Tuesday, 25 Aug 2026 | 02:24 AM

Trending :

EXCLUSIVE

दो भाई और एआई ने बनाई 15,000 करोड़ की कंपनी:ऑल्टमैन की भविष्यवाणी सच, कहा था- एआई की बदौलत अकेला इंसान 1 अरब डॉलर की कंपनी खड़ी करेगा

दो भाई और एआई ने बनाई 15,000 करोड़ की कंपनी:ऑल्टमैन की भविष्यवाणी सच, कहा था- एआई की बदौलत अकेला इंसान 1 अरब डॉलर की कंपनी खड़ी करेगा

मैथ्यू गैलेगर (41) लॉस एंजिलिस के एक घर से जो कर दिखाया, वो दुनिया के बड़े-बड़े उद्यमियों को हैरत में डाल रहा है। न कोई बड़ी टीम और न चमचमाता दफ्तर- बस एक लैपटॉप, कुछ एआई टूल्स और गजब का जुनून। नतीजा- महज दो महीने और 20,000 डॉलर (अभी के हिसाब से 18.5 लाख रुपए) के निवेश से एक ऐसी कंपनी खड़ी हो गई, जो इस साल 16,700 करोड़ रुपए का कारोबार करने की राह पर है। गैलेगर की कंपनी मेडवी टेलीहेल्थ प्लेटफॉर्म चलाती है, जो वजन घटाने वाली जीएलपी-1 दवाएं ऑनलाइन बेचता है। सितंबर 2024 में जब मेडवी शुरू हुई, तो पहले ही महीने 300 ग्राहक जुड़ गए। दूसरे महीने यह संख्या 1,000 और बढ़ गई। 2025 में कंपनी के पहले पूरे कारोबारी साल में मेडवी ने 40.1 करोड़ डॉलर (3,700 करोड़ रुपए) की बिक्री की। इस पर 16.2% यानी करीब 600 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ, जो इस सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिम्स के 5.5% मुनाफे से कई गुना ज्यादा है। तेज निर्णय मेडवी की सबसे बड़ी ताकत है – गैलेगर ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने 2024 में कहा था कि एआई की बदौलत जल्द एक अकेला इंसान 1 अरब डॉलर की कंपनी खड़ी कर सकेगा। मेडवी की कहानी सुनकर ऑल्टमैन ने कहा कि उन्होंने तकनीकी दोस्तों से एक दांव लगाया था और शायद वो जीत गए। गैलेगर ने कहा, ‘मैं तेजी से फैसले करता हूं। यही मेडवी की सबसे बड़ी ताकत है।’ 12 से ज्यादा एआई टूल्स संभाल रहे मेडवी का पूरा बिजनेस गैलेगर ने कंपनी बनाने में दर्जनभर एआई टूल्स की मदद ली। चैटजीपीटी, क्लॉड, ग्रोक से कोडिंग करवाई। ‘मिडजर्नी’ और ‘रनवे’ से विज्ञापन के लिए तस्वीरें और वीडियो बनाए। इलेवनलैब्स से ग्राहक सेवा के लिए एआई वॉइस सिस्टम तैयार किया। अपनी आवाज का एआई क्लोन भी बनाया, ताकि व्यक्तिगत अपॉइंटमेंट लेने जैसे काम एआई संभाल सकें। दवा डिलीवरी, डॉक्टरों का नेटवर्क और कंप्लायंस जैसे काम केयरवैलिडेट, ओपनलूप हेल्थ जैसे प्लेटफॉर्म्स कर रहे हैं। एकमात्र कर्मचारी, वो भी संस्थापक का अपना ही भाई काम बढ़ा तो गैलेगर ने छोटे भाई एलियट को रखा। ये कंपनी के इकलौते कर्मचारी हैं। एलियट का काम है भाई तक आने वाले फालतू संदेश, कॉल्स फिल्टर करना, ताकि वो असली काम पर ध्यान दे सकें। इससे पहले गैलेगर ने 60 कर्मियों वाली ‘वॉच गैंग’ कंपनी चलाई थी। वो मुनाफे में नहीं आ पाई। इससे उन्होंने सीखा- ज्यादा लोग मतलब ज्यादा खर्च और धीमे फैसले। रोजाना 28 करोड़ रुपए कमाई, इससे बेघर युवाओं की मदद गैलेगर अब हर रोज 30 लाख डॉलर (28 करोड़ रुपए) से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं। लेकिन पूरी कमाई वो खुद नहीं रखते। मुनाफे के एक बड़े हिस्से से बेघर युवाओं और पशु कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं/लोगों की मदद करते हैं। गैलेगर का बिजनेस मॉडल अब प्रेरणा का रोचक स्रोत है। बेघर बचपन से शुरू हुई यह यात्रा आज एक मिसाल बन गई है- इस बात की कि एआई के मौजूदा दौर में कल्पना और हुनर हो, तो कुछ भी असंभव नहीं है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
खीरा बनाम ककड़ी: खीरा या ककड़ी...गर्मी में सेहत के लिए सबसे बड़ा चमत्कारी कौन है?

March 29, 2026/
11:10 pm

खीरा बनाम ककड़ी: तापती गर्मी और चिलचिलाती लू में हमें खेडा और ककड़ी सबसे ज्यादा बचती है। ये दोनों रसायन...

दुनिया के 16 नेताओं से छोटे हैं ट्रम्प:91% नेताओं से ज्यादा उम्रदराज, उनसे 10 साल ज्यादा सऊदी किंग की उम्र

June 16, 2026/
2:28 pm

डोनाल्ड ट्रम्प इस हफ्ते 16 जून को 80 साल के हो गए। राष्ट्रपति पद पर रहते हुए 80 साल की...

