Monday, 06 Apr 2026 | 06:53 PM

Trending :

तमिलनाडु कस्टोडियल डेथ केस- 9 पुलिसकर्मियों को मौत की सजा:6 साल पहले पिता-पुत्र की हिरासत में मौत हुई थी, लॉकडाउन में दुकान खुली रखी थी सीधी के सम्राट चौक पर कांग्रेस का प्रदर्शन:पूर्व मंत्री पटेल के नेतृत्व में महंगाई-बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों को लेकर दिया धरना गर्मी में कौन सी रोटी खाएं जिससे पेट रहे हल्का ? जानिए 6 आटों की हेल्दी रोटियां जो दूर करेंगी गैस और कब्ज की समस्या अब बिना एड्रेस प्रूफ के मिल सकेगा 5Kg वाला सिलेंडर:आधार-PAN जैसी सिर्फ एक फोटो-ID दिखानी होगी, स्टूडेंट्स-बैचलर्स और प्रवासी मजदूरों को राहत जिलाध्यक्ष बोले- कई राज्यों में भाजपा सरकार:पार्टी के 47वें स्थापना दिवस पर कार्यकर्ताओं का सम्मापन; कार्यालय पर झंडा फहराया Summer Fruit Benefits: गर्मी में तुरंत ताजगी और हेल्थ का बूस्टर! जानें ये 5 फल जो शरीर को ठंडक और पोषण देंगे
EXCLUSIVE

Delhi High Court Overturns Former Chief Minister Arvind Kejriwal Rent Assurance COVID-19 lockdown

Delhi High Court Overturns Former Chief Minister Arvind Kejriwal Rent Assurance COVID-19 lockdown
  • Hindi News
  • National
  • Delhi High Court Overturns Former Chief Minister Arvind Kejriwal Rent Assurance COVID 19 Lockdown

नई दिल्ली3 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अरविंद केजरीवाल अपने तीसरे कार्यकाल में सितंबर 2024 तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे।

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2021 के एक सिंगल जज के आदेश को पलट दिया है। उस आदेश में कहा गया था कि COVID-19 लॉकडाउन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गरीबों के किराए का भुगतान करने की घोषणा कानूनी तौर पर लागू करने लायक थी।

जस्टिस सी हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की डिवीजन बेंच ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयान को कानूनी वादा नहीं माना जा सकता, जिसे अदालतें लागू करवा सकें।

बेंच ने जोर देकर कहा कि कोई भी ‘रिट ऑफ मैंडमस’ (आदेश जारी करने का अधिकार) सरकार को ऐसे वादे को लागू करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।

कोर्ट का आदेश 3 पॉइंट्स में…

  • 29 मार्च 2020 को मुख्यमंत्री की घोषणा को लागू करने की मांग कानून की नजर में सही नहीं है, और इसलिए इसे खारिज किया जाता है।
  • यह वादा किसी भी सरकारी आदेश का हिस्सा नहीं था, यहां तक कि उसी दिन जारी किए गए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के आदेश का भी नहीं। इस आदेश को कभी चुनौती भी नहीं दी गई थी।
  • हालांकि मकान मालिक प्रवासी किराएदारों से उस समय का किराया नहीं मांग सकते, जब वे COVID-19 लॉकडाउन के कारण अपने किराए के घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। यह राहत सिर्फ लॉकडाउन के लिए है, और उसके बाद लागू नहीं होगी।

हाईकोर्ट बोला- दिल्ली सरकार फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि दिल्ली सरकार इस बारे में कोई भी नीतिगत फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है कि वह किराए का भुगतान करके किराएदारों की मदद करना चाहती है या नहीं, लेकिन अदालत सरकार को ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं कर सकती। अदालत ने आगे कहा कि ऐसे वादे के वित्तीय और व्यावहारिक असर के बारे में कुछ भी साफ नहीं है, और ऐसा लगता है कि यह बयान किसी आपातकालीन स्थिति में दिया गया था।

