुपरस्पेशियलिटी हॉस्पिटल (एशियन कैंसर इंस्टीट्यूट)
जबलपुर के अस्पताल
- पीजी मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- मोहनलाल हरगोविंददास पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट हॉस्पिटल
- कोठारी हॉस्पिटल
- जमदार हॉस्पिटल प्रा. लि.
- नेशनल हॉस्पिटल
- सिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर प्रा. लि.
- समर्थ श्री मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल
- शीतल छाया हॉस्पिटल प्रा. लि.
- जेके हॉस्पिटल
- अपोलो हॉस्पिटल (ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड हेल्थकेयर)दादा वीरेंद्र पुरी जी आई इंस्टीट्यूट














































