देश की सबसे बड़ी आईटी (IT) कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने गुरुवार को अपने चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 12% बढ़कर 13,718 करोड़ रुपए रहा। पिछले साल इसी तिमाही में यह मुनाफा 12,247 करोड़ रुपए था। रेवेन्यू में 10% की बढ़त, 70 हजार करोड़ के पार मुनाफे के साथ-साथ कंपनी के रेवेन्यू में भी बढ़त देखी गई है। इस तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 10% बढ़कर 70,698 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। कंपनी की इस मजबूत ग्रोथ के पीछे 12 अरब डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपए) की तीन मेगा डील्स रही। FY26 की चौथी तिमाही में TCS को ₹13,718 करोड़ का मुनाफा सालाना आधार पर तिमाही आधार पर नोट: आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। 31 रुपए प्रति शेयर लाभांश देगी TCS कंपनी ने अपने शेयरधारकों को प्रति शेयर पर 31 रुपए का लाभांश यानी डिविडेंड देने का ऐलान किया है। कंपनियां अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा शेयर होल्डर्स को भी देती हैं, इसे ही लाभांश कहा जाता है। CEO बोले- हर सेक्टर में दिखा मजबूत प्रदर्शन TCS के CEO और MD के. कृतिवासन ने नतीजों पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह लगातार तीसरी तिमाही है जब कंपनी ने ग्रोथ दर्ज की है। उन्होंने कहा कि हमारी ‘फाइव पिलर स्ट्रेटेजी’ और AI पर फोकस काम कर रहा है। राहत की बात यह है कि यह ग्रोथ किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया के बड़े बाजारों और लगभग सभी इंडस्ट्रीज में देखने को मिली है। 1 साल में 20% गिरा TCS का शेयर TCS का शेयर आज यानी 9 अप्रैल को 1.20% यानी 30.80 रुपए चढ़कर 2,590 रुपए पर बंद हुआ। बीते एक महीने में कंपनी का शेयर 2.48% चढ़ा है। एक साल में करीब 20% गिरा है। कंपनी की मार्केट वैल्यू 11.71 लाख करोड़ रुपए है। 1968 में हुई थी TCS की स्थापना टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) भारत की मल्टीनेशनल इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) कंपनी है। यह टाटा ग्रुप की एक सहायक कंपनी है। TCS की स्थापना 1968 में ‘टाटा कंप्यूटर सिस्टम्स’ के रूप में हुई थी। 25 अगस्त 2004 को TCS पब्लिक लिस्टेड कंपनी बनी। 2005 में इन्फॉरमेटिक्स मार्केट में जाने वाली यह भारत की पहली कंपनी बनी। अप्रैल 2018 में 100 अरब डॉलर मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली देश की पहली IT कंपनी बनी। यह 46 देशों में 149 लोकेशन पर काम करती है।















