सिंगल जज बेंच ने क्या आदेश दिया था

मामला 22 जुलाई 2021 को एक सिंगल जज के आदेश से जुड़ा है। उस आदेश में कहा गया था कि मुख्यमंत्री के वादे को लागू करवाया जा सकता है। साथ ही बेंच ने सरकार एक तय समय-सीमा के भीतर इस पर कोई नीति बनाने का निर्देश दिया गया था। यह आदेश 5 दिहाड़ी मजदूरों की तरफ से दायर एक याचिका पर दिया गया था। ये मजदूर लॉकडाउन के दौरान अपने किराए का भुगतान करने में असमर्थ थे और चाहते थे कि सरकार मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणा को पूरा करे।

दिल्ली सरकार ने कोर्ट में कहा था- हमने अपील की थी, वादा नहीं

दिल्ली सरकार ने सिंगल जज बेंच के आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि यह बयान मकान मालिकों से सिर्फ एक अपील थी कि वे किराएदारों पर किराया देने का दबाव न डालें, न कि कोई पक्का वादा। सरकार ने दलील दी कि उसने तो सिर्फ इतना कहा था कि अगर जरूरत पड़ी, तो वह इस मामले पर विचार करेगी। इससे पहले, 27 सितंबर 2021 को डिवीजन बेंच ने सिंगल-जज के आदेश पर रोक लगा दी थी, यह कहते हुए कि इसे लागू करने से सरकार के लिए गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इस अंतिम फैसले के साथ हाईकोर्ट ने अब पिछले आदेश को रद्द कर दिया है और अपील का निपटारा कर दिया है, जिसमें खर्चों के संबंध में कोई आदेश नहीं दिया गया है।

——————————————–

ये खबर भी पढ़ें…

शराब नीति मामला- केजरीवाल दिल्ली हाईकोर्ट में आज खुद रखेंगे पक्ष

अरविंद केजरीवाल सोमवार को शराब घोटाले मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में खुद अपनी दलील रख सकते हैं। यह मामला CBI की उस याचिका पर से जुड़ा है, जिसमें ट्रायल कोर्ट से केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य 22 आरोपियों को राहत देने के आदेश को चुनौती दी गई है। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
झारखंड के चतरा में एयर एंबुलेंस क्रैश:रांची से दिल्ली जा रही थी, विमान में 7 लोग सवार थे

February 23, 2026/
10:47 pm

झारखंड से दिल्ली जा रहा एक चार्टेड प्लेन चतरा में क्रैश हो गया। यह एक एयर एंबुलेंस थी। प्लेन में...

MP, Chhattisgarh Rain Alert | Jammu, Himachal Snowfall Forecast

March 25, 2026/
5:30 am

नई दिल्ली/लखनऊ/देहरादून/शिमला/भोपाल12 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा और नई दिल्ली में कल से बारिश और...

सुप्रीम कोर्ट में शिक्षक संघ ने पुनर्विचार याचिका दायर की

March 27, 2026/
5:12 am

भास्कर संवाददाता| राजगढ़ शिक्षकों के हित में राज्य शिक्षक संघ ने पात्रता परीक्षा से जुड़े आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट...

Watch CSK vs PBKS live.

April 3, 2026/
7:52 pm

आखरी अपडेट:03 अप्रैल, 2026, 19:52 IST एलडीएफ की जीत, द्विध्रुवीय एलडीएफ यूडीएफ प्रतियोगिता, खंडित जनादेश, स्थानीय मुद्दे और गठबंधन अंकगणित...

एक फ्लैट, दो डील: 35 लाख की ठगी:फ्लैट का सौदा कर दूसरे के नाम कर दी रजिस्ट्री, दो आरोपियों के बाद महिला गिरफ्तार

April 1, 2026/
12:10 pm

इंदौर क्राइम ब्रांच ने फ्लैट बेचकर रजिस्ट्री न करने के मामले में एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस...

हेल्थ & फिटनेस

राजनीति

Delhi High Court Overturns Former Chief Minister Arvind Kejriwal Rent Assurance COVID-19 lockdown

Delhi High Court Overturns Former Chief Minister Arvind Kejriwal Rent Assurance COVID-19 lockdown
  • Hindi News
  • National
  • Delhi High Court Overturns Former Chief Minister Arvind Kejriwal Rent Assurance COVID 19 Lockdown

नई दिल्ली3 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अरविंद केजरीवाल अपने तीसरे कार्यकाल में सितंबर 2024 तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे।