तस्वीर का विवरण

June 2, 2026/
5:18 pm

आम में प्राकृतिक शर्करा की मात्रा काफी अधिक होती है। इसलिए जिन लोगों को टकराव की समस्या है, उन्हें आम...

लाइव कॉन्सर्ट में रो पड़ीं सुनिधि चौहान:गले में खराश की वजह से आवाज खराब हुई, फैंस से मांगी माफी; कहा- 100% देना चाहती थी

March 10, 2026/
10:14 am

भारत की मशहूर सिंगर सुनिधि चौहान इन दिनों अपने इंडिया म्यूजिकल टूर पर हैं। इसी दौरान लखनऊ में हुए एक...

India Builds New Oil Reserve

June 19, 2026/
7:37 pm

नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान हुए तेल संकट से सबक लेकर केंद्र सरकार ने...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

दो भाई और एआई ने बनाई 15,000 करोड़ की कंपनी:ऑल्टमैन की भविष्यवाणी सच, कहा था- एआई की बदौलत अकेला इंसान 1 अरब डॉलर की कंपनी खड़ी करेगा

दो भाई और एआई ने बनाई 15,000 करोड़ की कंपनी:ऑल्टमैन की भविष्यवाणी सच, कहा था- एआई की बदौलत अकेला इंसान 1 अरब डॉलर की कंपनी खड़ी करेगा

मैथ्यू गैलेगर (41) लॉस एंजिलिस के एक घर से जो कर दिखाया, वो दुनिया के बड़े-बड़े उद्यमियों को हैरत में डाल रहा है। न कोई बड़ी टीम और न चमचमाता दफ्तर- बस एक लैपटॉप, कुछ एआई टूल्स और गजब का जुनून। नतीजा- महज दो महीने और 20,000 डॉलर (अभी के हिसाब से 18.5 लाख रुपए) के निवेश से एक ऐसी कंपनी खड़ी हो गई, जो इस साल 16,700 करोड़ रुपए का कारोबार करने की राह पर है। गैलेगर की कंपनी मेडवी टेलीहेल्थ प्लेटफॉर्म चलाती है, जो वजन घटाने वाली जीएलपी-1 दवाएं ऑनलाइन बेचता है। सितंबर 2024 में जब मेडवी शुरू हुई, तो पहले ही महीने 300 ग्राहक जुड़ गए। दूसरे महीने यह संख्या 1,000 और बढ़ गई। 2025 में कंपनी के पहले पूरे कारोबारी साल में मेडवी ने 40.1 करोड़ डॉलर (3,700 करोड़ रुपए) की बिक्री की। इस पर 16.2% यानी करीब 600 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ, जो इस सेक्टर की दिग्गज कंपनी हिम्स के 5.5% मुनाफे से कई गुना ज्यादा है। तेज निर्णय मेडवी की सबसे बड़ी ताकत है – गैलेगर ओपन एआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने 2024 में कहा था कि एआई की बदौलत जल्द एक अकेला इंसान 1 अरब डॉलर की कंपनी खड़ी कर सकेगा। मेडवी की कहानी सुनकर ऑल्टमैन ने कहा कि उन्होंने तकनीकी दोस्तों से एक दांव लगाया था और शायद वो जीत गए। गैलेगर ने कहा, ‘मैं तेजी से फैसले करता हूं। यही मेडवी की सबसे बड़ी ताकत है।’ 12 से ज्यादा एआई टूल्स संभाल रहे मेडवी का पूरा बिजनेस गैलेगर ने कंपनी बनाने में दर्जनभर एआई टूल्स की मदद ली। चैटजीपीटी, क्लॉड, ग्रोक से कोडिंग करवाई। ‘मिडजर्नी’ और ‘रनवे’ से विज्ञापन के लिए तस्वीरें और वीडियो बनाए। इलेवनलैब्स से ग्राहक सेवा के लिए एआई वॉइस सिस्टम तैयार किया। अपनी आवाज का एआई क्लोन भी बनाया, ताकि व्यक्तिगत अपॉइंटमेंट लेने जैसे काम एआई संभाल सकें। दवा डिलीवरी, डॉक्टरों का नेटवर्क और कंप्लायंस जैसे काम केयरवैलिडेट, ओपनलूप हेल्थ जैसे प्लेटफॉर्म्स कर रहे हैं। एकमात्र कर्मचारी, वो भी संस्थापक का अपना ही भाई काम बढ़ा तो गैलेगर ने छोटे भाई एलियट को रखा। ये कंपनी के इकलौते कर्मचारी हैं। एलियट का काम है भाई तक आने वाले फालतू संदेश, कॉल्स फिल्टर करना, ताकि वो असली काम पर ध्यान दे सकें। इससे पहले गैलेगर ने 60 कर्मियों वाली ‘वॉच गैंग’ कंपनी चलाई थी। वो मुनाफे में नहीं आ पाई। इससे उन्होंने सीखा- ज्यादा लोग मतलब ज्यादा खर्च और धीमे फैसले। रोजाना 28 करोड़ रुपए कमाई, इससे बेघर युवाओं की मदद गैलेगर अब हर रोज 30 लाख डॉलर (28 करोड़ रुपए) से ज्यादा की कमाई कर रहे हैं। लेकिन पूरी कमाई वो खुद नहीं रखते। मुनाफे के एक बड़े हिस्से से बेघर युवाओं और पशु कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं/लोगों की मदद करते हैं। गैलेगर का बिजनेस मॉडल अब प्रेरणा का रोचक स्रोत है। बेघर बचपन से शुरू हुई यह यात्रा आज एक मिसाल बन गई है- इस बात की कि एआई के मौजूदा दौर में कल्पना और हुनर हो, तो कुछ भी असंभव नहीं है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.