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2021 के एक सिंगल जज के आदेश को पलट दिया है। उस आदेश में कहा गया था कि COVID-19 लॉकडाउन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गरीबों के किराए का भुगतान करने की घोषणा कानूनी तौर पर लागू करने लायक थी।

जस्टिस सी हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की डिवीजन बेंच ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिए गए बयान को कानूनी वादा नहीं माना जा सकता, जिसे अदालतें लागू करवा सकें।

बेंच ने जोर देकर कहा कि कोई भी ‘रिट ऑफ मैंडमस’ (आदेश जारी करने का अधिकार) सरकार को ऐसे वादे को लागू करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।

कोर्ट का आदेश 3 पॉइंट्स में…

  • 29 मार्च 2020 को मुख्यमंत्री की घोषणा को लागू करने की मांग कानून की नजर में सही नहीं है, और इसलिए इसे खारिज किया जाता है।
  • यह वादा किसी भी सरकारी आदेश का हिस्सा नहीं था, यहां तक कि उसी दिन जारी किए गए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के आदेश का भी नहीं। इस आदेश को कभी चुनौती भी नहीं दी गई थी।
  • हालांकि मकान मालिक प्रवासी किराएदारों से उस समय का किराया नहीं मांग सकते, जब वे COVID-19 लॉकडाउन के कारण अपने किराए के घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। यह राहत सिर्फ लॉकडाउन के लिए है, और उसके बाद लागू नहीं होगी।

हाईकोर्ट बोला- दिल्ली सरकार फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है

हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि दिल्ली सरकार इस बारे में कोई भी नीतिगत फैसला लेने के लिए स्वतंत्र है कि वह किराए का भुगतान करके किराएदारों की मदद करना चाहती है या नहीं, लेकिन अदालत सरकार को ऐसा करने के लिए मजबूर नहीं कर सकती। अदालत ने आगे कहा कि ऐसे वादे के वित्तीय और व्यावहारिक असर के बारे में कुछ भी साफ नहीं है, और ऐसा लगता है कि यह बयान किसी आपातकालीन स्थिति में दिया गया था।

सिंगल जज बेंच ने क्या आदेश दिया था

मामला 22 जुलाई 2021 को एक सिंगल जज के आदेश से जुड़ा है। उस आदेश में कहा गया था कि मुख्यमंत्री के वादे को लागू करवाया जा सकता है। साथ ही बेंच ने सरकार एक तय समय-सीमा के भीतर इस पर कोई नीति बनाने का निर्देश दिया गया था। यह आदेश 5 दिहाड़ी मजदूरों की तरफ से दायर एक याचिका पर दिया गया था। ये मजदूर लॉकडाउन के दौरान अपने किराए का भुगतान करने में असमर्थ थे और चाहते थे कि सरकार मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणा को पूरा करे।

दिल्ली सरकार ने कोर्ट में कहा था- हमने अपील की थी, वादा नहीं

दिल्ली सरकार ने सिंगल जज बेंच के आदेश को चुनौती देते हुए कहा था कि यह बयान मकान मालिकों से सिर्फ एक अपील थी कि वे किराएदारों पर किराया देने का दबाव न डालें, न कि कोई पक्का वादा। सरकार ने दलील दी कि उसने तो सिर्फ इतना कहा था कि अगर जरूरत पड़ी, तो वह इस मामले पर विचार करेगी। इससे पहले, 27 सितंबर 2021 को डिवीजन बेंच ने सिंगल-जज के आदेश पर रोक लगा दी थी, यह कहते हुए कि इसे लागू करने से सरकार के लिए गंभीर समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इस अंतिम फैसले के साथ हाईकोर्ट ने अब पिछले आदेश को रद्द कर दिया है और अपील का निपटारा कर दिया है, जिसमें खर्चों के संबंध में कोई आदेश नहीं दिया गया है।

——————————————–

ये खबर भी पढ़ें…

शराब नीति मामला- केजरीवाल दिल्ली हाईकोर्ट में आज खुद रखेंगे पक्ष

अरविंद केजरीवाल सोमवार को शराब घोटाले मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में खुद अपनी दलील रख सकते हैं। यह मामला CBI की उस याचिका पर से जुड़ा है, जिसमें ट्रायल कोर्ट से केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य 22 आरोपियों को राहत देने के आदेश को चुनौती दी गई है। पढ़ें पूरी खबर…

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.